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कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों को लिखी 8 पेज की चिट्ठी, PM मोदी का ट्वीट- जरूर पढ़ें

8 पन्ने की चिट्ठी में नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों से कहा है कि सरकार MSP पर लिखित में आश्वासन देने को तैयार है. उन्होंने एक बार फिर साफ किया कि MSP जारी है और जारी रहेगी.

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (फाइल फोटो) कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (फाइल फोटो)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 17 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 9:52 PM IST
  • नरेंद्र सिंह तोमर की किसानों को 8 पन्ने की चिट्ठी
  • 'सरकार MSP पर लिखित में आश्वासन देने को तैयार'
  • किसान तीनों कृषि कानूनों का कर रहे हैं विरोध

कृषि कानूनों के विरोध के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने देश के किसानों को चिट्ठी लिखी है. 8 पन्ने की चिट्ठी में नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों को 8 आश्वासन दिए हैं. उन्होंने कहा है कि सरकार MSP पर लिखित में आश्वासन देने को तैयार है. उन्होंने एक बार फिर साफ किया कि MSP जारी है और जारी रहेगी. कृषि मंत्री ने ये भी कहा कि राजनीति के लिए कुछ लोग झूठ फैला रहे हैं.

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कृषि मंत्री की चिट्ठी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया है. पीएम ने कहा कि कृषि मंत्री ने किसानों को चिट्ठी लिखकर भावनाएं प्रकट की हैं. एक विनम्र संवाद करने का प्रयास किया है. पीएम ने कहा कि सभी अन्नदाताओं से मेरा आग्रह है कि वे इसे जरूर पढ़ें. देशवासियों से भी आग्रह है कि वे इसे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं.  

किसानों के लिखी चिट्ठी में कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास के मंत्र पर चलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हमारी सरकार ने बिना भेदभाव सभी का हित करने का प्रयास किया. पिछले 6 वर्षों का इतिहास इसका साक्षी है. 

कृषि मंत्री ने आगे कहा कि आप विश्वास रखिए, किसानों के हितों में किए गए ये सुधार भारतीय कृषि में नए अध्याय की नींव बनेंगे. देश के किसानों को और स्वतंत्र करेंगे, सशक्त करेंगे. उन्होंने कहा कि कुछ किसान समूहों ने अफवाह और गलत सूचना फैलाई है. उन्हें दूर करना मेरा काम है. 

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नरेंद्र सिंह तोमर ने किसानों को ये चिट्ठी तब लिखी है जब सरकार और दिल्ली बॉर्डर पर डेरा डाले किसानों के बीच वार्ता रुक चुकी है. दिल्ली की सीमाओं पर 22 दिन से किसान कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं. किसानों की मांग है कि सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस ले. वहीं, सरकार ने किसानों को संशोधन का प्रस्ताव दिया था, जिसे ठुकरा दिया गया. पांच दौर की वार्ता असफल रहने के बाद सरकार और किसानों में फिलहाल बातचीत ठप है.

कृषि मंत्री ने दिए ये 8 आश्वासन

- किसानों की जमीन को खतरा नहीं, मालिकाना हक उन्हीं का रहेगा.
- किसानों को तय समय पर भुगतान किया जाएगा
- तय समय पर भुगतान नहीं करने पर जुर्माना लगेगा 
- खुले बाजार में अच्छे दाम पर फसल बेचने का विकल्प
- MSP जारी है और जारी रहेगी
- मंडियां चालू हैं और चालू रहेंगी
- करार फसलों के लिए होगा, जमीन के लिए नहीं, किसान जब चाहें करार खत्म कर सकते हैं
- APMC मंडियां कानून के दायरे से बाहर हैं

'कृषि कानूनों को लेकर फैलाया जा रहा भ्रम'

केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने चिट्ठी में लिखा कि रेलवे की पटरियों पर बैठे लोग, जिनके कारण देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले हमारे सैनिकों तक राशन पहुंचना बंद हो गया है, वो किसान नहीं हो सकते. कृषि मंत्री ने चिट्ठी में लिखा कि ऐतिहासिक कृषि सुधार को लेकर पिछले कुछ दिनों से मैं लगातार आपके (किसान) संपर्क में हूं. बीते दिनों मेरी अनेक राज्यों के किसान संगठनों से बातचीत हुई. कई किसान संगठनों ने इन कृषि सुधारों का स्वागत किया है, वे इससे बहुत खुश हैं, किसानों में एक नई उम्मीद जगी है. 

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नरेंद्र सिंह तोमर ने आगे लिखा कि देश के अलग-अलग क्षेत्रों से ऐसे किसानों के उदाहरण भी लगातार मिल रहे हैं, जिन्होंने नए कृषि कानूनों का लाभ उठाना शुरू भी कर दिया है. मैं किसान परिवार से आता हूं. खेती की बारीकियां और खेती की चुनौतियां, दोनों को ही देखते हुए, समझते हुए, मैं बड़ा हुआ हूं.  

नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि कृषि मंत्री के तौर पर मेरे लिए ये बहुत संतोष की बात है कि नए कानून लागू होने के बाद इस बार MSP पर सरकारी खरीद के भी पिछले सारे रिकॉर्ड टूट गए हैं. ऐसे समय में जब हमारी सरकार MSP पर खरीद के लिए नए रिकॉर्ड बना रही है, खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ रही है, कुछ लोग किसानों से झूठ बोल रहे हैं कि MSP बंद कर दी जाएगी. कृषि मंत्री ने किसानों से अपील की वो राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित कुछ लोगों द्धारा फैलाए जा रहे इस सफेद झूठ को पहचानें और सिरे से खारिज करें. 

 

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