
किसान संगठनों और राजनीतिक दलों के विरोध के बीच राज्यसभा से कृषि से जुड़े तीन में से दो विधेयकों को रविवार को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया. विधेयकों को पारित किए जाने का सबसे ज्यादा पंजाब और हरियाणा में विरोध हो रहा है. राजस्थान के कुछ हिस्सों में विरोध के सुर देखने को मिले हैं.
नए विधेयक में किसानों को अपनी उपज को कहीं बेचने की छूट गई है. इससे मंडियों की अहमियत पर असर पड़ेगा. चूंकि पंजाब हरियाणा में मंडियों को नेटवर्क अधिक है लिहाजा, इन राज्यों में किसानों संगठनों की नाराजगी ज्यादा देखने को मिल रही है. किसानों के सामने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर भी भ्रम की स्थिति है. लिहाजा विरोध प्रदर्शन जारी है. देश के कुछ हिस्सों में आने वाले दिनों भी प्रदर्शन की बात कही जा रही है.
कांग्रेस पार्टी बिल का विरोध कर रही है. कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि क्या देश में संसदीय प्रणाली बची है? क्या संसद में किसान की आवाज़ उठाना पाप है? क्या तानाशाहों ने संसद को बंधक बना लिया है? क्या सत्ता के नशे में सच की आवाज़ नहीं सुनती? कितनी आवाज़ और दबाएंगे मोदी जी...किसान की, मज़दूर की, छोटे दुकानदार की, संसद की. वहीं रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया कि मोदी जी किसान बोना भी जानता है और काटना भी जानता है.
पंजाब के बरनाला में किसानों ने प्रदर्शन किया. इसमें कांग्रेस नेताओं ने भी हिस्सा लिया. पंजाब में हर जिले में केंद्र सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन चल रहा है. इसके चलते आज जिला बरनाला में भी कांग्रेस पार्टी जिला इकाई की तरफ से बरनाला की कचहरी चौक में केंद्र सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन दिया गया. इस मौके पर कांग्रेस नेताओं ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा जो किसान विरोधी बिल पास किए गए हैं उसका कांग्रेस पार्टी सख्त शब्दों में विरोध करती है.
वहीं राजस्थान में खाद्य पदार्थ व्यापार संघ ने कृषि विधेयक के विरोध में राज्य की सभी 247 मंडियों में हड़ताल की. सीकर में भी मंडी बंद रही. सीकर में भी कृषि मंडी बंद रही जिससे कोई व्यापार नहीं हुआ. सीकर खाद्य पदार्थ व्यापार संघ के संरक्षक सुरेश अग्रवाल ने कहा कि कृषि बिल के विरोध में सीकर मंडी में अनाज व्यापारियों ने एक दिन की सांकेतिक हड़ताल रखी. इसकी वजह से अनाज का कारोबार नहीं हुआ.
सुरेश अग्रवाल ने कहा कि सरकार जो बिल लेकर आई है उससे किसान एवं खाद्य व्यापारी मजदूर बेरोजगार हो जाएंगे. कृषि पदार्थ व्यापारियों से अनेक लोग जुड़े हुए मजदूर, ट्रक वाले, मुनीम, सभी बेरोजगार हो जाएंगे. इसलिए इस कृषि बिल का विरोध करते हैं.
यूपी के फतेहपुर जिले में आज कृषि विधेयक के खिलाफ सपा के कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया. सपा ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानो के लिए जो कृषि विधेयक पास किया है वह किसान विरोधी है. इन सभी मुद्दों के विरोध में आज प्रदर्शन किया जा रहा है.