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'बीफ बैन कर देंगे, बशर्ते वे लिखित में करें मांग...', सीएम हिमंता ने कांग्रेस पर कसा तंज

मुख्यमंत्री ने कहा, "समागुरी सीट 25 सालों तक कांग्रेस के पास रही. वहां से कांग्रेस का 27,000 वोटों से हारना उसकी सबसे बड़ी शर्मिंदगी है. यह भाजपा की जीत से ज्यादा, कांग्रेस की हार है. बता दें कि समागुरी में हुए उपचुनाव में भाजपा के उम्मीदवार दीपलु रंजन सरमा ने कांग्रेस के तंज़िल हुसैन को 24,501 वोटों से हराया है.

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा। (तस्वीर: पीटीआई) असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा। (तस्वीर: पीटीआई)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 01 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 9:11 PM IST

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि वह राज्य में बीफ पर प्रतिबंध लगाने को तैयार हैं, बशर्ते कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा उनसे लिखित में इसके लिए कहें. उनका यह बयान कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए आया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने मुस्लिम बहुल समागुरी क्षेत्र में चुनाव जीतने के लिए बीफ का वितरण किया.

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क्या बोले सीएम हिमंता?
मुख्यमंत्री ने कहा, "समागुरी सीट 25 सालों तक कांग्रेस के पास रही. वहां से कांग्रेस का 27,000 वोटों से हारना उसकी सबसे बड़ी शर्मिंदगी है. यह भाजपा की जीत से ज्यादा, कांग्रेस की हार है. बता दें कि समागुरी में हुए उपचुनाव में भाजपा के उम्मीदवार दीपलु रंजन सरमा ने कांग्रेस के तंज़िल हुसैन को 24,501 वोटों से हराया है. तंज़िल, कांग्रेस सांसद रकीबुल हुसैन के बेटे हैं, जो इस क्षेत्र से पांच बार विधायक रह चुके हैं.

सीएम ने कांग्रेस पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सांसद रकीबुल हुसैन ने बीफ पर टिप्पणी करते हुए इसे गलत बताया. उन्होंने कहा, "रकीबुल हुसैन ने स्वीकार किया कि बीफ का सेवन गलत है. उन्होंने यह भी कहा कि बीफ का इस्तेमाल चुनावी फायदे के लिए करना अनुचित है. मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि क्या कांग्रेस ने समागुरी सीट बीफ बांटकर जीती थी?"

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मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अगर कांग्रेस बीफ को गलत मानती है, तो इस पर प्रतिबंध लगाने के लिए उन्हें लिखित में अनुरोध करना चाहिए. "अगर भूपेन बोरा मुझे लिखकर देंगे कि बीफ पर प्रतिबंध लगाना चाहिए, तो मैं अगली विधानसभा में इसे पूरी तरह से बैन कर दूंगा. इससे भाजपा, कांग्रेस, एजीपी, या कोई भी राजनीतिक दल बीफ का इस्तेमाल चुनाव में नहीं कर पाएगा."

असम में बीफ का सेवन अवैध नहीं
सरमा ने कहा कि वह कांग्रेस अध्यक्ष भूपेन बोरा को पत्र लिखेंगे और उनसे पूछेंगे कि क्या वह रकीबुल हुसैन के विचारों का समर्थन करते हैं. उन्होंने यह भी जोड़ा कि अगर सभी समुदाय बीफ खाना बंद कर दें, तो इससे बहुत सारी समस्याएं हल हो जाएंगी. असम में बीफ का सेवन अवैध नहीं है, लेकिन 2021 में लागू असम मवेशी संरक्षण अधिनियम के तहत, उन क्षेत्रों में मवेशियों की हत्या और बीफ की बिक्री पर प्रतिबंध है जहां हिंदू, जैन और सिख बहुसंख्यक हैं, या मंदिरों और वैष्णव मठों के पांच किलोमीटर के दायरे में हैं.

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