
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले सीबीआई ने बड़ा एक्शन लिया है. कोयला घोटाले की जांच के सिलसिले में सीबीआई टीम मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के घर पहुंची. सीबीआई ने अभिषेक की पत्नी रूजीरा बनर्जी को जांच में शामिल होने के लिए समन दिया. इसके साथ रूजीरा बनर्जी की बहन मेनका गंभीर को भी सीबीआई ने नोटिस भेजा है.
इनसे आज पूछताछ हो सकती है. हालांकि, अभिषेक बनर्जी की पत्नी ने 23 फरवरी को पूछताछ के लिए सीबीआई को चिट्ठी लिखी है. दरअसल, झारखंड के धनबाद और पश्चिम बंगाल के आसनसोल पुरुलिया बांकुरा रेंज में कोयले की खदानें भरी पड़ी हैं. यहां पर कई ऐसी खदानें हैं जो ऐसे ही पड़ी हुई हैं या बंद पड़ी हुई हैं. इसके अलावा ईसीएल (Eastern Coalfield Limited) की खदानें भी यहां है. इस अवैध कोयले का व्यापार अरबों रुपयों का माना जाता है.
कोयला घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने शनिवार को 13 जगहों पर छापेमारी की थी, जिसके बाद अभिषेक बनर्जी की पत्नी को नोटिस दिया गया. इस नोटिस के बाद बंगाल का राजनीतिक पारा गर्म हो गया है. आइए जानते हैं कि आखिर कोयला घोटाला है क्या-
सीबीआई ने 27 नवंबर, 2020 को ईस्टर्न कोलफील्ड लिमिटेड (ईसीएल) के कई अफसरों और कर्मचारियों के साथ ही अनूप मांझी उर्फ लाला, सीआईएसएफ और रेलवे के अज्ञात अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज किया था. आरोप लगाया गया कि ईसीएल, सीआईएसएफ, भारतीय रेलवे और संबंधित अन्य विभागों के अधिकारियों की सक्रिय मिलीभगत से ईसीएल के लीजहोल्ड क्षेत्र से कोयले की चोरी की गई.
सीबीआई की यह एफआईआर मई, 2020 में ईसीएल के कई लीज एरिया पर टास्क फोर्स की रेड के बाद दर्ज की गई थी. इस रेड के दौरान अवैध खनन और स्मलिंग में प्रयुक्त वाहनों और उपकरणों की एक बड़ी संख्या को जब्त किया गया था. एफआईआर में अनूप मांझी को अवैध खनन का मुख्य सरगना बताया गया है.
इसके बाद सीबीआई ने पिछले साल 28 नवंबर को पश्चिम बंगाल के 45 स्थानों पर छापे मारे. बाद में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के करीबी विनय मिश्रा पर भी छापे मारे गए. विनय मिश्रा को सीबीआई ने चार बार तलब किया, लेकिन वह एजेंसी के सामने कभी पेश नहीं हुए. सीबीआई ने विनय मिश्रा के खिलाफ गैर-जमानती वारंट और लुक-आउट नोटिस भी जारी किया.
रविवार को सीबीआई ने अभिषेक बनर्जी की पत्नी रूजीरा नरूला बनर्जी और उनकी साली मेनका गंभीर को नोटिस भेजा. सूत्रों के मुताबिक, गवाहों और संदिग्धों के कुछ बयानों में रूजीरा की भूमिका सामने आई है. रुजिरा की फर्म LEAPS & BOUNDS MANAGEMENT Services LLP संदेह के घेरे में है और इसमें कुछ लेनदेन की गई है.
गौरतलब है कि अभिषेक बनर्जी ने अपनी मां लता के नाम 2010 में लीप्स एंड बाउंड्स नामक एक फर्म शुरू की. 4 मई, 2011 को लीप्स एंड बाउंड्स इंफ्रा कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड को पंजीकृत किया गया था. 19 अप्रैल, 2012 को अभिषेक ने एक दूसरी कंपनी - लीप्स एंड बाउंड्स प्राइवेट लिमिटेड शुरू की. तीसरी कंपनी 20 मार्च, 2017 को शुरू हुई थी, जिसमें उनकी पत्नी रूजीरा बनर्जी और पिता अमित भागीदार थे.
माकपा ने 2013 में आरोप लगाया था कि ममता बनर्जी की मदद से अभिषेक बनर्जी ने अपनी फर्म का इस्तेमाल पोंजी योजनाओं के लिए किया. माकपा ने आरोप लगाया कि दो वर्षों में अभिषेक बनर्जी की फर्म का कारोबार 300 करोड़ रुपये तक पहुंच गया. आरोपों के तुरंत बाद अभिषेक ने निदेशक पद को छोड़ दिया था.
अभिषेक बनर्जी और उनके परिवार के सदस्यों से जुड़ी फर्मों का विवरण
1. लीप्स एंड बाउंड्स इंफ्रा कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड- इस कंपनी की शुरुआत 4 मई 2011 में की गई थी. इसके दो निदेशक हैं- लता बनर्जी और अमित बनर्जी.
2. लीप्स एंड बाउंड्स मैनेजमेंट सर्विस LLP- इस कंपनी को 20 मार्च, 2017 में शुरू किया गया था. कंपनी के 2 नामित साझेदार हैं. रुजिरा बनर्जी और अमित बनर्जी निदेशक हैं.
3. लीप्स एंड बाउंड्स प्राइवेट लिमिटेड- इस कंपनी को 19 अप्रैल, 2012 में शुरू किया गया था. इसके दो निदेशक हैं- लता बनर्जी और अमित बनर्जी.