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पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने खाली किया सरकारी बंगला, अमेठी लोकसभा सीट से मिली थी शिकस्त

स्मृति ईरानी ने इस हफ्ते की शुरुआत में बंगला खाली कर दिया था. वह कांग्रेस नेता किशोरी लाल शर्मा से अमेठी संसदीय सीट पर 1.5 लाख से अधिक वोटों के अंतर से हार गई थीं. पूर्व महिला एवं बाल विकास मंत्री ने 2019 में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को अमेठी सीट से हरा दिया था.

स्मृति ईरानी ने खाली किया सरकारी बंगला स्मृति ईरानी ने खाली किया सरकारी बंगला
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 11 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 5:30 PM IST

हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में अमेठी से हारने वाली पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने लुटियंस दिल्ली में 28 तुगलक क्रिसेंट स्थित अपना आधिकारिक बंगला खाली कर दिया है. अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी.

स्मृति ईरानी ने खाली किया सरकारी बंगला

स्मृति ईरानी ने इस हफ्ते की शुरुआत में बंगला खाली कर दिया था. वह कांग्रेस नेता किशोरी लाल शर्मा से अमेठी संसदीय सीट पर 1.5 लाख से अधिक वोटों के अंतर से हार गई थीं. पूर्व महिला एवं बाल विकास मंत्री ने 2019 में कांग्रेस नेता राहुल गांधी को अमेठी सीट से हरा दिया था.

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एक अधिकारी ने कहा, 'ईरानी स्मृति ने इस हफ्ते की शुरुआत में अपना सरकारी आवास खाली कर दिया.' उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्रियों और सांसदों को नई सरकार बनने के एक महीने के भीतर अपना सरकारी आवास खाली करना होता है. 

2019 में राहुल गांधी को हराया था

किशोरी लाल शर्मा ने अमेठी में बीजेपी की ओर से चुनाव लड़ रहीं स्मृति ईरानी को एक लाख 67 हजार वोटों से हरा दिया था. स्मृति ईरानी को तीन लाख 72 हजार वोट मिले, वहीं किशोरी लाल को पांच लाख 39 हजार वोट मिले थे.  

इससे पहले 2019 के चुनावों में स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को अमेठी में हरा दिया था. हालांकि उस चुनाव में राहुल गांधी केरल की वायनाड और अमेठी दोनों सीटों पर चुनाव लड़े थे. इसलिए वो संसद तो पहुंचे, लेकिन वायनाड सीट का प्रतिनिधि बनकर.

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2024 चुनाव में हारे मोदी सरकार के ये मंत्री

हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में मोदी सरकार 2.0 के 17 केंद्रीय मंत्रियों को हार का सामना करना पड़ा था. मंत्रियों के पास 11 जुलाई तक बंगला खाली करने का समय था. इस बाबत उन्हें नोटिस भी जारी किया गया था. 

इन मंत्रियों में आरके सिंह, अर्जुन मुंडा, महेंद्रनाथ पांडेय, स्मृति ईरानी, संजीव बालियान, राजीव चंद्रशेखर, कैलाश चौधरी, अजय मिश्रा टेनी, वी मुरलीधरन, निशित प्रामाणिक, सुभाष सरकार, साध्वी निरंजन ज्योति, रावसाहेब दानवे, कौशल किशोर, भानुप्रताप वर्मा, कपिल पाटिल, भगवंत खुबा, भारती पवार का नाम शामिल है.

नियम के मुताबिक लोकसभा भंग होने के एक महीने के भीतर सरकारी घर खाली करना होता है. राष्ट्रपति ने 5 जून को सत्रहवीं लोकसभा भंग कर दी थी, ऐसे में पूर्व सांसदों के पास अपने सरकारी घर को खाली करने के लिए केवल 5 जुलाई तक का ही समय था.

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