
कांग्रेस नेतृत्व के बदलाव को लेकर पार्टी के 23 दिग्गज नेताओं की ओर से लिखी गई चिट्ठी पर कार्यसमिति की बैठक में काफी आरोप-प्रत्यारोप हुए थे. इस बीच सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखने वालों में प्रमुख रूप से शामिल गुलाम नबी आजाद का बयान आया है.
गुलाम नबी आजाद ने कहा कि मेरी मंशा कांग्रेस को मजबूत करने की थी. मैं पिछले 34 साल से वर्किंग कमेटी में हूं. जिनको कुछ भी नहीं मालूम और अप्वाइंटमेंट वाला कार्ड मिल गया है वो सब विरोध करते हैं, वो सब बाहर जाएंगे.
उन्होंने कहा कि कोई भी कांग्रेसी जिसको कांग्रेस में जरा सी भी रुचि होती तो वो हमारे प्रपोजल का स्वागत करता. हमारी मांग थी कि प्रदेश, जिला, ब्लॉक आदि का प्रेसिडेंट और कांग्रेस वर्किंग कमेटी इलेक्टेड होनी चाहिए.
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उन्होंने कहा कि एक कांग्रेसी के रूप में वह इस बात से परेशान नहीं हैं कि राहुल गांधी अगले अध्यक्ष बनते हैं या किसी और को ये जिम्मेदारी मिलेगी. इन सबके बजाय अगर पार्टी को एक पूर्णकालिक अध्यक्ष मिल जाए, तो उन्हें ज्यादा खुशी होगी.
चिट्ठी को आगे लेकर जाने की योजना के सवाल पर गुलाम नबी आजाद ने कहा, 'फिलहाल इसे आगे ले जाने का कोई सवाल ही नहीं है. मेरा बस इतना कहना है कि कांग्रेस पार्टी को एक पूर्णकालिक अध्यक्ष मिलना चाहिए.