Advertisement

शेविंग कंपनी ने टॉपर प्राची के सपोर्ट में दिया फुल पेज का एड, पर इस वजह से हुई ट्रोल

उत्तर प्रदेश बोर्ड की टॉपर प्राची निगम के समर्थन में एक शेविंग कंपनी का 'कभी परेशान न हों' अभियान उल्टा पड़ गया है. पिछले शनिवार को यूपी बोर्ड के नतीजों के ऐलान के बाद, प्राची को अपने चेहरे पर बाल को लेकर ऑनलाइन ट्रोलिंग का शिकार होना पड़ा.

प्राची निगम के लिए अखबार में छपा विज्ञापन प्राची निगम के लिए अखबार में छपा विज्ञापन
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 28 अप्रैल 2024,
  • अपडेटेड 8:39 AM IST

उत्तर प्रदेश बोर्ड क्लास 10 की टॉपर प्राची निगम (Prachi Nigam) के सपोर्ट में बॉम्बे शेविंग कंपनी की तरफ से उठाए कदम पर सोशल मीडिया यूजर्स ने बड़े स्तर पर प्रतिक्रिया दी है. शेविंग कंपनी के 'never get bullied campaign' में प्राची निगम के नाम का इस्तेमाल किया गया था, जिन्हें अपने चेहरे के बालों को लेकर ट्रोलिंग का शिकार होना पड़ा था. पिछले शनिवार को यूपी बोर्ड के नतीजों के ऐलान के बाद, प्राची को अपने चेहरे पर बाल को लेकर ऑनलाइन ट्रोलिंग का शिकार होना पड़ा.

Advertisement

गंदे और असभ्य कमेंट पर इंटरनेट यूजर्स ने तत्काल प्रतिक्रिया व्यक्त की, जिन्होंने महिलाओं पर थोपे गए मनमाने सौंदर्य मानकों की निंदा की. कुछ दिनों बाद, बॉम्बे शेविंग कंपनी ने एक अखबार के पहले पन्ने पर प्राची के सपोर्ट में एक विज्ञापन पब्लिश करवाया. यह विज्ञापन सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ और कई यूजर्स ने कंपनी को ट्रोल भी किया. कई सोशल मीडिया यूजर्स ने प्राची से "कंपनी पर मुकदमा" करने के लिए कहा है.

विज्ञापन में क्या लिखा था?

विज्ञापन में प्राची निगम के लिए करते हुए एक संदेश दिखाया गया था, जिसमें कहा गया था, "प्रिय प्राची, वे आज आपके बालों को ट्रोल कर रहे हैं, वे कल आपके A.I.R. (ऑल इंडिया रैंक) की तारीफ करेंगे." हालांकि, विज्ञापन की आखिरी वाली लाइन पर विवाद हो गया. जिसमें लिखा था, "हमें उम्मीद है कि आप कभी भी हमारे रेजर का उपयोग करने के लिए परेशान नहीं होंगी."

Advertisement

CEO ने भी किया सोशल मीडिया पर पोस्ट

LinkeDin पर बॉम्बे शेविंग कंपनी के CEO शांतनु देशपांडे द्वारा विज्ञापन की एक तस्वीर शेयर किए जाने के तुरंत बाद, कई सोशल मीडिया यूजर्स ने यह भी सोचा कि क्या प्राची निगम सहमति के बिना उनके नाम का उपयोग करने के लिए कंपनी पर मुकदमा कर सकती हैं.

विज्ञापन के पीछे कंपनी की मंशा के बारे में बताते हुए देशपांडे ने कहा, "एक नौजवान लड़की, जिसने एग्जाम में टॉप किया था, उसके चेहरे के बालों को लेकर इतनी नफरत चौंकाने वाली थी."

सोशल मीडिया यूजर्स की तीखी प्रतिक्रिया

एक सोशल मीडिया यूजर ने देशपांडे के बातों की आलोचना करते हुए विज्ञापन को "निम्न-श्रेणी" का उदाहरण बताया. देशपांडे की पोस्ट का एक स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए, यूजर ने लिखा, "संस्थापकों को क्या हो गया है. यह बॉम्बे शेविंग कंपनी का इतना निम्न श्रेणी का विज्ञापन है. 

एक अन्य यूजर ने लिखा कि "एक 'मैसेज' की आड़ में मार्केटिंग. क्या प्राची निगम बॉम्बे शेविंग के द्वारा चतुराई से डिजाइन की गई कॉपी में उनके नाम और उनके स्ट्रगल का यूज करने के लिए ब्रांड एंडोर्समेंट शुल्क मांग सकती है?

एक अन्य सोशल मीडिया यूजर ने प्राची निगम से उनकी सहमति के बिना उनका नाम इस्तेमाल करने के लिए बॉम्बे शेविंग कंपनी पर मुकदमा करने को कहा.

Advertisement

एक अन्य यूजर ने लिखा, "सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करने वाली प्राची का सपोर्ट करने वाले बॉम्बे शेविंग कंपनी के पहले पन्ने के विज्ञापन का आखिरी हिस्सा 'हम उम्मीद करते हैं कि आप कभी भी हमारे रेजर का उपयोग करने के लिए परेशान नहीं होंगी' के साथ समाप्त होता है. सच में? कोई कंपनी विज्ञापन के लिए कितना नीचे गिर सकती है और कितना असंवेदनशील हो सकती है?" 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement