
बीजेपी आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह का एक ऑडियो जारी किया है. ये ऑडियो क्लबहाउस चैट का है जिसमें दिग्विजय सिंह अनुच्छेद-370 पर बात कर रहे हैं. इस ऑडियो में दिग्विजय ये कहते सुनाई दे रहे हैं कि अगर कांग्रेस सत्ता में वापस आती है तो 370 हटाने के फैसले पर दोबारा विचार किया जाएगा.
केंद्र सरकार ने 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर को खास दर्जा देने वाले आर्टिकल 370 को हटा दिया था. साथ ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेश में भी बांट दिया था.
अमित मालवीय ने दावा किया है कि इस चैट में पाकिस्तानी पत्रकार भी मौजूद थे. उन्होंने ट्वीट कर लिखा, "क्लबहाउस चैट में राहुल गांधी के करीबी दिग्विजय सिंह पाकिस्तानी पत्रकार से कह रहे हैं कि अगर कांग्रेस सत्ता में आती है तो आर्टिकल 370 हटाने के फैसले पर दोबारा विचार किया जाएगा. सच में? यही तो पाकिस्तान चाहता है..."
In a Club House chat, Rahul Gandhi’s top aide Digvijaya Singh tells a Pakistani journalist that if Congress comes to power they will reconsider the decision of abrogating Article 370…
Really? यही तो पाकिस्तान चाहता है… pic.twitter.com/x08yDH8JqF
क्या कहते सुनाई दे रहे हैं दिग्विजय?
इस चैट में दिग्विजय कहते सुनाई दे रहे हैं, "जब उन्होंने कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाया तो वहां लोकतंत्र नहीं था. वहां इंसानियत भी नहीं थी, क्योंकि सभी को जेल में बंद कर दिया गया था. कश्मीरियत वहां के सेक्युलरिज्म का हिस्सा है, क्योंकि मुस्लिम बहुल राज्य का राजा हिंदू था और दोनों साथ मिलकर काम किया करते थे. यहां तक कि कश्मीर में कश्मीरी पंडितों को सरकारी नौकरी में आरक्षण दिया गया था. ऐसे में आर्टिकल 370 को हटाने का फैसला बेहद दुखद था और कांग्रेस जब सत्ता में आएगी तो 370 हटाने के फैसले पर दोबारा विचार करेगी."
दिग्विजय ने दी सफाई...
इस मामले पर विवाद बढ़ने पर दिग्विजय सिंह की भी सफाई सामने आ गई है. उन्होंने इंडिया टुडे से कहा, "Shall और Consider में फर्क होता है. शायद कुछ नेताओं को समझ में नहीं आता. कांग्रेस पार्टी ने आर्टिकल 370 की संसद में भी आपत्ति जताई थी जिस तरह से उसको अमल में लाया गया वो तरीका भी गलत था और ना ही फैसला लेने से पहले वहां के लोगों को सम्मिलित किया गया था."
दिग्विजय के ऑडियो पर बीजेपी हमलावर
दिग्विजय का ऑडियो सामने आने के बाद बीजेपी हमलावर हो गई है. कांग्रेस छोड़कर एक साल पहले बीजेपी में आए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ट्वीट कर लिखा, "कांग्रेस आज भी पाकिस्तान का पक्ष लेने से चूकती नहीं. कांग्रेस की नीति और नीयत का सत्य! मुझे आश्चर्य नहीं हुआ दिग्विजय जी."
बेगूसराय से बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने ट्वीट कर कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने लिखा, "पाकिस्तान कांग्रेस का पहला प्यार है. दिग्विजय सिंह ने राहुल गांधी का मैसेज पाकिस्तान तक पहुंचा दिया. कश्मीर को हथियाने में कांग्रेस पाकिस्तान की मदद करेगी."
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ट्वीट कर लिखा कि कांग्रेस को 370 पर सहमत होना चाहिए था. उन्होंने लिखा, "इंसानियत की मौत उस दिन हुई जब हिंसा भड़काने वालों ने अपने बच्चों को विदेश भेजा और आम लोगों के बच्चों को पत्थर दिए. कश्मीरियत उस दिन मरी जब लाखों कश्मीरी पंडितों को रातों-रात घाटी से भगा दिया गया और यहां तक कि आज भी उनकी हत्याएं हो रही हैं." उन्होंने आगे लिखा, "दिग्विजय सिंह को हमारे कश्मीरी भाइयों को भड़काने की बजाय कश्मीरियों से वतनपरस्ती का पाठ सीखना चाहिए."
वहीं, केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लिखा, "कांग्रेस पार्टी की यही मानसिकता है, जिसने कश्मीर में अलगाववाद के बीज बोए हैं और घाटी में पाकिस्तान के मंसूबों को बढ़ावा दिया है."
कश्मीरी पंडित, लेखक और एक्टिविस्ट डॉ. अग्निशेखर ने कहा, "कांग्रेस नेता झूठ फैला रहे हैं. उन्होंने कहा कि आर्टिकल 370 के तहत कश्मीरी पंडितों को आरक्षण और विशेष अधिकार मिले थे, लेकिन ऐसा नहीं है. आर्टिकल 370 घाटी में आतंकवाद और अलगाववाद बढ़ाने का मूल कारण था, जिसने हिंदुओं की घाटी से सफाई कर दी."