
पश्चिम बंगाल में पार्थ चटर्जी के बाद ममता सरकार के एक और मंत्री केंद्रीय जांच एजेंसी के रडार पर आ गए हैं. सीबीआई ने बुधवार को आसनसोल में कोयला घोटाले से जुडे़ मामले में कानून और श्रम मंत्री मलय घटक के ठिकानों पर छापेमारी की है. बताया जा रहा है कि सीबीआई ने इस मामले में कई बार मलय घटक को समन जारी किया था. लेकिन वे जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए. ऐसे में अब सीबीआई ने उनके आवास पर छापेमारी की है. सीबीआई ने मलय घटक के आवास के अलावा कोलकाता में 5 ठिकानों पर भी छापेमारी की है.
सीबीआई की ये कार्रवाई ऐसे वक्त पर हुई, जब कुछ समय पहले ही शिक्षक घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने ममता सरकार में कैबिनेट मंत्री पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार किया था. पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के पास से करीब 50 करोड़ रुपए कैश बरामद हुआ था. विवाद बढ़ने के बाद ममता बनर्जी ने पार्थ चटर्जी को मंत्रिपद से हटा दिया था.
1300 करोड़ की लेन-देन की आशंका
आरोप है कि आसनसोल के निकट कुनुस्तोरिया और कजोरा इलाके में ईस्टर्न कोल फील्ड्स की लीज पर दी गई खदानों में कोयले का अवैध खनन किया गया. सीबीआई के अनुसार, जांच में 1,300 करोड़ रुपये के वित्तीय लेन-देन का संकेत मिला है. इनमें से अधिकांश पैसा कई प्रभावशाली लोगों के पास गया. इसके अलावा जांच में खुलासा हुआ है कि हवाला के जरिए इन प्रभावशाली लोगों के विदेशी बैंक खातों में पैसा जमा कराया गया था.
कोयला घोटाले में ईडी भी कर रही जांच
कोयला घोटाले में ईडी भी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है. इस मामले में ईडी ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी और रुजीरा बनर्जी से पूछताछ कर चुकी है.
अभिषेक बनर्जी ने हाल ही में जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा था कि बीजेपी जनादेश के खिलाफ काम कर रही है. उन्हें झारखंड में जनादेश नहीं मिला, इसलिए वहां सरकार गिराने की कोशिश कर रहे हैं. ममता बनर्जी को मैं धन्यवाद कहना चाहता हूं, उन्होंने बीजेपी की इन कोशिशों को विफल कर दिया. अभिषेक बनर्जी ने कहा, बीजेपी मुझसे राजनीतिक तौर पर नहीं लड़ पा रही है, इसलिए एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है. उन्होंने ईडी की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए थे. उन्होंने कहा था कि ईडी गुजरात और बीजेपी शासित राज्यों में कार्रवाई नहीं करती.