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BJP सांसद से मिलने पहुंचीं CM ममता बनर्जी, पश्चिम बंगाल की सियासत में एक और ट्विस्ट?

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल से बीजेपी के पहले राज्यसभा सांसद अनंत राय महाराज से मिलने उनके आवास पहुंच गईं. अनंत ने भी गर्मजोशी के साथ सीएम का स्वागत किया.

ममता बनर्जी और अनंत महाराज (फोटोः एक्स) ममता बनर्जी और अनंत महाराज (फोटोः एक्स)
सूर्याग्नि रॉय
  • कोलकाता,
  • 18 जून 2024,
  • अपडेटेड 3:18 PM IST

पश्चिम बंगाल की राजनीति में मंगलवार को एक ट्विस्ट देखने को मिला. सूबे की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद से मिलने उनके आवास पहुंच गईं. बीजेपी के राज्यसभा सांसद अनंत राय महाराज ने अपने आवास पर सीएम ममता का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया. ममता बनर्जी और बीजेपी सांसद की मुलाकात को लेकर अधिक जानकारी सामने नहीं आई है लेकिन इसे लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है.

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अनंत राय महाराज उत्तर बंगाल की राजनीति का बड़ा चेहरा हैं जहां बीजेपी ने पिछले कुछ वर्षों में तेजी से पैर जमाए हैं. अनंत उत्तर बंगाल के कूचबिहार को पृथक ग्रेटर कूच बिहार राज्य बनाने की मांग करने वाले संगठन ग्रेटर कूचबिहार पीपुल्स एसोसिएशन (जीसीपीए) के अध्यक्ष हैं. खुद को ग्रेटर कूचबिहार का महाराज बताने वाले अनंत को बीजेपी ने एक साल पहले ही पश्चिम बंगाल से राज्यसभा भेजा था. अनंत पश्चिम बंगाल से बीजेपी के टिकट पर राज्यसभा पहुंचने वाले पहले नेता भी हैं.

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अब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के उनसे आवास पहुंचकर मुलाकात करने के बाद कयास भी लगाए जाने लगे हैं. तर्क दिए जा रहे हैं कि पिछले साल गृह मंत्री अमित शाह ने अनंत के आवास पहुंचकर उनसे मुलाकात की थी और इसके बाद बीजेपी ने उन्हें राज्यसभा भेज दिया. अब सीएम ममता उनसे मिलने उनके आवास पहुंची हैं तो आगे क्या होगा? नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली पिछली सरकार में राज्यमंत्री रहे निशिथ प्रमाणिक भी अनंत के करीबी माने जाते हैं. निशिथ प्रमाणिक भी उसी राजबंशी समुदाय से आते हैं जिससे अनंत.

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राजबंशी कितने प्रभावशाली

पश्चिम बंगाल में अनुसूचित जाति की कुल आबादी में करीब 18 फीसदी से अधिक राजबंशी समुदाय की भागीदारी है. राजबंशी समुदाय अनुसूचित जाति वर्ग का सबसे बड़ा और प्रभावशाली समुदाय है. राजनीतिक लिहाज से देखें तो उत्तर बंगाल के पांच जिलों के 20 विधानसभा क्षेत्रों में राजबंशी समुदाय के मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं. इन पांच जिलों में कूचबिहार के साथ ही अलीपुरद्वार भी शामिल है जहां 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी अच्छा प्रदर्शन किया था लेकिन 2024 के चुनाव में पार्टी कूचबिहार लोकसभा सीट हार गई.

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