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कहीं मंत्री पर फोड़ा हार का ठीकरा, कहीं आपस में भिड़े समर्थक... झारखंड से यूपी तक बीजेपी में आरोप-प्रत्यारोप

लोकसभा चुनाव नतीजों के बाद बीजेपी में समीक्षा बैठकों का दौर चल रहा है. झारखंड से यूपी तक चुनाव हारने वाले नेताओं की ओर से भीतरघात के आरोप लगाए जा रहे हैं. कहीं जिलाध्यक्ष की ओर उंगली उठ रही है तो कहीं सांसद और विधायक के समर्थक आपस में ही भिड़ जा रहे.

बीजेपी में कहीं जीत के कम अंतर पर मंथन तो कहीं खोजे जा रहे हार के कारण बीजेपी में कहीं जीत के कम अंतर पर मंथन तो कहीं खोजे जा रहे हार के कारण
सत्यजीत कुमार/शैलेन्द्र मिश्रा
  • रांची/ देवघर ,
  • 18 जून 2024,
  • अपडेटेड 11:48 AM IST

लोकसभा चुनाव के बाद राज्य-राज्य, शहर-शहर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है. झारखंड में दुमका सीट से हार के बाद सीता सोरेन ने पार्टी नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है तो वहीं गोड्डा में सांसद निशिकांत दुबे और विधायक नारायण दास के समर्थक आपस में भिड़ गए. निशिकांत दुबे और नारायण दास के समर्थकों में हाथापाई भी हुई और मामला थाने तक पहुंच गया. यह घटना पार्टी की समीक्षा बैठक के दौरान एक होटल में हुई.

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जानकारी के मुताबिक गोड्डा संसदीय सीट के चुनाव नतीजों की समीक्षा के लिए रांची से बीजेपी के राज्यसभा सांसद आदित्य साहू और बालमुकुंद सहाय देवघर पहुंचे थे. देवघर के एक होटल में बाकायदा समीक्षा बैठक बुलाई गई थी. समीक्षा बैठक शुरू होती, उससे पहले ही सांसद निशिकांत दुबे और विधायक नारायण दास के समर्थक आपस में भिड़ गए. विधायक नारायण दास ने आरोप लगाया है कि सांसद के गुंडों ने भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए जाति सूचक शब्दों का उपयोग करते हुए मारपीट की.

विधायक ने आरोप लगाया कि दलित विधायक होने के नाते उन्हें और गोड्डा के ओबीसी विधायक अमित मंडल को राजनाथ सिंह के कार्यक्रम में भी मंच पर नहीं चढ़ने दिया गया था.अब पार्टी के समर्पित कार्यकर्ता देवाशीष चौधरी के साथ मारपीट की गई, भद्दी भद्दी गालियां दी गईं. बीजेपी की एक महिला कार्यकर्ता ने भी देवघर पुलिस को शिकायत देकर न्याय की गुहार लगाई है. महिला ने अपनी शिकायत में कहा है कि हम पूरी तरह दब गए थे और अगर समय पर गार्ड नहीं आता तो हमारी जान भी जा सकती थी.

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देवघर में क्या हुआ?

देवघर से निशिकांत दुबे को 2019 में 75 हजार वोट की लीड मिली थी. इस बार यह आंकड़ा घटकर 41 हजार के स्तर पर आ गया. घटी लीड को लेकर सवाल उठे तो नारायण दास ने तर्क दिया कि अगर निशिकांत दुबे के समर्थन में काम नहीं किया गया तो इतनी लीड उनको कैसे मिल गई? मारपीट की घटना के बाद सांसद और विधायक, दोनों के ही समर्थकों ने एक-दूसरे के नेता के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया.

निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर अपने समर्थकों से धैर्य रखने की अपील की और ये भी कहा कि अमर्यादित टिप्पणी करने से परहेज करें. सांसद ने 72 घंटे से बीमार होने की वजह से अस्पताल में भर्ती होने का हवाला देते हुए कहा है कि 20 जून के बाद कार्यकर्ताओं से बात करेंगे.

दुमका में हार के बाद सीता ने बीजेपी नेताओं पर लगाए आरोप

शिबू सोरेन की बहु सीता सोरेन ने झारखंड की दुमका सीट से हार का ठीकरा बीजेपी के स्थानीय नेताओं पर फोड़ा है. सीता ने पूर्व सांसद सुनील सोरेन, पूर्व मंत्री लुइस मरांडी और सारठ से विधायक रणधीर सिंह पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाते हुए कहा है कि इन लोगों ने मंच बेशक बीजेपी के साथ साझा किया लेकिन काम खिलाफ किया. वे बीजेपी का झंडा लेकर चलते भर ही दिखे. सीता के आरोप पर बीजेपी विधायक रणधीर सिंह ने कहा कि उनको किसी से सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है. हम पार्टी के लिए कितने वफादार हैं, ये साबित करने की जरूरत नहीं है. उन्होंने सीता पर तंज करते हुए कहा कि हमें कुछ ही महीने पहले बीजेपी का दामन थामने वाले से सर्टिफिकेट की बिलकुल जरूरत नहीं है.

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यूपी में बीजेपी उम्मीदवार ने राज्यमंत्री पर फोड़ा हार का ठीकरा

लोकसभा चुनाव में पूर्वी उत्तर प्रदेश की सलेमपुर लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के उम्मीदवार निवर्तमान सांसद रविंद्र कुशवाहा चुनाव हार गए थे. रवींद्र कुशवाहा को समाजवादी पार्टी (सपा) उम्मीदवार रमाशंकर विद्यार्थी ने 3500 वोट के करीबी अंतर से हरा दिया था. रविंद्र कुशवाहा ने अब अपनी हार का ठीकरा यूपी सरकार की एक मंत्री और बीजेपी के एक जिलाध्यक्ष पर फोड़ा है. रविंद्र कुशवाहा ने अपनी हार के लिए बलिया बीजेपी के अध्यक्ष संजय यादव और यूपी सरकार में मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम को जिम्मेदार ठहराया है.

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रविंद्र कुशवाहा 2014 और 2019, लगातार दो बार इस सीट से सांसद रहे हैं. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक कुशवाहा ने आरोप लगाया है कि यूपी सरकार में ग्रामीण विकास राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम और बलिया बीजेपी के अध्यक्ष संजय यादव हमारी हार के पीछे सोची-समझी साजिश में शामिल थे. विजय लक्ष्मी गौतम ने निराधार बताते हुए ये आरोप खारिज करते हुए कहा कि हमने चुनाव में जीत के लिए ईमानदारी से प्रयास किए थे. उन्होंने ये भी कहा कि हार के पीछे क्या कारण हैं, पार्टी इसकी समीक्षा करेगी.

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रविंद्र कुशवाहा के आरोप पर बीजेपी के बलिया जिलाध्यक्ष संजय यादव की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. गौरतलब है कि सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र में देवरिया के दो- भाटपार रानी और सलेमपुर, बलिया के तीन विधानसभा क्षेत्र- बेल्थरारोड, सिकंदरपुर और बांसडीह आते हैं. यूपी सरकार में राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी सलेमपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं जबकि संजय यादव सिकंदरपुर विधानसभा सीट से विधायक रहे हैं.

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