
कोलकाता के गार्डन रीच इलाके में रविवार आधी रात करीब 12 बजे एक निर्माणाधीन बहुमंजिला इमारत गिर गई. इस खौफनाक घटना में अब तक नौ लोगों को मौत हो गई है और मलबे में दबने से कई लोग घायल हो गए. जहां इस बहुमंजिला इमारत की निर्माण किया जा रहा था, वहां आसपास कई झोपड़ियां है.
पुलिस ने बताया कि कोलकाता नगर निगम के वार्ड नंबर 134 अंतर्गत गार्डन रीच इलाके में 5 मंजिला इमारत का निर्माण किया जा रहा था. जो रविवार देर रात करीब 12 बजे ढह गई. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया. टीम ने मलबे में दबे 10 लोगों को निकालकर नजदीक स्थित कलकत्ता मेडिकल रिसर्च इंस्टीट्यूट में भर्ती कराया गया. इस घटना में अब तक नौ लोगों की मौत हो गई है.
लोगों ने लगाया अवैध निर्माण का आरोप
स्थानीय लोगों ने इलाके में अवैध निर्माण का आरोप लगाते हुए कहा कि ये सारा अवैध निर्माण प्रशासन की मदद से चल रहा है. ये जो इमारत गिरी है वो भी अवैध रूप से बनाई जा रही थी.
आरोपी प्रमोटर वसीम गिरफ्तार: पुलिस
पुलिस ने ये भी बताया कि अवैध रूप से निर्मित और ढही इमारत के आरोपी प्रमोटर मोहम्मद वसीम को सोमवार दोपहर को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 307, 288, 427 और 34 के तहत मामला दर्ज कर लिया है और जांच शुरू कर दी है. कोलकाता पुलिस के जासूसी विभाग के होमिसाइड सेक्शन को इस मामले की जांच की जिम्मेदारी दी गई है.
मौके पर पहुंचे मेयर
गार्डन रीच में इमारत गिरने की सूचना मिलने के बाद कोलकाता पुलिस आयुक्त विनीत गोयल और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए. कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम मौके पर पहुंचे गए और उन्होंने लोगों से बात की.
वहीं, इस घटना को लेकर बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट साझा कर लिखा, हजारी मोल्ला बागान; गार्डन रीच, मेटियाब्रुज, केएमसी वार्ड नंबर 134 में एक 5 मंजिला इमारत (अवैध रूप से निर्मित) गिर गई. ये कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम का इलाका है. मुझे संभावित हताहतों के बारे में कॉल्स आ रही हैं. मैं मुख्य सचिव, गृह सचिव और कोलकाता पुलिस आयुक्त से मौके पर पश्चिम बंगाल राज्य आपदा प्रबंधन की टीम को भेजने का आग्रह करता हूं. कृपया कोई भी टीम भेजें, चाहे वह अग्निशमन कर्मी हों, पुलिस या कोई अन्य टीम, जो पीड़ितों की मदद कर सके'.