
राज्यसभा से सस्पेंड चल रहे आम आदमी पार्टी के नेता राघव चड्ढा की संसद में वापसी हो गई है. भाजपा सांसद जीवीएल नरसिम्हा राव ने सोमवार को सभापति के सामने राघव चड्ढा की वापसी के लिए प्रस्ताव पेश किया, जिस पर सभापति जगदीप धनखड़ ने आप सांसद राघव चड्ढा का निलंबन रद्द कर दिया.
बता दें कि राघव चड्ढा को राज्यसभा में दिल्ली में केंद्रीय कैडर के अधिकारियों की तैनाती और तबादलों के मुद्दे पर बनाए कानून पर कुछ सदस्यों का समर्थन पत्र देने के बाद 11 अगस्त को राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया था. क्योंकि पत्र में जिन सदस्यों के नाम लिखे गए थे उनमें से कुछ ने बिना सहमति के उनका नाम लिखने पर आपत्ति जताई थी. चड्ढा पर फर्जीवाड़ा कर सांसदों के विशेषाधिकार हनन करने का आरोप लगा था.
राघव चड्ढा ने ही पेश किया था बिल
दरअसल, जिनके दस्तखत चड्ढा ने अपने पत्र पर दिखाए थे उनमें से पांच सांसदों का दावा था कि दिल्ली सेवा विधेयक को उनकी सहमति के बिना सेलेक्ट कमेटी को भेजने के प्रस्ताव पर उनके नाम का उल्लेख किया गया था. यह प्रस्ताव AAP सांसद राघव चड्ढा ने पेश किया था. इस प्रस्ताव में विरोध दर्ज कराने वाले तीन भाजपा सांसद थे. एक बीजद से थे और एक अन्नाद्रमुक सांसद भी शामिल थे.
सभापति ने कर दिया था निलंबित
इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जांच की मांग की थी. सदन में जांच का आदेश देने के साथ ही रिपोर्ट आने तक चड्ढा को निलंबित कर दिया गया था. राज्यसभा से निलंबन के बाद राघव चड्ढा ने सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर अपने निलंबन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती भी दी थी. इससे पहले आप सांसद संजय सिंह को भी हंगामा करने और बार बार चेतावनी के बावजूद अनुशासन में नहीं आने पर सभापति ने निलंबित कर दिया था.