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अपनों की नाराजगी और नए साथियों की खोज... देखिए सिद्धारमैया कैबिनेट के शपथ ग्रहण की कैसे हो रही तैयारी

सिद्धारमैया 20 मई को कर्नाटक के 30वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे. उनके साथ डीके शिवकुमार डिप्टी सीएम पद की शपथ लेंगे. कांग्रेस ने कर्नाटक में सिर्फ एक डिप्टी सीएम रखने का फॉर्मूला दिया है. हालांकि, कर्नाटक कांग्रेस में इसे लेकर नाराजगी भी है. उधर, कांग्रेस सिद्धारमैया के शपथ समारोह को विपक्षी एकता का मंच बनाने की तैयारियों में जुट गई है.

डीके शिवकुमार, मल्लिकार्जुन खड़गे और सिद्धारमैया डीके शिवकुमार, मल्लिकार्जुन खड़गे और सिद्धारमैया
aajtak.in
  • बेंगलुरु,
  • 19 मई 2023,
  • अपडेटेड 1:42 PM IST

सिद्धारमैया शनिवार को कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. सिद्धारमैया राज्य के 30वें मुख्यमंत्री होंगे. वे दूसरी बार सीएम की कुर्सी पर बैठने जा रहे हैं. इससे पहले वे 2013 से 2018 तक भी सीएम रहे. सिद्धारमैया के अलावा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार डिप्टी सीएम पद की शपथ लेंगे. बताया जा रहा है कि सिद्धारमैया-डीके के साथ 25-26 विधायक भी मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. इनमें डीके और सिद्धारमैया दोनों खेमे के वफादार विधायक होंगे. 

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कर्नाटक में 13 मई को नतीजे आए थे. कांग्रेस ने 135 सीटों पर जीत हासिल की. वहीं बीजेपी ने 66 और जेडीएस ने 19 सीटें जीतीं. इसके बाद 5 दिन तक कर्नाटक में मुख्यमंत्री को लेकर बेंगलुरु से दिल्ली तक मंथन हुआ. गुरुवार को कांग्रेस ने सस्पेंस को खत्म करते हुए ऐलान किया कि सिद्धारमैया ही सीएम होंगे. जबकि डीके शिवकुमार राज्य में एकमात्र डिप्टी सीएम होंगे. दरअसल, पहले कयास लगाए जा रहे थे कि कर्नाटक में कांग्रेस तीन डिप्टी सीएम का फॉर्मूला अपना सकती है. 

सिद्धारमैया को चुना गया विधायक दल का नेता

कांग्रेस के ऐलान के बाद बेंगलुरु में विधायक दल की बैठक हुई. इस बैठक में कर्नाटक के कांग्रेस प्रभारी ने सिद्धारमैया को विधायक दल का नेता चुने जाने का प्रस्ताव रखा. इस पर सभी विधायकों ने सहमति जताते हुए सिद्धारमैया को विधायक दल का नेता चुना. इसके बाद सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया. 

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शपथ ग्रहण की तैयारियां पूरी

राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सिद्धारमैया और शिवकुमार को अपने सहयोगियों के साथ 20 मई को दोपहर 12.30 बजे शपथ लेने का न्योता दिया. यह समारोह कांतीरवा स्टेडियम में होगा.  सिद्धारमैया की ताजपोशी की भव्य तैयारियां की जा रही हैं. अधिकारियों को मंगलवार को ही तैयारियों में जुटने का निर्देश दिया गया था. कांग्रेस इस शपथ ग्रहण के जरिए विपक्षी एकता भी दिखाना चाहती है, ऐसे में मेहमानों के स्वागत की भी तैयारियां पूरी हो गई हैं. डीके ने स्टेडियम पहुंचकर शपथ ग्रहण की तैयारियों का जायजा भी लिया.

 

ये मंत्री ले सकते हैं शपथ

सिद्धारमैया की कैबिनेट में 25 से 26 मंत्री शपथ ले सकते हैं. हालांकि अभी 10 ही लोगों की लिस्ट सामने आई है. बताया जा रहा है कि परमेश्वर, रामलिंग रेड्डी, केजे जॉर्ज, एचके पाटिल, एमबी पाटिल, सतीश जरकीहोली, यूटी कधार,  लक्ष्मी हेब्बलकर , टीबी जयचंद्र, एचसी महादेवप्पा मंत्री पद की शपथ ले सकते हैं. माना जा रहा है कि कांग्रेस 2024 लोकसभा चुनाव को देखते हुए कैबिनेट की लिस्ट तैयार कर रही है. 

नाराज हैं परमेश्वर और एमबी पाटिल

कर्नाटक में भले ही सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच विवाद सुलझ गया हो, लेकिन आलाकमान के फैसले पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक परमेश्वर और एमबी पाटिल ने नाराजगी जताई है. सिद्धारमैया की पिछली सरकार में डिप्टी सीएम रहे जी परमेश्वर ने गुरुवार को कहा था, कर्नाटक में दलित सीएम की डिमांड काफी ज्यादा थी. लेकिन ऐसा नहीं हुआ. दलित समुदाय आहत हुआ है. मैं भी सरकार चला सकता था. अगर सीएम नहीं तो कम से कम मुझे डिप्टी सीएम तो बनाना चाहिए था.

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वहीं, एमबी पाटिल ने कहा था,  राज्य में लिंगायत सीएम होता तो कांग्रेस के लिए अच्छा होता. हम यह मांग हाई कमान को भेजेंगे और मनाने की कोशिश करेंगे. लिंगायत समुदाय की मांग थी कि डिप्टी सीएम उन्हीं के समुदाय का होना चाहिए. इससे 2024 चुनावों में पार्टी को लाभ मिलेगा. 

सिद्धारमैया के शपथ में दिखेगी विपक्षी एकता 

2024 लोकसभा चुनाव से पहले कर्नाटक में मिली जीत ने कांग्रेस में नई ऊर्जा भर दी है. ऐसे में पार्टी सिद्धारमैया के शपथ ग्रहण को भव्य बनाकर विपक्षी एकता का भी संकेत देना चाहती है. कांग्रेस ने समारोह में शामिल होने के लिए समान विचारधारा वाली पार्टियों के नेताओं को न्योता भेजा है. 

इन नेताओं को भेजा गया निमंत्रण

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कई मुख्यमंत्रियो और नेताओं को निमंत्रण दिया है और उन्हें व्यक्तिगत रूप से इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है. 

खड़गे ने तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन, पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, बिहार के सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव, एनसीपी चीफ शरद पवार, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, एनसी चीफ फारूक अब्दुल्ला को न्योता भेजा है. इसके अलावा झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन को भी शपथ ग्रहण समारोह में बुलाया गया है. इसके अलावा सीपीआई महासचिव डी राजा, सीपीआई-एम के महासचिव सीताराम येचुरी को सपा चीफ अखिलेश यादव को भी बुलाया गया है. 

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कांग्रेस ने इन नेताओं से बनाई दूरी

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, तेलंगाना के सीएम केसीआर, केरल के मुख्यमंत्री पी विजयन, आंध्र प्रदेश के सीएम जगनमोहन रेड्डी और ओडिशा के मुख्यमंत्री और बीजद चीफ नवीन पटनायक को नहीं बुलाया गया है. इतना ही नहीं बसपा चीफ मायावती को भी कांग्रेस ने निमंत्रण नहीं भेजा है. 

सोनिया-राहुल को भी निमंत्रण

उधर, कर्नाटक कांग्रेस ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी को भी शपथ ग्रहण का निमंत्रण भेजा है. इसके अलावा छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को भी आमंत्रित किया गया है.

 

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