मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने नूंह हिंसा के पीड़ितों के पुनर्वास के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. याचिका में कहा है कि जिनके घरों को तोड़ा गया है। उनको अभी तक मुआवजा नहीं दिया गया है. उनके पुनर्वास की व्यवस्था नहीं है। पिछले कुछ दिनों में सांप्रदायिक हिंसा में छह लोगों की हत्या के बाद नूंह जिले में अधिकारियों ने बुलडोजर चलाया था.