
नए संसद भवन में केंद्रीय कानून मंत्री ने महिला आरक्षण पर लोकसभा में बिल पेश कर दिया है. इससे पहले पीएम मोदी ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए आरक्षण देने को मंजूरी दे दी है. उन्होंने महिला आरक्षण बिल को 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' नाम दिया है. पीएम मोदी के बाद लोकसभा में भाषण के लिए खड़े हुए कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कुछ ऐसा कहा कि जिसका खंडन करने के लिए गृह मंत्री अमित शाह खड़े हो गए.
दरअसल अधीर रंजन चौधरी ने अपने भाषण में कहा कि महिला आरक्षण का बिल कभी राज्यसभा में पास होता था तो लोकसभा में नहीं होता था और अगर लोकसभा में होता था तो राज्यसभा में गिर जाता था. अधीर रंजन ने कहा कि राजीव गांधी के प्रधानमंत्री रहते हुए कांग्रेस ने इस बिल को लोकसभा में पास कराया था.
इसके अलावा उन्होंने कहा कि डॉ. मनमोहन सरकार के समय महिला आरक्षण का जो बिल आया, वो आजतक जीवित है. उसे राज्यसभा में पास किया गया था. कांग्रेस नेता के भाषण का गृहमंत्री अमित शाह ने खड़े होकर तुरंत खंडन किया.
अमित शाह ने अधीर रंजन के बयान का खंडन किया
गृहमंत्री ने कहा कि अधीर रंजन ने कहा कि अधीर रंजन ने जो कहा वो फैक्चुअली गलत है. हमारे पास स्पष्ट जानकारी है कि पुराना बिल लैप्स कर गया है. इसके अलावा राजीव गांधी के समय लोकसभा में महिला आरक्षण पर कोई बिल पारित नहीं किया गया है.
अमित शाह ने आगे कहा, लोकसभा में जो बिल पारित होता है, अगर राज्यसभा उसे पारित नहीं करती है और लोकसभा का कार्यकाल खत्म हो जाता है तो वह बिल अपने आप खत्म हो जाता है. मैं मानता हूं कि इस चीज को स्पष्टता करनी चाहिए और अधीर रंजन के पास अलग जानकारी है तो सदन की टेबल पर रखना चाहिए.
अधीर रंजन ने और कहा था?
संसद ने बोलते हुए अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि हिन्दुत्व की चर्चा तो होती है, क्या हम 'हिन्दीत्व' पर आ जाएंगे?' उनके भाषण के दौरान बाद में हंगामा भी होता हुआ दिखा. दरअसल, स्पीकर ओम बिड़ला सहित कई सदस्य उनके बैठ जाने की मांग कर रहे थे, लेकिन अधीर रंजन चौधरी ने अपनी बात रखनी जारी रखी. इस दौरान ही सदन में जमकर नारेबाजी होने लगी. स्पीकर अधीर रंजन को अपनी बात खत्न करने के लिए कहते रहे. ओम बिड़ला ने कहा कि आज का दिन महिला आरक्षण के लिए है. इसलिए बाकी बातें बाद में रखिएगा.