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2047 तक कैसे विकसित देश बनेगा भारत? केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 4 पॉइंट में बताया पूरा प्लान

दावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF) 2025 के दौरान इंडिया टुडे के न्यूज डायरेक्टर राहुल कंवल से बात करते हुए वैष्णव ने विकसित देश बनने के लिए केंद्र सरकार द्वारा तैयार की गई रणनीति के चार स्तंभों को सूचीबद्ध किया. केंद्रीय रेल और सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा कि भारत के पास इस समय एक सुविचारित आर्थिक रणनीति है.

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 23 जनवरी 2025,
  • अपडेटेड 8:04 AM IST

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने गुरुवार को कहा कि भारत के पास इस समय एक सुविचारित आर्थिक रणनीति है, जो देश को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के अपने सपने को साकार करने में मदद करेगी. दावोस में विश्व आर्थिक मंच (WEF) 2025 के दौरान इंडिया टुडे के न्यूज डायरेक्टर राहुल कंवल से बात करते हुए वैष्णव ने विकसित देश बनने के लिए केंद्र सरकार द्वारा तैयार की गई रणनीति के चार स्तंभों को सूचीबद्ध किया.

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केंद्रीय रेल और सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री ने कहा, "भारत के पास इस समय एक सुविचारित आर्थिक रणनीति है. यह रणनीति चार स्तंभों पर आधारित है: पहला, सामाजिक और भौतिक बुनियादी ढांचे में सार्वजनिक निवेश. दूसरा, प्रौद्योगिकी निर्माण और नवाचार पर ध्यान केंद्रित करना. तीसरा, समावेशी विकास. चौथा, सरलीकरण." 

उन्होंने कहा, "जब हम सार्वजनिक निवेश को देखते हैं, तो 2021 के बजट में, हमने लगभग 40 बिलियन अमेरिकी डॉलर से शुरुआत की और फिर इसे 60, 80, 100 तक बढ़ाया और इस साल (2023-24) बजट लगभग 145 अमेरिकी डॉलर है. यह भौतिक, डिजिटल और सामाजिक बुनियादी ढांचे में जा रहा है. भौतिक बुनियादी ढांचे में रेलवे, राजमार्ग, ट्रांसमिशन लाइन, बंदरगाह, हवाई अड्डे शामिल हैं. सामाजिक बुनियादी ढांचे में नए अस्पताल, स्कूल, विश्वविद्यालय बनाना शामिल है. डिजिटल बुनियादी ढांचे में 5G सेवाएं शुरू करना, देश के आखिरी गांव को भी ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ना शामिल है." 

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वरिष्ठ भाजपा नेता ने यह भी कहा कि आर्थिक पिरामिड के निचले हिस्से में रहने वाले लोग ऊपर आ गए हैं और इसीलिए उन्होंने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुना. वैष्णव ने कहा, "जब आर्थिक पिरामिड के निचले हिस्से में रहने वाले लोग ऊपर आ गए हैं, तो इससे बहुत बड़ा अंतर पड़ता है. और यही एक कारण था कि पीएम मोदी तीसरी बार फिर से चुने गए, जबकि बहुत सारे लोकतंत्र हार गए हैं."

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