
पश्चिम बंगाल के संदेशखाली की 5 महिलाओं समेत हिंसा के शिकार 11 पीड़ितों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की. इसके बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई. इस दौरान सेंटर फॉर एससी/एसटी सपोर्ट एंड रिसर्च के निदेशक डॉ. पार्थ बिस्वास ने कहा कि संदेशखाली बांग्लादेश बॉर्डर के साथ लगा हुआ है, 10 साल में इसी रास्ते से बड़ी घुसपैठ हुई है. संदेशखाली की डेमोग्राफी तेज़ी से बदल रही है. उन्होंने कहा कि ED पर हुए अटैक के पीछे बाहरी ताकत शामिल थी. उन्होंने टीएमसी का नाम लिए बिना कहा कि शेख शाहजहां के पीछे एक बड़ी पार्टी है. साउथ बंगाल में SC/ST कम्युनिटी बड़ी तादात में है. दलितों को उनकी ज़मीन से हटाया गया है, आदिवासी ज़मीन की लीज वापस लेने पर मारपीट भी हुई. बंगाल में ऐसे 20 संदेशखाली हैं, जहां महिलाओं के साथ उत्पीड़न हो रहा है.
उन्होंने कहा कि शाहजहां शेख के फैन उसे बंगाल टाइगर बुलाते हैं. संदेशखाली के लोगों ने हक़ मांगने की कोशिश की, तो शाहजहां शेख के लोगों ने बम गोले फेंके. आज कई बड़े दलित नेताओं को सन्देशखाली में आने का समय नहीं है. डॉ. पार्थ ने कहा कि शाहजहां शेख का भाई आज भी खुला घूम रहा है और दलितों के घर में जाकर धमकी दे रहा है. रिश्वत देकर, नौकरी का लालच देकर इस केस को दबाने की कोशिश की जारी है. डॉक्टर पार्थ ने ये भी कहा कि बाबा साहेब का संविधान और अधिकार छीन लिया गया है. आवाज़ उठाने वाले पर फ़र्ज़ी केस कर देते हैं, देश जानता है कि सन्देशखाली में क्या हो रहा हैं. आज राष्ट्रपति से मुलाक़ात कर सन्देशखाली का मुद्दा उठाया है.
बता दें कि संदेशखाली में ईडी टीम पर हमले के आरोपी शाहजहां शेख पर शिकंजा कसता जा रहा है. एक तरफ ईडी ताबड़तोड़ आरोपी के ठिकानों पर छापेमारी कर रही है तो वहीं दूसरी ओर कोर्ट ने उसकी जमानत खारिज कर दी है. इतना ही नहीं, कोर्ट ने उसकी सीबीआई कस्टडी 8 दिनों के लिए बढ़ा दी है. वहीं ईडी पर हमले के 7 अन्य आरोपियों को भी पांच दिन की सीबीआई कस्टडी में भेज दिया गया है.
ईडी ने दावा किया है कि पश्चिम बंगाल के राशन वितरण घोटाले में करीब 10 हजार करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार हुआ है. इस मामले में ईडी ने सबसे पहले बंगाल के पूर्व मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक को गिरफ्तार किया था. बाद में टीएमसी नेता शाहजहां शेख और बनगांव नगर पालिका के पूर्व चेयरमैन शंकर आद्या की भी संलिप्तता सामने आई थी. इसी सिलसिले में 5 जनवरी को ईडी की टीम जब शाहजहां शेख के आवास पर छापा मारने पहुंची तो वहां कुछ लोगों ने ईडी अधिकारियों पर हमला कर दिया था. हमले के बाद शाहजहां शेख फरार हो गया था, जिसे बाद में गिरफ्तार कर लिया. फिलहाल, वह सीबीआई की हिरासत में है.