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क्या है 'मोई विरुंधु', वायनाड हादसे के पीड़ितों की मदद के लिए तमिलनाडु में जिसका हुआ आयोजन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 अगस्त को भूस्खलन प्रभावित वायनाड का दौरा करेंगे और आपदा प्रभावितों से मिलेंगे. वह हेलीकॉप्टर से भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे. इसके बाद वे कुछ राहत शिविरों का दौरा करेंगे.

वायनाड हादसे के पीड़ितों के लिए तमिलनाडु में हुई क्राउडफंडिंग (Photo: India Today) वायनाड हादसे के पीड़ितों के लिए तमिलनाडु में हुई क्राउडफंडिंग (Photo: India Today)
प्रमोद माधव
  • नई दिल्ली,
  • 08 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 2:02 PM IST

केरल के वायनाड में आई भयानक कुदरती आफत ने सैकड़ों लोगों को बेघर कर दिया है. कई लोगों की जान गई है. इस भूस्खलन के बाद जहां एक ओर जहां दर्दनाक मंजर हैं तो वहीं दूसरी ओर कुछ मानवता की तस्वीरें भी सामने आ रही हैं. ऐसा ही एक नजारा तमिलनाडु में देखने को मिला है, जहां इस भूस्खलन से प्रभावित पीड़ितों के पुनर्वास के लिए लोग पैसे इकट्ठे कर रहे हैं और इसके लिए उन्होंने डिंडीगुल में 'मोई विरुंधु' समारोह (क्राउडफंडिंग दावत) का आयोजन किया.

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क्या है मोई विरुंधु

दरअसल, 'मोई विरुंधु' एक पारंपरिक कार्यक्रम है जिसमें लोगों को एक दावत में आमंत्रित किया जाता है. लोग खाना खाते हैं और फिर अपनी इच्छा के अनुसार, किसी खास उद्देश्य के लिए अपनी मर्जी से दान करते हैं. लोग इस पैसे को कैश बॉक्स में या केले के पत्ते के नीचे रखकर दान करते हैं.कार्यक्रम में शामिल एक शख्स ने बताया कि यहां लोग अपनी मर्जी से दान करते हैं. इसे गुप्त रखा जाता है. 

वायनाड का दौरा करेंगे पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 अगस्त को भूस्खलन प्रभावित वायनाड का दौरा करेंगे और आपदा प्रभावितों से मिलेंगे. एक सूत्र ने बताया कि प्रधानमंत्री एक विशेष विमान से कन्नूर पहुंचेंगे. वहां से वह हेलीकाप्टर से भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे. इसके बाद वे कुछ राहत शिविरों का दौरा करेंगे, जहां फिलहाल 10,000 से अधिक लोग शरण लिए हुए हैं.

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यह भी पढ़ें: वायनाड में सामूहिक रूप से दफनाए जा रहे शव, मरने वालों का आंकड़ा बढ़कर 387 हुआ

बता दें कि केरल के वायनाड में 30 जुलाई को हुए लैंडस्लाइड की सबसे पहले सूचना देने वाली महिला की मौत हो गई. महिला की पहचान एक निजी हॉस्पिटल में काम करने वाली नीतू जोजो के रूप में की गई है. वायनाड के चूरलमाला के एक प्राइवेट हॉस्पिटल की स्टाफ नीतू जोजो ने सबसे पहले लैंडस्लाइड की सूचना दी थी. 

उन्होंने इमरजेंसी सर्विस को सबसे पहले अलर्ट कर मदद की गुहार लगाई थी. लैंडस्लाइड के बाद चूरलमाला में अपने घर में परिवार के कुछ सदस्यों के साथ फंसी नीतू की मदद मांगने वाली कॉल की रिकॉर्डिंग वायरल हुई थी. इस रिकॉर्डिंग में उन्होंने 30 जुलाई की सुबह लैंडस्लाइड के बाद की भयावहता का विवरण बताया था.

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