
भारत की महिला रेसलर विनेश फोगाट पेरिस ओलंपिक से अयोग्य घोषित हो चुकी हैं. आज उन्हें गोल्ड मेडल के लिए फाइनल मुकाबले में उतरना था, लेकिन इससे पहले ही विनेश को 50 किलोग्राम वेट कैटेगरी में ओवरवेट होने के कारण डिसक्वालीफाई कर दिया गया. इस मुद्दे पर भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अध्यक्ष संजय सिंह का बयान आया है.
संजय सिंह ने एजेंसी से बात करते हुए कहा,'भारत सरकार ने विनेश को पर्सनल कोच, पर्सनल फिजियो और पर्सनल न्यूट्रिशनिस्ट मुहैया कराया था. सारे लोग उनके साथ खेल विलेज में ही हैं. दो दिनों तक वह लड़ीं और उनका वजन एक सा था. लेकिन रात में अचानक उनका वजन कैसे बढ़ गया, इसका जवाब उनके न्यूट्रिशनिस्ट ही दे पाएंगे.'
'विनेश का अयोग्य होना देश का दुर्भाग्य'
WFI चीफ संजय सिंह ने आगे कहा,'इतनी बढ़िया कुश्ती लड़कर विनेश फाइनल में पहुंचीं, लेकिन यह हमारे देश का दुर्भाग्य है कि वह 100 ग्राम वजन ज्यादा होने के कारण अयोग्य घोषित हो गईं. WFI इसका लीगल पक्ष देख रहा है. पीटी ऊषा खेल विलेज में पहुंच गई हैं. हम आगे की रणनीति पर विचार कर रहे हैं.'
एकदम फिट हैं विनेश, कर रही हैं आराम
अयोग्य घोषित होने के बाद जब विनेश के तबीयत खराब होने को लेकर भारतीय कुश्ती महासंघ के चीफ से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा,'रात में विनेश ने वजन कम करने के लिए मेहनत की थी. इसलिए उन्हें हल्का-फुल्का डिहाइड्रेशन हो गया था. लेकिन अब वह एकदम फिट हैं और आराम कर रही हैं.'
आज होना था गोल्ड मेडल का इवेंट
बता दें कि 29 साल की विनेश को 50 किलोग्राम रेसलिंग में डिसक्वालिफाई (अयोग्य) किया गया है, विनेश का वजन जब थोड़ा बढ़ा हुआ आया तो उन्होंने इसे कम करने की भी कोशिश की. आज (7 अगस्त) गोल्ड मेडल का इवेंट होना था, लेकिन इससे पहले विनेश का वेट ज्यादा निकला. विनेश फोगाट को पेरिस ओलंपिक में अयोग्य घोषित जाने के बाद बताया गया कि उनका वजन 50 किलो से मेल नहीं खा रहा था.
प्रधानमंत्री मोदी ने भी किया ट्वीट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी विनेश फोगाट के अयोग्य होने पर ट्वीट किया है. उन्होंने ट्वीट कर कहा,'विनेश, आप चैंपियनों में चैंपियन हैं! आप भारत का गौरव हैं और हर भारतीय के लिए प्रेरणा हैं. आज की असफलता दुख देती है. काश मैं शब्दों में उस निराशा को व्यक्त कर पाता, जो मैं अनुभव कर रहा हूं. साथ ही, मैं जानता हूं कि आप लचीलेपन की प्रतिमूर्ति हैं. चुनौतियों का सामना करना हमेशा से आपका स्वभाव रहा है. और मजबूत होकर वापस आओ! हम सब आपके लिए प्रार्थना कर रहे हैं.'