
गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में चल रहे गतिरोध पर इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में दो टूक कहा कि राहुल गांधी संसद में फ्री स्टाइल में नहीं बोल सकते हैं. नियमों के हिसाब से बोलना पड़ता है. जैसे रोड पर हम लोग बोलते हैं, वैसे पार्लियामेंट में नहीं बोल सकते हैं. ये नियम हमने नहीं बनाये हैं.
अमित शाह से जब पूछा गया कि आप कहते हैं कि राहुल गांधी को माफी मांगनी चाहिए और विपक्ष का कहना है कि अडानी पर जेपीसी बननी चाहिए? तो संसद चलेगी या नहीं? इसके जवाब में अमित शाह ने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में पार्लियामेंट को अकेला सत्ता पक्ष अथवा विपक्ष नहीं चला सकता है. दोनों के बीच में संवाद होना चाहिए. इस बार के विवाद को मैं बारीकी से देख रहा हूं. हमारी कोशिशों के बाद भी उस ओर से बातचीत का कोई प्रस्ताव नहीं आता है. बात किससे करें?
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अमित शाह ने कहा कि इसलिए बात हम मीडिया में करें. गृह मंत्री ने कहा कि वे स्लोगन लेकर आए हैं कि पार्लियामेंट में फ्रीडम ऑफ स्पीच हो. लेकिन पार्लियामेंट में फ्रीडम ऑफ स्पीच है. आपको कोई नहीं रोक सकता. लेकिन पार्लियामेंट में फ्री स्टाइल में नहीं बोल सकते हैं. रूल्स के हिसाब से बोलना पड़ता है, रूल्स को समझना पड़ता है. रूल्स को पढ़ना पड़ता है, बाद में रूल्स के हिसाब से पार्लियामेंट में डिबेट होती है. जैसे रोड पर बोलते हैं वैसे पार्लियामेंट में नहीं बोल सकते हैं. इतने बेसिक कॉन्सेप्ट क्लियर नहीं है तो इसमें हम क्या कर सकते हैं.
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संसद चलाने के नियम सालों पहले बने हुए हैं
नेहरू और इंदिरा की याद दिलाते हुए अमित शाह ने कहा कि संसद चलाने के लिए नियम बनाए हुए हैं और इसे हमने नहीं बनाया है. राहुल गांधी की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी दादी के पिता जी के समय से ये नियम बने हुए हैं.वो भी इसी नियमों के तहत चर्चा करते थे. हम भी इसी नियम के तहत चर्चा कर रहे हैं. न नियम समझना और न ही कुछ करना और फिर कहते हैं कि बोलने नहीं देते. ऐसा नहीं होता है, कभी भी कोई भी खड़ा होकर नहीं बोल सकता है. इसके नियम बने हुए हैं. जो सालों पुराने हैं. जिसमें कोई परिवर्तन नहीं है.
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क्या कांग्रेस सदन चलने देना चाहती है?
संसद में कार्यवाही को चलने देने का समर्थन करते हुए अमित शाह ने कहा कि वे मानते हैं कि संसद चलनी चाहिए. स्पीकर साहब के चैंबर में जाकर उन्हें बात करनी चाहिए. हमने स्पीकर साहब को भी कहा है. दोनों ओर से चर्चा कर इसका रास्ता निकालकर इसपर बहस करनी चाहिए. अमित शाह ने कहा कि जहां तक उन्हें पता है स्पीकर साहब ने उन्हें कहा है कि आप कभी भी बोल सकते हैं. लेकिन इससे पहले उन्हें ये तय करके आना चाहिए कि उनकी पार्टी संसद को चलने देना चाहती है या नहीं.
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2024 में बीजेपी की टक्कर किससे?
इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में जब बीजेपी के दिग्गज नेता अमित शाह से 2024 के चुनाव में बीजेपी के मुख्य प्रतिद्वंद्वी के बारे में पूछा गया तो अमित शाह ने कहा कि मौजूदा चित्र के अनुसार हर राज्य में बीजेपी की टक्कर अलग अलग दलों से दिखाई देती है. स्पर्धा तो है. क्षेत्रीय दलों की ताकत के बारे में अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में हमने एसपी-बीएसपी को चार चुनावों में हराया है, आरजेडी को बिहार में कई बार हराया है, पूर्वोत्तर में वहां के क्षेत्रीय दलों को हराया है.
जम्मू-कश्मीर में कब तक हो सकता है चुनाव?
अमित शाह से जब 2024 चुनाव की रणनीति पूछी गई तो उन्होंने कहा कि इस बार के चुनाव में बीजेपी और एनडीए दोनों की सीटों में बढ़ोतरी होगी, कमी कहीं नहीं होगी. उन्होंने कहा कि हमारी सीटें 303 से ऊपर जाएगी. अमित शाह से जब जम्मू-कश्मीर में चुनाव की संभावनाओं के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि चुनाव कराने का काम चुनाव आयोग का है. उन्होंने कहा कि जब चुनाव आयोग की तैयारी पूरी हो जाएगी तो वो हमसे रिपोर्ट मांगेंगे, और हम उन्हें तुरंत रिपोर्ट दे देंगे. गृह मंत्री ने कहा कि सभी थाने ऑनलाइन जुड़े हैं, इसलिए उन्हें जब भी डेटा चाहिए होगा लॉ एंड ऑर्डर का डेटा हम उन्हें तुरंत मुहैया करा देंगे. इसके बाद वे अपनी तैयारी के अनुसार चुनाव करा सकते हैं.
गांधी परिवार के साथ कैसे हैं अमित शाह के रिश्ते?
गृह मंत्री अमित शाह से जब पूछा गया कि उनके गांधी परिवार से रिश्ते कैसे हैं तो उन्होंने हंसते हुए जवाब दिया कि जैसा सामने वाले का रिलेशनशिप मेरे साथ है वैसा ही मेरा रिश्ता उनके साथ है. अमित शाह ने आगे कहा कि मेरा किसी भी गांधी परिवार के सदस्य से कोई व्यक्तिगत रिश्ता नहीं है. राजनीति में जैसा औपचारिक संबंध होता है वैसा ही संबंध है. वो एक और पार्टी के नेता हैं मैं किसी और पार्टी का कार्यकर्ता हूं.