
इंटरनेट पर फैलती घृणा, बहस, आरोप-प्रत्यारोपों की तपिश के बीच वायरल हुई एक तस्वीर यूजर्स के लिए सुकून की छांव लेकर आई है. इस तस्वीर को देख साफ समझा जा सकता है कि चिलचिलाती धूप में एक महिला सवारी साइकिल रिक्शा चालक के सिर को अपने छाते से ढंक रखा है. महिला की इस इंसानियत को देख सोशल मीडिया यूजर्स महिला की तारीफ करते नहीं थक रहे. अब लोग यह खोजने में जुटे हैं कि आखिर यह तस्वीर किस जगह की है और रिक्शा पर बैठी महिला कौन है?
वायरल फोटो से पता चलता है कि एक महिला अपनी मंजिल की ओर जा रही थी. इसके लिए उसने रिक्शा बुलाया और उसमें बैठ गई. लेकिन वह देखती है कि भीषण गर्मी और धूप से रिक्शा चालक बेहाल होता जा रहा है, तभी वह अपने सिर पर लगाए हुए छाते को आगे की ओर कर देती है ताकि बुजुर्ग रिक्शावाले के सिर पर छांव हो जाए.
इस मानवीयता भरी तस्वीर को अब इंटरनेट पर अलग अलग कैप्शन के साथ शेयर किया जा रहा है. अब यूजर्स उस महिला की इसलिए सराहना कर रहे हैं, क्योंकि उसने अनजान रिक्शा चालक को तपती दोपहरी में अपने छाते के सहारे थोड़ा-बहुत सुकून देने की कोशिश की.
Aajtak की पड़ताल में पता चला है कि वायरल तस्वीर उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर स्थित कालाआम चौराहे से क्लिक की गई है. एक ट्विटर यूजर्स का दावा है कि शनिवार को 40 डिग्री सेल्सियस तापमान से जिले की जनता बेहाल थी. इसी दौरान एक स्कूल की टीचर हुमा छुट्टी के बाद दोपहर में अपने घर जाने के लिए निकलीं. कालाआम चौराहे पर रिक्शे चालक को जब उन्होंने धूप से बुरी तरह विचलित होते देखा तो अपनी छतरी उसके सिर के ऊपर लगा दी.
आईएएस नेहा शर्मा के अनाधिकारिक अकांउट से भी इस तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा गया है- आज लाखों डिग्रियां हो गई है कॉलेजों में मगर, इंसानियत का पाठ ऐसा कोई चित्र ही सिखाता है.
वहीं, दूसरे सोशल मीडिया यूजर्स रिक्शा चालक और महिला के फोटो को 'मानवता से बड़ा कोई धर्म नहीं होता', 'इंसानियत जिंदा रहे', 'सुकून देने वाली तस्वीर...' जैसे तमाम शीर्षकों के साथ शेयर कर रहे हैं.