
कर्नाटक के तुमकुर में पुलिस ने एक बड़े मानव तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है. तुमकुर पुलिस ने 11 महीने से लेकर 2.5 साल तक की उम्र के 9 की तस्करी का पर्दाफाश भी किया है.
पुलिस के मुताबिक कुनिगल के एक सरकारी अस्पताल में नर्स महेश और महबूब शरीफ (एक निजी अस्पताल के मालिक) ऐसे माता-पिता से बच्चे हासिल करते थे, जो बच्चे नहीं चाहते हैं. इसके बाद वह कानूनी गोद लेने की प्रक्रिया के खिलाफ जाकर बच्चों को 2-3 लाख रुपये में दूसरे दंपतियों को बेच देते थे.
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
ये बच्चे अधिकतर विवाहेतर संबंधों या विवाह पूर्व संबंधों से पैदा हुए थे. इसलिए मूल माता-पिता बच्चों को रखना नहीं चाहते थे. गैंग का कम यह था कि वह ऐसे लोगों को ढूंढते थे, जो माता-पिता बनना चाहते थे. उनमें से महिला को गर्भवती होने का नाटक कराया जाता था. इसके बाद महिला को महबूब शरीफ के तुमकुर स्थित निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया जाता था.
दूसरे माता पिता से लेते थे बच्चे
दंपत्तियों को फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के साथ अवैध रूप से गोद लिया गया बच्चा देकर निजी अस्पताल से 'डिस्चार्ज' करवा दिया जाता था. इस दौरान यह दिखावा किया जाता था कि बच्चा उनका अपना है. इन बच्चों को महेश और महबूब किसी दूसरे माता-पिता से हासिल करते थे.
दो बच्चों को लाने के लिए पुलिस रवाना
इस गैंग के पकड़ में आने के बाद पुलिस ने अब तक 6 बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया है. शिशुओं को बाल संरक्षण केंद्र में सहायता और देखभाल की जा रही है. एक शिशु की मौत की खबर है और अन्य दो शिशुओं को हैदराबाद और दावणगेरे से लाया जा रहा है.