
महंत यति नरसिंहानंद को एक बार फिर भड़काऊ भाषण देने के आरोप में बुक किया गया है. उन पर आरोप है कि उन्होंने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले और अन्य राज्यों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए. शनिवार को उनके सहयोगियों ने दावा किया कि नरसिंहानंद को गाजियाबाद में हिरासत में लिया गया है, हालांकि इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.
शुक्रवार रात उनके भड़काऊ बयान का वीडियो वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में लोग गाजियाबाद के डासना देवी मंदिर के बाहर इकट्ठा हो गए. मंदिर के प्रमुख नरसिंहानंद के बयानों को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू होने के बाद पुलिस ने मंदिर के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी है.
तेलंगाना सहित कई राज्यों में नरसिंहानंद के खिलाफ पुलिस में शिकायतें दर्ज की गई हैं. AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने शनिवार को हैदराबाद के पुलिस आयुक्त सीवी आनंद को ज्ञापन सौंपते हुए नरसिंहानंद की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की. महाराष्ट्र के अमरावती शहर में भी उनके खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज की गई है, जहां उनके बयान के खिलाफ हुए हिंसक प्रदर्शन में 21 पुलिसकर्मी घायल हो गए और पत्थरबाजी के दौरान 10 पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हो गए.
नरसिंहानंद पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जानबूझकर किए गए कार्य), 302 (जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए बोले गए शब्द) और 197 (राष्ट्रीय एकता को हानि पहुंचाने वाले कार्य) के तहत नागपुरी गेट पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है.
नरसिंहानंद के खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हैं, जिनमें दिसंबर 2021 में हरिद्वार में एक सम्मेलन में दिए गए कथित घृणास्पद भाषण का मामला भी शामिल है. वह इस मामले में जमानत पर थे. उनके करीबी सहयोगी और यति नरसिंहानंद सरस्वती फाउंडेशन के महासचिव उदिता त्यागी ने दावा किया कि उन्हें 29 सितंबर को गाजियाबाद के हिंदी भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए हिरासत में लिया गया है, लेकिन उनकी स्थिति के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है.
इस बीच, गाजियाबाद पुलिस ने डासना मंदिर के बाहर विरोध प्रदर्शन को लेकर 150 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है. डासना पुलिस चौकी के उप-निरीक्षक भानु की शिकायत पर यह मामला दर्ज किया गया. जिले में धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है, जिसके अनुसार पांच या अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध है. अमरावती पुलिस आयुक्त नवीन चंद्र रेड्डी ने बताया कि शुक्रवार रात बड़ी संख्या में लोग नागपुरी गेट पुलिस स्टेशन के बाहर इकट्ठा हुए थे. वहां पहले ही नरसिंहानंद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी थी, लेकिन वीडियो वायरल होने के बाद भीड़ ने पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिससे स्थिति बिगड़ गई. मामले में अब तक 1,200 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जिनमें से 26 की पहचान की जा चुकी है.
इस बीच, लोनी के भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर ने डासना देवी मंदिर पहुंचकर घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की. उन्होंने कहा, "यह हमला हिंदुत्व पर है. अगर पुलिस की गोली से 10-20 लोग मारे जाते, तो ऐसी घटनाएं नहीं होतीं. ऐसे लोगों का एनकाउंटर होना चाहिए." गुर्जर के इस बयान के बाद माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो सकता है. पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है.