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हरियाणा के हथीन में रहस्यमयी बुखार का कहर-कई बच्चों की मौतें, MP का इंदौर बना डेंगू का हॉटस्पॉट

हरियाणा के हथीन का एक गांव इस वक्त रहस्यमयी बुखार (viral fever) की चपेट में है. वहीं मध्य प्रदेश के इंदौर, राजगढ़ में डेंगू का कहर है.

यूपी के बाद हरियाणा, मध्य प्रदेश में बच्चे पड़ रहे बीमार (सांकेतिक फोटो) यूपी के बाद हरियाणा, मध्य प्रदेश में बच्चे पड़ रहे बीमार (सांकेतिक फोटो)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 14 सितंबर 2021,
  • अपडेटेड 3:26 PM IST
  • यूपी के बाद हरियाणा और मध्य प्रदेश में बच्चे बीमार
  • रहस्यमयी बुखार के साथ-साथ डेंगू के भी मामले आ रहे

रहस्यमयी बुखार, डेंगू का कहर उत्तर प्रदेश के बाद अब हरियाणा और मध्य प्रदेश में भी दिख रहा है. हरियाणा में हथीन के चिल्ली गांव में रहस्यमयी बुखार ने खौफ पैदा कर दिया है. वहीं मध्य प्रदेश का इंदौर शहर डेंगू का हॉटस्पॉट बन गया है. बता दें कि इससे पहले रहस्यमयी बुखार के साथ-साथ डेंगू, मलेरिया जैसी मौसमी बीमारियों की वजह से उत्तर प्रदेश के कई जिलों और शहरों की स्थिति खराब है. इसमें राजधानी लखनऊ, फिरोजाबाद, मथुरा, आगरा आदि शामिल हैं.

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पलवल में आने वाली हथीन विधानसभा में चिल्ली नाम का गांव है. वहां पिछले 10 दिनों में आठ बच्चों की मौत हो चुकी है. लोगों का कहना है कि रहस्यमयी बुखार की वजह से ऐसा हुआ है. स्वास्थ्य विभाग पर भी लापरवाही के आरोप लग रहे हैं.

गांव-गांव जाकर किया जा रहा जागरूक

गांववालों का कहना है कि बच्चों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अब गांव में जाकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है और बच्चों की डेंगू और मलेरिया की जांच की जा रही है. इतना ही नहीं बुखार से पीड़ित लोगों की कोविड की भी जांच की जा रही है. जानकारी के मुताबिक, बुखार की चपेट में गांव के दर्जनों बच्चे आए हुए हैं. इनमें से कुछ बच्चों का इलाज अलग-अलग प्राइवेट अस्पतालों में चल रहा है. बच्चों के अलावा बड़े भी बुखार की चपेट में हैं.

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ग्रामीणों का कहना है कि बुखार के कारण प्लेटलेट्स कम हो जाती हैं, जिनकी रिकवरी न होने पर मौतें हुई हैं. ऐसा अक्सर डेंगू बुखार में ही होता है, लेकिन टेस्ट में डेंगू की पुष्टि भी नहीं हुई थी.  स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि वायरल बुखार में भी प्लेटलेट्स कम होना आम बात है.

यह भी पढ़ें - क्या है डेंगू का D2 स्ट्रेन, जो यूपी में बरपा रहा कहर, जानिए कितना खतरनाक?

चार हजार की आबादी के इस गांव में कोई स्वास्थ्य केंद्र नहीं. गांववालों का कहना है कि यहां पर स्वास्थ्य कर्मी सालों साल तक नहीं आते हैं. ग्रामीणों ने पेयजल की पाइप लाइनों से रबर की पाइप डालकर घरों में लगाई हुई हैं, ये लाइनें दूषित पानी से होकर गुजरती हैं, जिससे पीने का पानी भी दूषित होता है. इलाके में साफ-सफाई की भी कमी है

मौके पर पहुंचे एसएमओ डॉ विजय कुमार ने बताया कि लोगों के घरों में टीम को पानी मे मच्छरों के लारवा मिले हैं. लेकिन गांव में हुई बच्चों की मौत डेंगू से हुई, अभी इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है. उन्होंने कहा गांव में लोग बुखार से जरूर पीड़ित हैं, लेकिन अभी तक जांच के दौरान किसी भी मरीज में डेंगू, मलेरिया जैसे लक्षण नही पाए गए हैं.

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हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने सोमवार को बताया था कि हथीन के चिल्ली गांव में उनकी एक टीम गई थी. वहां कुछ बच्चों के बीमार होने की जानकारी मिली थी. अधिकारी ने कहा था, 'हमें बताया गया कि 4-5 बच्चों की मौत हुई है, वहीं कई बीमार हैं. रविवार को हमने 80 ऐसे लोगों के सैम्पल लिए थे, जो बीमार थे.'

MP में भी स्थिति बुरी

मध्य प्रदेश इंदौर जिले में डेंगू और वायरल बुखार दोनों के मामले बढ़ रहे हैं. रविवार को ही इंदौर में डेंगू के 17 नए केस मिले. जिले में अबतक डेंगू के 139 से ज्यादा मरीज मिल चुके हैं. वहीं एमपी के राजगढ़ जिले में एक दिन में 65 बच्चे भर्ती हुए हैं, इसमें से 8 को ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत पड़ी. जबलपुर में डेंगू, चिकनगुनिया के मरीज बढ़ने पर प्रशासन ने 1 एक महीने के लिए कूलर पर बैन लगा दिया है.

जेवर में लोग जमीन गिरवी रखकर इलाज कराने को मजबूर

यूपी के कौशांबी, मुरादाबाद, मथुरा में भी मामले बढ़ रहे हैं. कौशांबी में पिछले तीन दिनों में कई बच्चे वायरल बुखार की चपेट में आए हैं. वहीं मुरादाबाद में डेंगू और मलेरिया के केस इतने बढ़ गए हैं कि हॉस्पिटलों में जगह नहीं है. इसके अलावा मथुरा के कोह गांव में बुखार से 10 बच्चों की मौत हुई है. जेवर में हालात इतने बुरे हैं कि लोगों को जमीन गिरवी रख-रखकर बच्चों का इलाज कराना पड़ रहा है.

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