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दिलीप घोष बोले-मुझ पर हमला हुआ, कार्यकर्ताओं को पीटा, स्थगित हो भवानीपुर उपचुनाव

उन्होंने कहा कि हमने पुलिस से भी सहायता मांगी थी, लेकिन हमें कोई मदद नहीं दी गई. वहां पर एक पुलिसवाला सिविल ड्रेस में मौजूद था. उसने जब हमें बचाने की कोशिश की तो उसके साथ भी मारपीट की गई.

दिलीप घोष ने उपचुनाव स्थगित करने की मांग की (फाइल फोटो) दिलीप घोष ने उपचुनाव स्थगित करने की मांग की (फाइल फोटो)
अनुपम मिश्रा
  • कोलकाता,
  • 27 सितंबर 2021,
  • अपडेटेड 6:10 PM IST
  • दिलीप घोष ने उपचुनाव स्थगित करने की मांग की
  • टीएमसी कार्यकर्ताओं पर मारपीट का आरोप
  • आज चुनाव प्रचार का है आखिरी दिन

बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने भवानीपुर उपचुनाव को स्थगित कराने की मांग की है. उन्होंने टीएमसी कार्यकर्ताओं पर गुंडागर्दी के आरोप लगाए हैं. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि मैं भवानीपुर क्षेत्र में लिफलेट देने गया था तभी वहां टीएमसी कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी. उसके बाद मैं एक सेंटर में घुसा. वहां पर लोगों ने मुझे घेर लिया. मुझपर हमला किया गया. हमारे कार्यकर्ताओं को पीटा गया. एक घंटे पहले अर्जुन सिंह के साथ भी यही सब हुआ था. यह हर रोज हो रहा है.

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उन्होंने कहा कि हमने पुलिस से भी सहायता मांगी थी, लेकिन हमें कोई मदद नहीं दी गई. वहां पर एक पुलिसवाला सिविल ड्रेस में मौजूद था. उसने जब हमें बचाने की कोशिश की तो उसके साथ भी मारपीट की गई. भवानीपुर जैसे इलाके में जहां पर सीएम ममता बनर्जी रहती है, वहां पर मैंने निर्वाचन आयोग को भी शिकायत की थी. लेकिन उनकी तरफ से भी कोई कार्रवाई नहीं की गई. मौजूदा हालात में स्वतंत्र और निष्पक्ष तरीके से वोटिंग करवाना बेहद मुश्किल है. इस वजह से मैंने चुनाव स्थगित करवाने की मांग की है. 

दिलीप घोष ने घटना के कुछ घंटे बाद कहा कि जिस तरीके से मुझ पर हमला हुआ और मुझे बचाने के लिए मेरे सुरक्षाकर्मियों को मजबूरी में बंदूक निकालनी पड़ी वैसी परिस्थिति में चुनाव होना संभव नहीं है. हम चुनाव आयोग से मांग कर रहे हैं कि भवानीपुर उप चुनाव को रद्द किया जाए या स्थगित किया जाए और जब तक माहौल सही ना हो तब तक यहां पर चुनाव ना करवाई जाए. पश्चिम बंगाल में रिटर्निंग ऑफिसर ने बीजेपी दिलीप घोष की शिकायत पर डिटेल रिपोर्ट और फुटेज सबमिट किया है.

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क्या है आरोप?

दिलीप घोष के मुताबिक भवानीपुर इलाके में जब बोले लिफलेट बांट रहे थे तभी टीएमसी कार्यकर्ता एकत्रित हो गए और माइक लेकर उनको गाली देने लगे. इसके बाद जब वह एक सेंटर में घुसे तो उन्हें घेर लिया गया उनके साथ धक्का-मुक्की की गई. उनके कार्यकर्ताओं को पीटा गया और तब उन्हें बचाने के लिए उनके सुरक्षाकर्मियों ने बंदूक निकाली और उन्हें किसी तरह वहां से बचाया गया वरना उनकी जान खतरे में थी.

और पढ़ें- बंगाल BJP के अध्यक्ष पद से दिलीप घोष की विदाई, इस सांसद को मिली जिम्मेदारी

चुनाव प्रचार का आखिरी दिन

दरअसल, सोमवार को भवानीपुर उपचुनाव के प्रचार का आखिरी दिन है. सोमवार दोपहर को भारतीय जनता पार्टी ने ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस पार्टी कार्यकर्ताओं पर गंभीर आरोप लगाए थे. जिसमें कहा गया था कि भवानीपुर में प्रचार के दौरान उनके सीनियर नेता और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष पर हमला हुआ. एक वीडियो फुटेज भी सामने आई है जिसमें दिलीप घोष के सुरक्षाकर्मी पिस्टल दिखाकर कथित हमलावर भीड़ को भगा रहे हैं. 

इस घटना पर ममता बनर्जी को घेरते हुए शुभेन्दु अधिकारी ने हमलावर अंदाज में पूछा है कि ये हिंसा का सिलसिला आखिर कब रुकेगा? हमले के बाद दिलीप घोष ने भी राज्य सरकार को घेरा. उन्होंने कहा कि जब जन प्रतिनिधि पर भवानीपुर में हमले हो सकते हैं तो फिर वहां आम नागरिक कैसे सुरक्षित रह सकता है? दिलीप घोष ने आगे दावा किया, 'भवानीपुर में आज मुझे TMC के गुंडों ने मारने की कोशिश की.' 
 

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