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वायनाड पुनर्वास के लिए केंद्र सरकार का अहम कदम, मंजूर किया ₹529 करोड़ का ब्याज मुक्त लोन

केरल के वित्त मंत्री के एन बालगोपाल ने लोन के साथ केंद्र सरकार के द्वारा लगाई गई शर्त को एक बड़ी व्यावहारिक समस्या करार दिया है. विपक्ष के नेता वीडी सतीश ने भी उनकी बातों पर सहमति जताई है.

वायनाड के लिए केंद्र का लोन (फाइल फोटो/PTI) वायनाड के लिए केंद्र का लोन (फाइल फोटो/PTI)
aajtak.in
  • तिरुवनंतपुरम,
  • 15 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 10:50 AM IST

केंद्र सरकार ने वायनाड के भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास के लिए अपनी पूंजी निवेश योजना के तहत करीब 529.50 करोड़ रुपये का लोन मंजूर किया है. केरल को यह फंड 31 मार्च तक उपयोग में लाना होगा. राज्य के वित्त मंत्री के एन बालगोपाल ने इस शर्त को एक बड़ी व्यावहारिक समस्या करार दिया.

केंद्र की 'पूंजी निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना 2024-25' के तहत लोन से जुड़ी शर्तों के मुताबिक, जारी किए गए फंड को 10 कार्य दिवसों के अंदर कार्यान्वयन एजेंसियों को भेज दिया जाना जरूरी है. अगर इससे ज्यादा देरी होती है, तो राज्य को पिछले साल के लिए खुले बाजार उधार पर आए ब्याज दर के मुताबिक जारी किए गए फंड पर केंद्र को ब्याज का भुगतान करना होगा.

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'एक बड़ी समस्या...'

बालगोपाल ने शुक्रवार को पत्रकारों से बताया कि राज्य ने वायनाड जिले में भूस्खलन प्रभावित इलाकों के पुनर्वास के लिए अनुदान और लोन दोनों की गुजारिश की थी. मंत्री ने दावा किया, "हमें जो मिला वह अनुदान नहीं बल्कि कैपेक्स (पूंजीगत व्यय) योजना के तहत 529.50 करोड़ रुपये का लोन है. यह एक लॉन्ग टर्म लोन है, जिसे चुकाना होगा. हालांकि, लोन की शर्तों में यह शामिल किया गया है कि फंड का उपयोग बहुत जल्दी करना है. यह एक बड़ी व्यावहारिक समस्या है." 

उन्होंने कहा कि लोन से जुड़ी शर्तों के बावजूद, राज्य पुनर्वास कार्य को आगे बढ़ाएगा और केंद्र सरकार को 31 मार्च तक कम समय सीमा के अंदर इतनी बड़ी राशि का उपयोग करने की व्यावहारिक कठिनाइयों से अवगत कराएगा.

यह भी पढ़ें: केरल: वायनाड में जंगली हाथी ने ली 45 वर्षीय व्यक्ति की जान, ग्रामीणों में आक्रोश

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विपक्ष ने जताई सहमति

बालगोपाल से सहमति जताते हुए विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने भी कहा कि 31 मार्च तक लोन फंड का उपयोग करने की शर्त 'अव्यावहारिक' है. केंद्र के कदम की कड़ी आलोचना करते हुए सतीशन ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि पुनर्वास कार्य के लिए स्पेशल फाइनेंशियल पैकेज के बजाय लोन देना वायनाड में प्रभावित लोगों का मजाक उड़ाने जैसा है, जिन्होंने अपनी जान, आजीविका खो दी है और असहाय खड़े हैं.

उन्होंने कहा कि 16 परियोजनाओं के लिए 50 साल का ब्याज मुक्त लोन उपलब्ध कराकर, केरल की मदद करने का दिखावा करते हुए उसका गला घोंटने की कोशिश कर रही है.

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