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पश्चिम बंगाल पुलिस ने बिहार पुलिस के साथ संयुक्त ऑपरेशन चलाकर एक शातिर महिला को गिरफ्तार किया है. इस महिला ने कई लोगों को सरकारी नौकरी के फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर थमाकर उनसे करोड़ों रुपए वसूल लिए. पुलिस ने महिला के खाते में जमा पैसे भी फ्रीज कर लिए हैं.
महिला के खाते में मिले 11 करोड़
पुलिस के मुताबिक 24 साल की महिला को रोहतास जिले से गिरफ्तार किया गया है. महिला की पहचान रोहतास के सूर्यपुरा बलिहार गांव में रहने वाली पिंकी कुमार के रूप में हुई है. पश्चिम बंगाल पुलिस ने महिला के बैंक खाते में पड़े 11 करोड़ रुपए फ्रीज कर दिए हैं.
दो राज्यों की पुलिस ने की कार्रवाई
पूछताछ में आरोपी महिला ने स्वीकार किया है कि उसने अब तक 64 लोगों को कई सरकारी संगठनों के फर्जी नियुक्ति पत्र बांटे हैं. पिंकी कुमार को गिरफ्तार करने के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस की एक टीम ने 23 जून को सूर्यपुरा पुलिस स्टेशन के अधिकारियों से मुलाकात की थी. आरोपी के खिलाफ मामले के विवरण की जांच करने के बाद, दोनों राज्यों की पुलिस ने जाल बिछाकर आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया था.
रेलवे कर्माचारी ने की थी शिकायत
यह एक्शन एक रेलवे कर्मचारी की शिकायत के आधार पर लिया गया. पुलिस ने सबसे पहले सुरेश दीपक, भूपेन्द्र शर्मा, पारस नाथ और कार्तिकेय नाम के शख्स के खिलाफ मामला दर्ज किया था. इनके पास सियालदह रेलवे डिवीजन में अलग-अलग पदों के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र थे.जांच के दौरान चारों ने खुलासा किया था कि उन्हें पिंकी ने फर्जी नियुक्ति पत्र दिए थे. गिरफ्तारी के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ ले गई है.
ग्वालियर में पकड़ा गया था फर्जी TTE
हाल ही में ग्वालियर आरपीएफ थाना पुलिस ने ट्रेन में चेकिंग कर रहे फर्जी टीटीई को गिरफ्तार किया था. पुलिस ने उसके पास से फर्जी जॉइनिंग लेटर, आई कार्ड और कुछ सामान भी बरामद किया था. पुलिस ने आरोपी को जीआरपी थाना पुलिस को कार्रवाई करने के लिए सौंप दिया था. दरअसल, ग्वालियर आरपीएफ पुलिस को सूचना मिली थी कि झांसी से ग्वालियर की ओर जा रही बुंदेलखंड एक्सप्रेस ट्रेन में एक फर्जी टीटीई है. वह लोगों का टिकट चेक कर रहा है. इसके बाद आरपीएफ पुलिस ने ट्रेन ग्वालियर पहुंचते ही फर्जी टीटीई को दबोच लिया. पूछताछ करने पर उसने अपना नाम नरेश बंजारा बताया और वह श्योपुर का रहने वाला है.