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घर के ऊपर से आया पानी, देखते-देखते सब कुछ बह गया... वायनाड लैंडस्लाइड का CCTV फुटेज आया सामने

केरल के वायनाड से एक बार फिर लैंडस्लाइड के खौफनाक मंजर का वीडियो सामने आया है. वायनाड में चूरलमाला स्थित एक बेकरी के सीसीटीवी फुटेज में भूस्खलन का मंजर दिखाई दे रहा है. भूस्खलन की यह तस्वीरें रात के वक्त की हैं.

वायनाड लैंडस्लाइड वायनाड लैंडस्लाइड
शिबिमोल
  • वायनाड,
  • 19 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 10:44 AM IST

केरल (Kerala) के वायनाड में एक बार फिर से खतरनाक भूस्खलन की तस्वीरें सामने आई हैं. वायनाड में चूरलमाला स्थित एक बेकरी के सीसीटीवी फुटेज में भूस्खलन का मंजर दिखाई दे रहा है. भूस्खलन की यह तस्वीरें रात के वक्त की हैं. ये वीडियो उस समय का है, जब वायनाड में लैंडस्लाइड हुआ था. वीडियो में भूस्खलन के खौफनाक मंजर को देखा जा सकता है.

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पीएम मोदी ने किया था वायनाड दौरा

पिछले दिनों वायनाड में आए जानलेवा भूस्खलन के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 अगस्त को भूस्खलन से तबाह हुए इलाकों का दौरा किया. चूरलमाला पहुंचे पीएम मोदी ने एक राहत शिविर का भी दौरा किया, जिसमें बड़े पैमाने पर भूस्खलन में विस्थापित हुए कई लोग रहते हैं. यहां प्रधानमंत्री ने रेस्क्यू किए गए लोगों से बातचीत की, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं, जिन्होंने इस आपदा में अपने प्रियजनों को खो दिया है. 

मोदी कन्नूर हवाई अड्डे से हेलीकॉप्टर द्वारा पहाड़ी जिले में पहुंचे. उन्होंने नुकसान का आकलन करने के लिए प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया. बाद में, प्रधानमंत्री ने दोपहर करीब 2.30 बजे मेप्पाडी में शिविर का दौरा किया और वहां लगभग आधे घंटे तक कुछ बचे हुए लोगों से बातचीत की.

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मोदी ने पीड़ितों के सिर और कंधों पर हाथ रखा, जब वे प्रधानमंत्री को अपनी आपबीती सुनाते हुए रो पड़े. कलपेट्टा में उतरने से पहले मोदी ने भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर से भूस्खलन से तबाह हुए चूरलमाला, मुंडक्कई और पंचिरिमट्टम बस्तियों का हवाई सर्वेक्षण किया. वे कलपेट्टा में एसकेएमजे हायर सेकेंडरी स्कूल में उतरे और फिर सड़क मार्ग से चूरलमाला पहुंचे, जहां आपदा के बाद सेना ने 190 फुट लंबा बेली ब्रिज बनाया था. 

जलवायु परिवर्तन की वजह से हादसा

जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव की दुखद याद दिलाते हुए, वर्ल्ड वेदर एट्रिब्यूशन ग्रुप के एक हालिया स्टडी के मुताबिक, 30 जुलाई, 2024 को केरल के वायनाड जिले में हुए भूस्खलन, मानव-प्रेरित जलवायु परिवर्तन के कारण और भी अधिक गंभीर हो गए थे.

भूस्खलन में 200 से ज्यादा लोगों की जान गई. जलवायु परिवर्तन की वजह से 10 फीसदी ज्यादा बरसात हुई थी. 

(फोटो- PTI)

स्टडी में बताया गया है कि वायनाड में एक दिन की मानसूनी बारिश काफी भारी हो गई है और 30 जुलाई की बारिश इस इलाके में तीसरी सबसे भारी बारिश थी.

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा था कि इलाके में मात्र 48 घंटों में 572 मिलीमीटर बारिश हुई, जो पूर्वानुमानित मात्रा से दोगुनी से भी ज्यादा थी, जिसके कारण भयावह भूस्खलन हुआ. 

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World Weather Attribution ग्रुप ने चेतावनी दी है कि अगर वैश्विक तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होती है, तो केरल में एक दिन की वर्षा की घटनाएं अतिरिक्त 4 फीसदी ज्यादा हो सकती हैं, जिससे आने वाले वक्त में भूस्खलन की संभावना बढ़ जाएगी.

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