
शिवसेना यूबीटी चीफ उद्धव ठाकरे ने मंगलवार को नागपुर दौरे पर थे. यहां मीडियाकर्मियों ने उद्धव से हाल ही में राहुल गांधी द्वारा संसद में विनायक दामोदर सावरकर को लेकर की गई टिप्पणियों पर उनकी प्रतिक्रिया जाननी चाही. इस पर उद्धव ठाकरे ने कहा, 'कांग्रेस और बीजेपी को सावरकर और नेहरू पर राजनीति बंद करनी चाहिए. इन दोनों ने देश के लिए योगदान दिया है और अब देश की जनता हमारी ओर देख रही है.'
उद्धव ठाकरे ने आगे कहा, 'इन महापुरुषों ने जो किया वह किया, अब आगे भविष्य पर बात करनी चाहिए. उनके नामों पर बहस का कोई मतलब नहीं है. हमने वीर सावरकर के लिए भारत रत्न की मांग की थी. केंद्र सरकार हमारी मांग को क्यों नजरअंदाज कर रही है? महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने भी वीर सावरकर को भारत रत्न देने के लिए केंद्र को पत्र लिखे थे, लेकिन उसका क्या हुआ? क्यों अभी तक सावरकर को यह सम्मान नहीं दिया गया? क्यों इसमें देरी हो रही है?'
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शिवसेना नेता और कल्याण के सांसद श्रीकांत शिंदे ने इस मुद्दे पर मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा, 'उद्धव ठाकरे को अधिकार नहीं है सावरकर के बारे में बात करने का. राहुल गांधी ने संसद में क्या कुछ नहीं बोला सावरकर के बारे में. उस समय उद्धव सेना के सांसद चुप बैठे थे. उन्होंने राहुल गांंधी को उस समय बोलने से क्यों नहीं रोका? हम तो वीर सावरकर की पूजा करते हैं. उद्धव ठाकरे को राहुल गांधी के सामने खड़े होकर वीडी सावरकर की तारीफ करनी चाहिए.'
राहुल गांधी ने संसद में सावरकर पर की थी टिप्पणी
राहुल गांधी में संसद में संविधान पर चर्चा के दौरान अपने भाषण में कहा, 'वीडी सावरकर ने स्पष्ट रूप से लिखा था कि हमारे संविधान में कुछ भी भारतीय नहीं है. इसलिए, जब आप (भाजपा) संविधान की रक्षा करने का दावा करते हैं, तो आप वास्तव में सावरकर का मजाक उड़ा रहे हैं, उन्हें बदनाम कर रहे हैं और उनका अनादर कर रहे हैं.' उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि सावरकर ने संविधान के स्थान पर मनुस्मृति लाने की वकालत की थी.
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श्रीकांत शिंदे ने दिया था राहुल की टिप्पणी का जवाब
इसके बाद शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के उस पत्र का हवाला देकर राहुल गांधी पर निशाना साधा था, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर हिंदुत्व विचारक विनायक दामोदर सावरकर की प्रशंसा की थी. शिवसेना सांसद ने इंदिरा गांधी द्वारा 1980 में लिखे एक पत्र का हवाला देते हुए कहा, 'इंदिरा गांधी ने सावरकर को भारत का असधारण पुत्र कहा था. क्या आपकी दादी भी संविधान के खिलाफ थीं? आपको उनके खिलाफ बोलने की आदत है. हमें सावरकर की प्रशंसा करने पर गर्व है और हम ऐसा करना जारी रखेंगे.'
श्रीकांत शिंदे की टिप्पणी का जवाब देते हुए, राहुल ने कहा, 'मैंने एक बार इस बारे में इंदिरा गांधी जी से बात की थी. उन्होंने मुझे बताया कि सावरकर ने अंग्रेजों के साथ समझौता किया, एक पत्र लिखा और अंग्रेजों से माफी मांगी. उन्होंने मुझसे कहा कि गांधी जी जेल गए थे. नेहरू जी जेल गए थे, लेकिन सावरकर ने माफी मांगी थी.'