
34 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर अतुल सुभाष की आत्महत्या के मामले में गिरफ्तार उनकी पत्नी निकिता सिंघानिया, सास निशा सिंघानिया और साले अनुराग सिंघानिया ने बेंगलुरु के लोकल कोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की है.
बता दें कि अतुल सुभाष ने 9 दिसंबर को आत्महत्या कर ली थी. पुलिस के अनुसार, निकिता और उनके परिवार पर पति को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है.
निकिता को गुरुग्राम (हरियाणा) से गिरफ्तार किया गया था, जबकि उनकी मां और भाई को प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) से 14 दिसंबर को पकड़ा गया था. इन्हें बेंगलुरु लाकर स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने बताया कि निकिता, उनकी मां और भाई ने गुरुवार को अदालत में संयुक्त जमानत याचिका दायर की है. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि वो फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं.
खुदकुशी से पहले अतुल ने लिखा था 24 पन्नों का सुसाइड नोट
अतुल सुभाष ने आत्महत्या से पहले एक 24 पन्नों की चिट्ठी लिखी थी, जिसमें उन्होंने अपनी वैवाहिक जीवन की समस्याओं, मानसिक तनाव और पत्नी और उनके परिवार द्वारा की जा रही प्रताड़ना का जिक्र किया था. इस चिट्ठी में उन्होंने उत्तर प्रदेश के एक जज का भी नाम लिया था.
पुलिस ने बताया कि अतुल और निकिता की शादी 2019 में हुई थी. शादी के बाद से ही उनके बीच विवाद चल रहा था, जो कई कानूनी मामलों में बदल गया. दोनों का 2020 में एक बेटा हुआ. अतुल ने अपनी मौत की चिट्ठी एक एनजीओ के व्हाट्सएप ग्रुप पर भी साझा की थी, जिसमें उन्होंने अपने पारिवारिक तनाव और पत्नी के साथ रिश्तों की खराब स्थिति का विस्तार से जिक्र किया था.
अतुल के भाई की शिकायत पर निकिता, उनकी मां निशा, भाई अनुराग और चाचा सुशील सिंघानिया के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया था. हालांकि, उत्तर प्रदेश की इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सुशील सिंघानिया को अग्रिम जमानत दे दी है.