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'अब मैं बंगाल प्रदेश अध्यक्ष नहीं....', बोले अधीर रंजन, खड़गे पर साधा निशाना!

अधीर रंजन ने कहा कि जब लोकसभा का चुनाव चल रहा था तब मल्लिकार्जुन खड़गे ने टेलीविजन पर कहा था कि यदि आवश्यक हुआ तो मुझे बाहर रखा जाएगा. जबकि मैंने चुनाव के दौरान पार्टी नेताओं के सामने अपनी राय रखी थी. लेकिन खड़गे के इस तरह के बयान से मुझे दुख हुआ.

अधीर रंजन चौधरी अधीर रंजन चौधरी
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 30 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 6:05 PM IST

पश्चिम बंगाल के दिग्गज कांग्रेसी नेता अधीर रंजन चौधरी ने मल्लिकार्जुन खड़गे पर निशाना साधा है. न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि जिस दिन से मल्लिकार्जुन खड़गे पार्टी अध्यक्ष बने है उस दिन से पार्टी के संविधान के मुताबिक, देश में पार्टी के बाकी सभी पद अस्थायी हो गए हैं. यहां तक ​​कि मेरा पद भी अस्थायी हो गया. 

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खड़गे पर अधीर रंजन ने साधा निशाना

अधीर रंजन ने कहा कि जब लोकसभा का  चुनाव चल रहा था तब मल्लिकार्जुन खड़गे ने टेलीविजन पर कहा था कि यदि आवश्यक हुआ तो मुझे बाहर रखा जाएगा. जबकि मैंने चुनाव के दौरान पार्टी नेताओं के सामने अपनी राय रखी थी.लेकिन खड़गे के इस तरह के बयान से मुझे दुख हुआ. आपने देखा होगा कि पश्चिम बंगाल में चुनाव के नतीजे भी कांग्रेस के लिए अच्छे नहीं रहे. उन्होंने कहा कि भले ही मैं अस्थायी पार्टी अध्यक्ष था, लेकिन राज्य में मिली हार के बाद यह मेरी जिम्मेदारी थी कि मैं इस हार के लिए खुद को उत्तरदायी मानूं. जिसके बाद मैंने खड़गे जी से कहा था कि अगर संभव हो तो आप मेरी जगह किसी और को दे सकते हैं.

मीटिंग में पता चला मैं अब पूर्व अध्यक्ष

अधीर रंजन ने आगे कहा कि इसी बीच AICC ने मुझे पश्चिम बंगाल के कांग्रेस नेताओं की बैठक बुलाने के लिए सूचित किया. कहा गया कि दो जरूरी प्रस्ताव पास कराया जाना है. यह बैठक मेरी ही अध्यक्षता में बुलाई गई थी. अधीर रंजन ने कहा कि बैठक के समय तक मैं पश्चिम बंगाल कांग्रेस का अध्यक्ष था लेकिन बैठक के दौरान गुलाम अली मीर ने मुझे संबोधित करते हुए राज्य का पूर्व अध्यक्ष बताया. तब मुझे पता चला कि मैं अब राज्य का अध्यक्ष नहीं रहा. 

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यह भी पढ़ें: बहरामपुर से हार के बाद बोले अधीर रंजन, कहा- आने वाला समय कठिन

लोकसभा चुनाव में मिली थी हार

अधीर रंजन चौधरी ने साल 1991 में कांग्रेस पार्टी ज्वाइन की थी. 1999 में उन्होंने पहली बार लोकसभा का चुनाव जीता था. पिछली सरकार में वह लोकसभा में कांग्रेस के नेता भी थे. लेकिन इस बार हुए लोकसभा चुनाव में अधीर रंजन को अपने गढ़ यानी की बहरामपुर में युसूफ पठान के हाथों हार का सामना करना पड़ा था. टीएमसी ने पूर्व क्रिकेटर युसूफ पठान को टिकट दिया था. बता दें कि इस बार लोकसभा चुनाव में अधीर रंजन और बंगाल की सीएम ममता बनर्जी में भी काफी तल्खी देखने को मिली थी. शीर्ष नेतृत्व से भी अधीर रंजन के टकराव की खबरें सामने आई थीं.

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