
हमारे देश में दहेज की प्रथा का आज भी प्रचलन बना हुआ है. यह प्रथा समाज के लिए एक कलंक बनकर रह गई है. सरकार द्वारा तमाम नियम कानून बनाए जाने के बावजूद दहेज लोभ खत्म नहीं हो रहा है. यही कारण है कि देश में आए दिन दहेज हत्या के मामले सामने आ रहे हैं. भले ही सरकार द्वारा दहेज कानून पास कर दिया और दहेज लेना या देना अपराध बन गया हो, लेकिन आज भी गुपचुप तरीके से या खुलकर भी दहेज लिया और दिया जाता है. इस बीच केंद्र सरकार ने 2017 से 2021 तक हुई दहेज हत्याओं का आंकड़ा पेश किया है, जो बहुत ही चौंकाने वाला है.
दरअसल, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय कुमार मिश्रा द्वारा राज्यसभा में दहेज हत्या को लेकर आंकड़े पेश किए गए हैं. जिसमें बताया गया है कि देश में 2017 से 2021 के बीच प्रतिदिन करीब 20 दहेज हत्याएं दर्ज की गई हैं. जिनमें उत्तर प्रदेश में प्रतिदिन सबसे अधिक छह मौतें दर्ज की गई हैं. 2017 और 2021 के बीच देश में 35,493 दहेज हत्याएं हुईं.
राज्यभा में दिए गए लिखित जवाब में मंत्री ने बताया कि 2017 में 7 हजार 466 दहेज हत्याएं, 2018 में 7 हजार 167, 2019 में 7 हजार 141, 2020 में 6 हजार 966 और 2021 में 6 हजार 753 हत्याएं हुईं. उन पांच वर्षों में सबसे अधिक 11,874 दहेज हत्याएं उत्तर प्रदेश में दर्ज की गईं, जिसमें हर दिन लगभग छह मौतें हुईं. मिश्रा ने कहा कि 2017 से 2021 के बीच बिहार में 5,354, मध्य प्रदेश में 2,859, पश्चिम बंगाल में 2,389 और राजस्थान में 2,244 दहेज हत्याएं हुईं.