
संसद में आज वक्फ संशोधन बिल (Waqf Amendment Act) के लिए बनाई गई संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की रिपोर्ट की जाएगी. इस रिपोर्ट को विपक्ष ने असंवैधानिक बताया है और लगातार इसका विरोध होता रहा है. जेपीसी पैनल के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद जगदंबिका पाल ने 30 जनवरी को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात करके रिपोर्ट सौंपी थी.
संसद में रिपोर्ट पेश किए जाने से पहले आज जगदंबिका पाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि 6 महीने पहले भारत सरकार के अल्पसंख्यक मंत्री ने खुद ही इस पर अच्छी चर्चा की गुजारिश की थी. इसके बाद जेपीसी का गठन किया गया. अब जेपीसी ने पूरे 6 महीने में बैठकें करके हमने रिपोर्ट पेश की है.
जगदंबिका पाल ने कहा, "इस बिल पर बहुत चर्चा हुई. सभी पक्षों के साथ बातचीत हुई. पूरे देश से ब्यौरा लेकर रिपोर्ट तैयार की गई है. 14 क्लॉज में 25 एमेंडमेंट एडॉप्ट हुए हैं. कमेटी के कुछ सदस्य कहते हैं कि हमारी बात नहीं सुनी गई. हमने जो नोट ऑफ डिसेंट मांगा था, वो लगाए गए हैं. हमने सभी के नोट ऑफ डिसेंट लगाए हैं."
उन्होंने आगे कहा कि हमने राज्यों में जाकर स्टेकहोल्डर्स से बातें की हैं, इनमें इस्लामिक स्कॉलर्स, जमीयत उलेमा हिंद के सदस्य, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड से जुड़े लोगों के रिकॉर्ड्स को भी हमने शामिल किया है.
'हटाए गए हमारे नोट ऑफ डिसेंट...'
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, "हम इस बिल के खिलाफ हैं, हमें संविधान के तहत अधिकार मिले है, ये बिल उसके खिलाफ है. ये बिल इतिहास में काले अक्षरों में लिखा जाएगा. सरकार ने हमारे नोट ऑफ डिसेंट भी हटा दिए. देश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ अत्याचार हो रहा है. अल्पसंख्यकों को टार्गेट करना इनका एजेंडा है."
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने कहा, "हमारे डिसेंट नोट्स को हटा दिया गया. ये बिल संविधान के खिलाफ है. हमने लीगल प्वाइंट्स दिए थे लेकिन एविडेंस को कंसीडर नहीं किया गया."
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'हम पर्दाफाश करेंगे...'
कांग्रेस सांसद और वक्फ पर संयुक्त संसदीय समिति के सदस्य गौरव गोगोई ने कहा, "संयुक्त संसदीय समिति की चर्चा के दौरान हमने वक्फ विधेयक के वर्तमान मसौदे में गंभीर संवैधानिक खामियों और गंभीर तकनीकी विसंगतियों को उजागर किया है. मुझे उम्मीद है कि सरकार इस पर गंभीरता से विचार करेगी और उन्हें इस मुद्दे की गहराई में जाकर पूरे नीतिगत मामले पर बहुत ही तटस्थ नजरिया अपनाने की कोशिश करनी होगी."
उन्होंने आगे कहा कि पहले से ही एक वक्फ अधिनियम है, जिसे पिछली लोकसभा में संशोधित किया गया था और यह काफी विचार-विमर्श के बाद किया गया था. हमने जो भी चर्चा की है, उसमें ऐसा लगता है कि वक्फ अधिनियम में किसी भी मुद्दे को हल करने के लिए पर्याप्त शक्ति है.
गौरव गोगोई ने आगे कहा, "मुझे लगता है कि किसी तरह से बीजेपी फिर से बहुत सब्जेक्टिव नजरिए का सहारा ले रही है. जब संसद के अंदर इस मुद्दे को उठाया जाएगा, हम इसका पर्दाफाश करेंगे."
(ANI और आशुतोष मिश्रा के इनपुट के साथ)