
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बेतहाशा बढ़ोतरी के बीच भारत सरकार ने थोड़ी राहत दी है. सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने का ऐलान किया है. पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क गुरुवार से 5 रुपये और 10 रुपये कम हो जाएगा. हालांकि मोदी सरकर के इस रियायत वाले फैसले पर कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है.
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाल ने ट्वीट करके कहा कि इस साल पेट्रोल ₹28 और डीजल के दाम ₹26 बढ़ाए गए. देश में 14 सीटों पर उपचुनाव हारते ही पेट्रोल और डीजल के रेट को क्रमशः ₹5 और ₹10 घटाना भी प्रधानमंत्री का दिवाली का तोहफा हो गया है? हे राम! हद है.
रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि टैक्सजीवी मोदी सरकार को सबक सिखाने के लिए देशवासियों को बधाई. प्रजातंत्र में “वोट की चोट” से भाजपा को सच का आईना दिखा ही दिया. याद करें- मई 2014 में पेट्रोल ₹71.41 व डीजल ₹55.49 था, तब कच्चा तेल 105.71 डॉलर/बैरल था. आज कच्चा तेल $82 बैरल है. ऐसे में 2014 के बराबर कीमत कब होगी?
इधर, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि उपचुनावों के नतीजे देखकर भाजपा को झटके लगे और आज पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कौटती कर दी. जो एक्साइज ड्यूटी कम की गई है उस पर सरकार शर्म आनी चाहिए. हम फिर से दोहराते हैं कि राहत देनी है तो पूरी राहत दीजिए. वहीं, प्रमोद तिवारी ने कहा कि आज मोदी सरकार ने 5 ₹ पेट्रोल और 10 ₹ डीजल पर टैक्स कम करके बता दिया लूट कौन रहा था?