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कांग्रेस जॉइन करने से पहले विनेश फोगाट ने छोड़ी रेलवे की नौकरी, इस्तीफा भेजकर कही ये बात

विनेश फोगाट ने रेलवे से इस्तीफे का ऐलान करते हुए कहा कि रेलवे की सेवा जीवन का सबसे यादगार समय रहा. रेलवे परिवार की हमेशा आभारी रहूंगी. विनेश और बजरंग पूनिया आज आधिकारिक तौर पर कांग्रेस में शामिल हो जाएंगे.

विनेश फोगाट विनेश फोगाट
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 06 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 1:57 PM IST

पहलवान विनेश फोगाट ने शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी में शामिल होने से पहले रेलवे की नौकरी से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने खुद इसकी जानकारी दी.

विनेश ने इसकी घोषणा करते हुए बताया कि रेलवे की सेवा जीवन का सबसे यादगार और गौरवपूर्ण समय रहा है. मैं रेलवे परिवार की हमेशा आभारी रहूंगी.

उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट कर बताया कि जीवन के इस मोड़ पर मैंने स्वयं को रेलवे सेवा से पृथक करने का निर्णय लेते हुए अपना त्यागपत्र भारतीय रेलवे के सक्षम अधिकारियों को सौप दिया है. राष्ट्र की सेवा में रेलवे द्वारा मुझे दिए गए इस अवसर के लिए मैं भारतीय रेलवे परिवार की सदैव आभारी रहूंगी.

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आज कांग्रेस में शामिल होंगे विनेश और बजरंग

विनेश और बजरंग पूनिया आज आधिकारिक तौर पर कांग्रेस में शामिल हो जाएंगे. दोनों के हरियाणा चुनाव लड़ने की अटकलें हैं. इससे पहले विनेश फोगाट कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मिलने के लिए उनके आवास पहुंची है. बजरंग पूनिया भी यहां पहुंचने वाले हैं. इसे एक तरह से शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है.

विनेश के राजनीति में आने से क्या होगा?

विनेश फोगाट का संभावित राजनीतिक प्रवेश हरियाणा की राजनीति में एक बड़ा बदलाव ला सकता है. उनके खाप पंचायतों और किसानों के साथ मजबूत रिश्ते उन्हें चुनाव में बड़ा समर्थन दिला सकते हैं. आगामी विधानसभा चुनाव में विनेश फोगाट की भूमिका हरियाणा की सियासत में एक अहम मोड़ साबित हो सकती है. 

यह भी पढ़ें: पहलवान विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया ने राहुल गांधी से की मुलाकात

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हरियाणा में कब होगा चुनाव?

हरियाणा विधानसभा चुनाव 5 अक्टूबर को होगा. वहीं, मतगणना 8 अक्टूबर को होगी. बता दें कि इससे पहले यह तारीख 1 और 4 अक्टूबर थी लेकिन चुनाव आयोग ने इसमें बदलाव कर दिया. आयोग ने इसके पीछे की वजह बताते हुए सफाई दी कि बिश्नोई समुदाय के मताधिकार और परंपराओं दोनों का सम्मान करने के लिए यह फैसला लिया गया है. बिश्नोई समाज ने आसोज अमावस्या उत्सव में भाग लेने की सदियों पुरानी प्रथा को कायम रखा है. ये उस दिन अपने गुरु जम्बेश्वर की स्मृति में उत्सव मनाते हैं. राजस्थान की नोखा तहसील में पिछले करीब 490 साल से तो यह मेला लगातार आयोजित होता रहा है.

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