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ओडिशा ट्रेन हादसा: खड़गे, ममता और पवन बंसल... CBI जांच का विरोध क्यों कर रहे हैं पूर्व रेल मंत्री?

ओडिशा ट्रेन हादसे को लेकर सियासत गरमा गई है. कांग्रेस समेत प्रमुख विपक्षी दलों ने सीबीआई जांच का विरोध किया है. अब तक देश के तीन पूर्व रेल मंत्रियों ने एजेंसी से जांच कराए जाने पर ऐतराज जताया है. इन नेताओं का कहना है कि सीबीआई अपराध से जुड़े केसों की जांच करती है. रेल हादसा अपराध से जुड़ा मामला नहीं है.

देश के पूर्व रेल मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी और पवन बंसल ने सीबीआई जांच का विरोध किया. देश के पूर्व रेल मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी और पवन बंसल ने सीबीआई जांच का विरोध किया.
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 06 जून 2023,
  • अपडेटेड 6:22 PM IST

ओडिशा के बालासोर में 5 दिन पहले हुए ट्रेन हादसे का मामला गरमा गया है. विपक्ष ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को जिम्मेदार ठहराया है और उनका इस्तीफा मांगा है. वहीं, रेलवे बोर्ड ने इस पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने के लिए सीबीआई जांच की सिफारिश की है. मंगलवार को सीबीआई की एक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच भी शुरू कर दी है. इस बीच, देश के पूर्व रेल मंत्रियों ने सीबीआई जांच का विरोध किया है. 

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बता दें कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मंगलवार को आधिकारिक तौर पर ओडिशा के बालासोर ट्रेन हादसे की जांच अपने हाथ में ले ली है. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को बताया था कि रेलवे बोर्ड ने ओडिशा के बालासोर जिले में हुए ट्रिपल ट्रेन हादसे की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जांच की सिफारिश की है. 2 जून को हुए इस हादसे में करीब 278 लोगों की मौत हो गई और 1,100 से ज्यादा लोग घायल हो गए हैं. रेल मंत्री ने यह भी बताया था कि दुर्घटना के मूल कारण और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर ली गई है.

जयराम रमेश ने सरकार को घेरा, उठाए सवाल

इस हादसे को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का इस्तीफा मांगा. वहीं, कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सीबीआई जांच को लेकर सरकार पर निशाना साधा. जयराम ने कहा, बालासोर ट्रेन दुर्घटना में रेलवे सुरक्षा आयुक्त की रिपोर्ट से पहले ही सीबीआई जांच की घोषणा कर दी गई है. यह कुछ और नहीं, बल्कि हैडलाइन मैनेजमेंट है. सरकार डेडलाइन पूरा करने में पूरी तरह से विफल है. उन्होंने आगे कहा- अब इस क्रोनोलॉजी को याद कीजिए-

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- 20 नवंबर, 2016: इंदौर-पटना एक्सप्रेस कानपुर के पास पटरी से उतर गई. इस दुर्घटना में 150 से ज़्यादा लोगों की जान चली गई.
- 23 जनवरी, 2017: तत्कालीन रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखकर इस दुर्घटना की NIA जांच कराने की मांग की.
- 24 फरवरी, 2017: प्रधानमंत्री ने कहा कि कानपुर रेल दुर्घटना एक साज़िश है।
- 21 अक्टूबर, 2018: अख़बारों में रिपोर्ट आई कि NIA इस मामले में कोई चार्जशीट दाखिल नहीं करेगी.
- 6 जून, 2023:  कानपुर ट्रेन हादसे पर NIA की अंतिम रिपोर्ट को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक खबर नहीं आई है. कोई जवाबदेही नहीं.

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'जांच का कोई नतीजा नहीं निकला'

वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष और पूर्व रेल मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी और पवन कुमार बंसल ने रेल दुर्घटना की सीबीआई जांच के लिए सरकार की आलोचना की है. ममता बनर्जी ने कहा, ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस और सैंथिया दुर्घटना मामलों में सीबीआई ने जांच की थी, लेकिन इनका कोई निष्कर्ष नहीं निकला है.

आइए नजर डालते हैं कि पूर्व रेल मंत्रियों ने ओडिशा ट्रेन हादसे की सीबीआई जांच का विरोध क्यों किया...

'सीबीआई अपराध की जांच करती है, रेल दुर्घटना की नहीं'

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कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चार पन्नों का एक पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने 11 बिंदु उठाए हैं और तर्क दिया है कि सीबीआई अपराध की जांच करती है, रेल दुर्घटनाओं की नहीं. उन्होंने कहा, रेल मंत्री दावा करते हैं कि उन्हें हादसे का मूल कारण पता चल गया है, लेकिन उन्होंने अभी तक सीबीआई से जांच करने का अनुरोध नहीं किया है. सीबीआई अपराधों की जांच के लिए है, रेल दुर्घटनाओं की नहीं. सीबीआई या कोई अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसी तकनीकी निर्देशों और राजनीतिक विफलताओं के लिए जवाबदेही तय नहीं कर सकती है.

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'150 मौतों का जिम्मेदार कौन?'

उन्होंने कहा, देश को अभी भी कानपुर में 2016 की दुर्घटना याद है, जहां 150 लोगों की जान चली गई थी. रेल मंत्री ने एनआईए से जांच करने के लिए कहा था. इसके बाद, आपने खुद 2017 में एक चुनावी रैली में कहा था कि यह एक 'साजिश' थी. हालांकि, 2018 में एनआईए ने जांच बंद कर दी और चार्जशीट दायर करने से इनकार कर दिया. उन्होंने आरोप लगाया कि देश अभी भी अंधेरे में है. 150 मौतों के लिए कौन जिम्मेदार है.

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'रेल मंत्री के खोखले दावे बेनकाब'

खड़गे ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार का प्रणालीगत सुरक्षा की कमी को दूर करने का कोई इरादा नहीं है, बल्कि जवाबदेही तय करने के किसी भी प्रयास को पटरी से उतारने के लिए ध्यान भटकाने वाली रणनीति ढूंढ रही है. खड़गे ने सरकार पर हमला बोला और कहा, ओडिशा में ट्रेन दुर्घटना आंखें खोलने वाली रही है और रेल मंत्री के सभी खोखले सुरक्षा दावे अब बेनकाब हो गए हैं. बताते चलें कि मल्लिकार्जुन खड़गे 17 जून 2013 से 26 मई 2014 तक रेल मंत्री रहे.

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'यह सच्चाई दबाने का वक्त नहीं, सीबीआई जांच से नतीजा नहीं निकलेगा'

पूर्व रेल मंत्री और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सरकार पर हमला बोला और कहा, सीबीआई जांच का कोई नतीजा नहीं निकलेगा. कोलकाता के सरकारी एसएसकेएम अस्पताल में घायलों से मिलने के बाद ममता बनर्जी ने कहा कि ओडिशा में तीन ट्रेन दुर्घटना की सीबीआई जांच का कोई नतीजा नहीं निकलेगा. मैंने 12 साल पहले ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस दुर्घटना का मामला भी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को दिया था. लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला. मैंने सैंथिया मामले को भी सीबीआई को सौंपा था, तब भी कोई नतीजा नहीं निकला. सीबीआई आपराधिक मामलों की जांच करती है, लेकिन यह एक दुर्घटना का मामला है. रेलवे सुरक्षा आयोग है. वो पहले जांच करती है. हम चाहते हैं कि लोग सच्चाई जानें. यह सच्चाई को दबाने का समय नहीं है. उन सभी के बारे में सोचें, जिन्होंने अपने परिवार के सदस्यों को खोया है. ममता बनर्जी 23 मई 2009 से 19 मई 2011 तक रेल मंत्री रहीं.

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'सीबीआई जांच ध्यान भटकाने की रणनीति'

पूर्व रेल मंत्री पवन कुमार बंसल ने सीबीआई जांच को ध्यान भटकाने वाली रणनीति बताया. बंसल ने एक बयान में कहा, हमारी पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है और एक व्यक्ति के तौर पर मैं इससे सहमत हूं. मैं यह नहीं समझ पा रहा हूं कि जांच सीबीआई को क्यों सौंपी गई. पवन कुमार बंसल 28 अक्टूबर 2012 से 10 मई 2013 तक रेल मंत्री रहे.

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