
पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने गुरुवार को कहा कि जिन्हें तृणमूल कांग्रेस में दिक्कत हो रही है, वो कांग्रेस में लौट आएं.
अधीर रंजन चौधरी की यह टिप्पणी उस समय सामने आई है, जब बंगाल में राज्य मंत्री और सत्तारूढ़ टीएमसी के नेता सुवेन्दु अधिकारी ने बिना पार्टी बैनर के पूर्वी और पश्चिमी मिदनापुर में सार्वजनिक बैठकें की हैं. इन बैठकों के बाद सुवेन्दु अधिकारी के भविष्य के कदमों को लेकर तमाम अटकलबाजी लगाए जाने लगी हैं.
अधीर रंजन चौधरी की यह टिप्पणी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि कांग्रेस पश्चिम बंगाल में लंबे समय से सत्ता से दूर है, जहां 2021 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं.
पश्चिम बंगाल कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल के जरिये अधीर रंजन चौधरी ने याद दिलाया कि टीएमसी कांग्रेस की कोख से पैदा हुई पार्टी है और उसकी कोई राजनीतिक पहचान नहीं है. यदि कोई तृणमूल कांग्रेस में दिक्कतों का सामना कर रहा है तो उसके लिए कांग्रेस के दरवाजे हमेशा के लिए खुले हुए हैं.
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी ने बंगाली में किसी का नाम लिए बिना ट्वीट किया और उन्होंने आश्वस्त किया कि अगर आप हमारी पार्टी में लौटना चाहते हैं तो कांग्रेस के पास आपको सम्मान देने की ताकत है.
असल में, सुवेन्दु अधिकारी ने पिछले कई महीनों से टीएमसी से दूरी बना रखी है और पार्टी के बैनर के बिना कार्यक्रम कर रहे हैं, जहां उन्होंने एक जमीनी नेता के रूप में वर्षों से लोगों के आंदोलन में शामिल होने की बात कही है जबकि उन्हें किसी ने भी कोई पद नहीं दिया.
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सुवेन्दु अधिकारी ने मंगलवार को नंदीग्राम में किसान विरोधी जमीन अधिग्रहण आंदोलन के अवसर पर बिना पार्टी बैनर के एक कार्यक्रम आयोजित किया था. 13 साल पहले इस आंदोलन के दौरान पुलिस फायरिंग में कई लोग मारे गए थे. बहरहाल, इस कार्यक्रम में अधिकारी ने कहा, 'हम युद्ध के मैदान में मिलेंगे'. हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया.
अधिकारी के अलावा बैरकपुर से टीएमसी के विधायक सिलभद्र दत्ता ने हाल ही में 2021 विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने के अपने फैसले की घोषणा की थी. हालांकि, उन्होंने भविष्य के अपने राजनीतिक कदम के बारे में बताने से परहेज किया.