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केंद्र पर बरसीं ममता बनर्जी, कहा- किसानों को डरा रही सरकार, कल से करेंगे नॉनस्टॉप प्रदर्शन

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि किसानों को डराया जा रहा है. 8 सांसदों को निलंबित कर दिया गया. हमें लगता है कि टीएमसी और अन्य दलों के सांसदों ने किसानों के लिए सही काम किया है. किसानों को उनकी जमीन से वंचित किया जा रहा है. यह किसानों से जमीन हड़पने का तरीका है.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि सरकार खाद्य संकट की स्थिति बना रही (पीटीआई) मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि सरकार खाद्य संकट की स्थिति बना रही (पीटीआई)
इंद्रजीत कुंडू
  • कोलकाता,
  • 21 सितंबर 2020,
  • अपडेटेड 7:22 PM IST
  • किसानों की जमीन हड़पने की साजिशः ममता
  • 'टीएमसी और अन्य सांसदों ने सही काम किया'
  • 'भारत सरकार हिटलर के तरीके पर काम कर रही'
  • '8 सांसदों का निलंबन दुर्भाग्यपूर्ण, यह निरंकुश है'

केंद्र सरकार की ओर से मॉनसून सत्र में पारित किए गए कृषि विधेयकों के खिलाफ विपक्ष लगातार विरोध कर रहा है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा कि सरकार किसानों को डरा रही है. केंद्र सरकार कोरोना महामारी को हैंडल नहीं कर सकी और अब वे खाद्य संकट पैदा करना चाहती है. तृणमूल कांग्रेस मंगलवार से इसके खिलाफ सड़क पर उतरेगी और धरना-प्रदर्शन करेगी.

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मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि किसानों को डराया जा रहा है. 8 सांसदों को निलंबित कर दिया गया. हमें लगता है कि टीएमसी और अन्य दलों के सांसदों ने किसानों के लिए सही काम किया है. किसानों को उनकी जमीन से वंचित किया जा रहा है. यह किसानों से जमीन हड़पने का तरीका है.

कोरोना महामारी से निपटने को लेकर केंद्र की तैयारियों पर ममता ने कहा कि केंद्र सरकार कोरोना को रोक पाने में नाकाम रही है और अब वह खाद्य संकट की स्थिति पैदा करना चाह रही है. किसानों को डराया जा रहा है. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कल से इसके खिलाफ सड़क पर उतरेगी और धरना-प्रदर्शन करेगी. हम कल से नॉनस्टॉप प्रदर्शन शुरू करने जा रहे हैं.

एकजुट हों राजनीतिक दल
उन्होंने कहा कि आलू, प्याज आवश्यक वस्तुएं थीं, उनको आवश्यक वस्तुओं की सूचीन से क्यों बाहर किया गया? यह किसके हित में है? उन्होंने कहा कि किसान आत्महत्या करने को मजबूर होंगे. वे चाहते हैं कि लोग भोजन के बिना मरें. मुख्यमंत्री ने कहा, 'मुझे लगता है कि देशभर के सभी राजनीतिक दलों को इसके खिलाफ एक साथ आना चाहिए.'
 
ममता ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर हमला करते हुए कहा, 'मैं बीजेपी को बताना चाहती हूं, छी-छी... भारत का शर्म है बीजेपी.' साथ ही ममता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना हिटलर से की. उन्होंने कहा कि भारत सरकार हिटलर के तरीके पर काम कर रही है. यह एक फासीवादी सरकार है.

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उन्होंने कहा कि विरोध करने वालों को फंसाया जा रहा है. योगेंद्र यादव और सीताराम येचुरी के साथ सरकार ने क्या किया. 

सांसदों के निलंबन पर भड़कीं ममता
इससे पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को 8 सांसदों के निलंबन की निंदा की. उन्होंने कहा कि संसद में किसानों के हितों की रक्षा के लिए लड़ने वालों पर यह कार्रवाई 'दुर्भाग्यपूर्ण' है. मुख्यमंत्री ममता ने केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के काम करने के तरीके पर भी निशाना साधा और काम करने के 'अलोकतांत्रिक मानदंडों और सिद्धांतों' का विरोध किया.

मुख्यमंत्री ममता ने ट्वीट कर कहा, 'किसानों के हितों की रक्षा के लिए लड़ने वाले आठ सांसदों का निलंबन दुर्भाग्यपूर्ण है और यह इस निरंकुश सरकार की मानसिकता को दर्शाता है जो लोकतांत्रिक मानदंडों और सिद्धांतों का सम्मान नहीं करती है.' तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राज्यसभा नेता डेरेक ओ' ब्रायन समेत आठ विपक्षी सदस्यों को रविवार को कृषि विधेयकों के पारित होने के दौरान उच्च सदन में हंगामा करने को लेकर सोमवार सुबह मॉनसून सत्र के बाकी बचे दिनों के लिए राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया. कृषि विधेयकों को लेकर विपक्षी सांसद लगातार विरोध कर रहे हैं.

राज्यसभा ने तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ' ब्रायन और डोला सेन, कांग्रेस के राजीव सातव, रिपुन बोरा, नासिर हुसैन, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह और सीपीएम के के.के. रागेश व ई. करीम को निलंबित कर दिया. इस निलंबन पर ममता बनर्जी ने बीजेपी पर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाते हुए अपने ट्वीट में कहा, 'हम नहीं झुकेंगे और हम संसद में और सड़कों पर इस फासिस्ट सरकार से लड़ेंगे.'

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