
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहलवानों का धरना आठवें दिन भी जारी है. पहलवानों ने साफ कर दिया है कि जब तक बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी नहीं हो जाती, तब तक वो यहां से नहीं जाएंगे.पहलवान साक्षी मलिक ने कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा, हम डटे रहेंगे. इस बीच पहलवानों को राजनीतिक दलों का लगातार समर्थन मिल रहा है. आज भीम आर्मी के मुखिया चंद्रशेखर आजाद जंतर मंतर पहुंचे और खिलाड़ियों के समर्थन में बयान दिया. उन्होंने कहा कि अगले 3 दिन में पहलवानों के आंदोलन को गांव-गांव में लेकर जाएंगे, जब जनता खड़े होती है तो अच्छे तानाशाह गिर जाते हैं.
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, 'जंतर मंतर से न्याय नहीं मिलता. न्याय चाहिए तो पुलिस, कोर्ट जाना पड़ेगा. उन्होंने आज तक ऐसा कभी नहीं किया. अदालत जो भी फैसला करेगी हम उसे स्वीकार करेंगे..,'
-सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद दिल्ली पुलिस ने सभी 7 महिला शिकायतकर्ताओं को सुरक्षा दी है. दिल्ली पुलिस ने सभी 7 महिला शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज करने के लिए संपर्क किया है और जल्द ही बयान दर्ज किए जा सकते हैं.
- कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के पति रॉबर्ट वाड्रा भी पहलवानों के समर्थन में जंतर मंतर पहुंचे हैं. उन्होंने धरना- प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों के प्रति एकजुटता दिखाई.
-सुप्रीम कोर्ट में पहलवानों की पैरवी कर रहे प्रसिद्ध वकील और सांसद कपिल सिब्बल ने ट्वीट कर कहा, 'विरोध कर रहे पहलवानों की दुर्दशा: एक नाबालिग, 6 अन्य पीड़ित, एक उद्दंड आरोपी, एक मूक पीएमओ, कोई गिरफ्तारी नहीं. एक साफ सुधरी जांच?"
- भीम आर्मी के नेता चंद्रशेखर आजाद ने केंद्र पर हमला करते हुए कहा, 'ये लड़ाई पार्टी, जाति या धर्म की नहीं है बल्कि यह लड़ाई इंसाफ की है. सरकार कह रही है कि ये जाट आंदोलन है. आज सरकार प्रदर्शन को धर्म के चश्मे से देख रही है.देश के लिए समर्थन दिल से आता है.पहलवान आंसू न बहाएं. कोई खिलाडी एक दिन में नहीं बनता है. तपस्या में तप कर खिलाडी बनते हैं. ताकतवर लोगों को लगता है कि पहलवानो को जीतने नहीं देना है. अबतक तो बृज भूषण को इस्तीफा दे देना चाहिए था.'
-ओलंपिक पदक विजेता और पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच करने वाली समिति के सदस्य रहे योगेश्वर दत्त ने कहा '...पुलिस तभी कार्रवाई करेगी जब आप उन्हें इसकी सूचना देंगे. अगर कोई घर पर बैठता है तो वह ऐसा नहीं करेगी. योगेश्वर दत्त ने कहा कि पहलवानों को 3 महीने पहले ऐसा करना चाहिए था, मैंने पहले भी कहा था कि अगर वे कार्रवाई चाहते हैं, तो उन्हें इसकी सूचना पुलिस को देनी चाहिए...'
- इसी प्रदर्शन के दौरान अभय चौटाला ने कहा, ओलंपिक में कई बार सिफारिशी बच्चों को भेज दिया जाता है. फिर एसोसिएशन के भेड़िए बच्चों का शोषण और प्रताड़ित करते हैं. खिलाड़ियों के साथ राजनीति हो रही है और ऐसे शख्स को बचाया जा रहा है जिसने बहन बेटियों के साथ खिलवाड़ किया. प्रधानमंत्री ने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के नारे का पानीपत से आगाज किया था. आज उन्हीं की पार्टी के लोग बेटियों के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं. खाप पंचायत के लोग यहां मौजूदा हैं.
अभय चौटाला बोले, इन्हें सबक सिखाना है तो एक दिन हरियाणा बंद का आयोजन करो और इसमें सारे राजनीतिक दल शामिल करो. अगर गिरफ्तारी और इस्तीफा जल्द नहीं हुआ तो आंदोलन आगे बढ़ेगा. प्रधानमंत्री को मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों के साथ न्याय करना चाहिए. आज कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में बहन बेटियां खेल के माध्यम से आगे नहीं बढ़ पाएंगी. दिल्ली के चारों तरफ के रास्ते बंद कर दो. पहलवानों के हर फैसले के साथ हैं.
- इस आंदोलन को लेकर किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा, 'पदक जीतकर जिन्होंने विदेशों तक तिरंगा फहराया और देश को गौरव की अनुभूति का अहसास कराया, वो आज मान और सम्मान बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं. इस न्याय की लड़ाई में शामिल होने के लिए हम भी 2 मई को जंतर-मंतर दिल्ली पहुंच रहे हैं.
इससे पहले दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को भारतीय कुश्ती महासंघ के प्रमुख बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों के संबंध में दो प्राथमिकी (FIR) दर्ज की हैं. महिला पहलवानों से मिली शिकायतों के आधार पर कनॉट प्लेस थाने दर्ज दो एफआईआर में गंभीर आरोप लगाए गए हैं. पहली प्राथमिकी एक नाबालिग द्वारा लगाए गए आरोपों से संबंधित है, जिसमें बाल यौन शोषण के खिलाफ कानून (पोक्सो) के तहत भारतीय दंड संहिता की प्रासंगिक धाराएं जोड़ी गई हैं.
बृजभूषण सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने पर पहलवान बजरंग पुनिया ने कहा, 'पुलिस ने कहा कि विरोध करना है तो सड़क पर सो जाओ. आज उन पर यह कैसा दबाव आ गया है, ऐसी कोई समस्या पहले नहीं थी, यह FIR केवल सुप्रीम कोर्ट के दबाव के कारण हुई है. हमने कुछ सामान मंगवाया था लेकिन वे (पुलिस) हमें यहां लाने नहीं दे रहे हैं और सामान लाने वाले को पीट-पीट कर भगा रहे हैं. जब तक न्याय नहीं मिलता, हम विरोध करेंगे, पुलिस प्रशासन हमें कितना भी प्रताड़ित करे.'