
पश्चिम बंगाल में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष का पद एक महीने से खाली पड़ा है. कांग्रेस को इस पद के लिए ऐसे नेता की तलाश है जो 2021 विधानसभा चुनाव में पार्टी का नेतृत्व कर सके. ऐसे में बंगाल में नए प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग को लेकर पार्टी में सियासत तेज हो गई है. लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी को एक बार फिर प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग की गई है. कांग्रेस वरिष्ठ नेता अब्दुल मन्नान ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर अधीर रंजन को बंगाल में पार्टी की कमान सौंपने का अनुरोध किया है.
बता दें कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रहे सोमेन मित्रा का 30 जुलाई को निधन हो गया था. इसके बाद से बंगाल में कांग्रेस अध्यक्ष का पद खाली पड़ा हुआ है. सोमेन मित्रा से पहले अधीर रंजन चौधरी बंगाल कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष थे. बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता अब्दुल मन्नान ने अधीर रंजन चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाने की मांग उठायी है. इस संबंध में मन्नान ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कहा है कि अधीर रंजन चौधरी को लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता बने रहने के साथ-साथ बंगाल प्रदेश अध्यक्ष बनाया जाए.
उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी और टीएमसी दोनों को लड़ने और हराने के लिए अधीर रंजन चौधरी पार्टी का नेतृत्व करने की पूरी क्षमता रखते हैं. मन्नान ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष बनने के लिए कई दावेदार हैं, लेकिन वामपंथी दल-कांग्रेस गठबंधन को मजबूत करने और बीजेपी व टीएमसी को हराने के लिए अधीर रंजन चौधरी सबसे बेहतर विकल्प होंगे.
वहीं, इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक अधीर रंजन चौधरी ने कहा है कि बंगाल कांग्रेस का नेतृत्व करने के लिए राज्य के किसी दूसरे नेता को कमान दिया जाना चाहिए, क्योंकि वो पहले पश्चिम बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर काम कर चुके हैं. अधीर रंजन चौधरी ने इस बात को भी स्वीकार किया कि पार्टी द्वारा पहले ही उनसे बंगाल में कांग्रेस प्रमुख बनने के लिए कहा गया था, लेकिन उस समय ही उन्होंने किसी दूसरे नेता को बनाने की बात कहकर मना कर दिया था.
बता दें कि 2016 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान अब्दुल मन्नान और अधीर रंजन चौधरी ने वामदलों के साथ कांग्रेस का गठबंधन कराने में अहम भूमिका अदा की थी. अब अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में कांग्रेस के कुछ नेताओं की वामपंथी दलों के साथ गठबंधन करने की मंशा है. इसी में एक अब्दुल मन्नान भी शामिल हैं.
सोमेन मित्रा के निधन के बाद बंगाल कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर अधीर रंजन चौधरी, अब्दुल मन्नान और राज्यसभा सांसद प्रदीप भट्टाचार्य प्रमुख माने जाते रहे हैं. मन्नान और अधीर रंजन चौधरी के बीच अच्छा तालमेल है. मन्नान ने कहा कि मैंने अपनी राय पार्टी हाईकमान को बता दी है. इस संबंध में अब उन्हें ही फैसला करना है. साल 2021 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए माना जा रहा है कि कांग्रेस अब प्रदेश अध्यक्ष के नाम तय करने में बहुत ज्यादा देर नहीं लगाएगी.