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'आखिरी सांस तक कांग्रेसी ही रहूंगा...', पार्टी छोड़ने के दो दिन बाद ही बदला पूर्व मंत्री का मन

अजय यादव के बेटे चिरंजीव राव हाल में हुए विधानसभा चुनाव में रेवाड़ी विधानसभा सीट से हार गए थे. उन्होंने कहा था कि पार्टी को दक्षिणी हरियाणा खासकर गुरुग्राम, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और फरीदाबाद में अपने फेलियर के लिए मंथन करना चाहिए, जहां उसने केवल एक सीट जीती है. जबकि भाजपा ने इस इलाके में 10 सीटों पर जीत हासिल की है.

पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 19 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 11:26 PM IST

हरियाणा विधानसभा चुनाव में हार के बाद कांग्रेस छोड़ने वाले पूर्व मंत्री कैप्टन अजय यादव का दो दिन में ही मन बदल गया है. उन्होंने कांग्रेस में वापसी करने का ऐलान करते हुए खुद को पक्का कांग्रेसी बताया है. दरअसल, यादव ने पार्टी में अपने साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया जाने का आरोप लगाते हुए गुरुवार को इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने कहा था कि पार्टी आलाकमान से उनका मोहभंग हो गया है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर अपने इस्तीफे का ऐलान किया था.

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उन्होंने कहा था कि वह पार्टी छोड़ रहे हैं और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) और पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) विभाग के अध्यक्ष पद से भी इस्तीफा दे रहे हैं. उन्होंने कहा था कि सोनिया गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष पद छोड़ने के बाद मेरे साथ खराब व्यवहार किया, जिससे मेरा पार्टी आलाकमान से उनका मोहभंग हो गया है.

अब दो दिन बाद उन्होंने फिर से सोशल मीडिया हैंडल पर कांग्रेस में वापसी की घोषणा करते हुए कहा, "मैं जन्म से ही कांग्रेसी हूं और अपनी आखिरी सांस तक कांग्रेसी ही रहूंगा. मैं इस बात से दुखी था कि OBC विभाग के लिए की गई मेरी मेहनत को हाईकमान द्वारा सराहा नहीं जा रहा था और कुछ कठोर शब्दों ने मुझे यह कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर किया, लेकिन मैंने ठंडे दिमाग से कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने का फैसला किया, खासकर मेरी मार्गदर्शक और नेता सोनिया गांधी जी को. मेरे बेटे चिरंजीव ने मुझे अतीत को भूलने के लिए प्रेरित किया."

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बता दें कि अजय यादव के बेटे चिरंजीव राव हाल में हुए विधानसभा चुनाव में रेवाड़ी विधानसभा सीट से हार गए थे. उन्होंने कहा था कि पार्टी को दक्षिणी हरियाणा खासकर गुरुग्राम, रेवाड़ी, महेंद्रगढ़ और फरीदाबाद में अपने फेलियर के लिए मंथन करना चाहिए, जहां उसने केवल एक सीट जीती है. जबकि भाजपा ने इस इलाके में 10 सीटों पर जीत हासिल की है.

उन्होंने यह भी कहा था कि अहीरवाल क्षेत्र का कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी), केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी), एआईसीसी महासचिव या यहां तक कि हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एचपीसीसी) में कोई प्रतिनिधित्व नहीं है. यह भी पता चला है कि अजय यादव हरियाणा चुनाव के लिए कई उम्मीदवारों की पसंद को लेकर अपनी पार्टी से नाखुश थे.

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