
कोरोना काल में संसद के मॉनसून सत्र को चलते हुए चार दिन हो गए हैं. इस सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही 25 सांसदों के कोविड-19 पॉजिटिव होने की सूचना आ गई थी. लेकिन अब यह संख्या बढ़ चुकी है. अब लोकसभा के 27 और राज्यसभा के 8 सांसद कोरोनावायरस से संक्रमित हैं. पिछलें दो दिनो में दो केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और प्रह्लाद पटेल भी कोविड-19 पॉजिटिव पाए गए.
ऐसी स्थिति में सांसदों और स्टाफ की सुरक्षा को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है. यही वजह है कि राज्यसभा और लोकसभा, दोनों को अलग अलग शिफ्ट में सदन की कार्यवाही के लिए बुलाया जा रहा है. राज्यसभा सुबह 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक और लोकसभा दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक बैठती हैं.
संसद का मानसून सत्र 14 सितम्बर से शुरू हुआ. इससे पहले ही संसद भवन में प्रवेश के लिए मंत्री, सांसद, स्टाफ और मीडियाकर्मियों का कोविड-19 टेस्ट कराया जा चुका था. रिपोर्ट में निगेटिव आने वालों को ही संसद भवन में प्रवेश दिया जा रहा है.
बेहतर प्रोडक्टिविटी, सांसदों की अच्छी उपस्थिति
मॉनसून सत्र में सदन में बेहतर कामकाज हो रहा है. लोकसभा में पिछले तीन दिनों की औसत प्रोडक्टिविटी (उत्पादकता) 113 प्रतिशत रही है. सदन की प्रोडक्टिविटी 14 सितम्बर को 106 प्रतिशत, 15 सितम्बर को 122 प्रतिशत और 16 सितम्बर को 116 प्रतिशत रही है.
कोरोना काल में भी सांसदों ने दोनों सदनों में खासी मौजूदगी दर्ज कराई है. लोक सभा में 14 सितम्बर को 368, 15 सितम्बर को 380 और 16 सितम्बर को 382 सांसद उपस्थित हुए. इसी तरह राज्यसभा में 14 सितम्बर को 180, 15 सितम्बर को 197 और 16 सितम्बर को 206 सांसद मौजूद रहे.
सुरक्षा प्रोटोकॉल्स का कड़ाई से पालन
मॉनसून सत्र में संसद में उपस्थित होने वाले सभी लोगों के लिए सुरक्षा संबंधी प्रोटोकॉल्स का कड़ाई से पालन किया जा रहा है. प्रवेश द्वार से लेकर सभा कक्ष तक सैनिटाइजेशन की व्यवस्था के साथ सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा जा रहा है. सभा कक्ष में प्रवेश से पहले थर्मल गन और थर्मल कैमरा स्कैनर से तापमान की जांच की जा रही है. जगह-जगह टचलेस सैनिटाइजर और फुट मैट्स लगाए गए हैं. सभा कक्ष में पॉलीकार्बोनेट शीट से पार्टीशन के साथ बैठ कर बोलने जैसी व्यवस्थाएं भी की गई हैं.
लोकसभा कक्ष, दीर्घाओं तथा राज्य सभा कक्ष में बंटे होने के बावजूद सदस्यों तक सूचनाओं के संवहन, संबोधन में कोई दिक्कत पेश नहीं आ रही. एलईडी स्क्रीन पर प्रसारण की गुणवत्ता और आवश्यक सेवाओं की समयबद्ध उपलब्धता को लेकर सांसदों ने संतोष जताया.
कौन कौन से बिल हुए पास?
लोकसभा में अभी तक पिछले तीन दिन में पांच बिल पास किए जा चुके हैं.
1) सेलरी अलाउंसेस एंड पेंशन ऑफ मेंबर्स ऑफ पार्लियामेंट (संशोधन) बिल, 2020
2) एसेंशियल कमोडिटीज (संशोधन) बिल, 2020
3) बैंकिंग रेग्युलेशन (संशोधन) बिल, 2020
4) नेशनल कमीशन फॉर होम्योपैथी बिल, 2020
5) नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन बिल, 2020
इसी तरह राज्यसभा में तीन बिलों को हरी झंडी दिखाई गई
1) बैंकिंग रेग्युलेशन (संशोधन) बिल, 2020
2) नेशनल कमीशन फॉर होम्योपैथी बिल, 2020
3) नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन बिल, 2020
कोरोना काल में मॉनसून सत्र में जिस तरह से एक के बाद एक बिल संसद के दोनों सदनों में पास किए गए, वो कामकाज की तेज स्पीड का संकेत है.
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने आज कहा कि कोविड असाधारण परिस्थिति में बुलाए गए इस सत्र में सांसदों, स्टाफ के अधिकारियों-कर्मचारियों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है. साथ ही उन्होंने संसद का पूरा सत्र सुचारू रूप से चलने की उम्मीद जताई. स्पीकर ने कहा कि सभी सांसद अपने संवैधानिक दायित्वों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
सांसदों ने संसद में सुरक्षा के लिए की गई व्यवस्थाओं का स्वागत किया है. बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी ने कहा कि कोरोना जैसे असाधारण काल में संसद को सुचारू रुप से चलाने के लिए गए इंतजाम बहुत अच्छे हैं. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सांविधानिक प्रक्रियाओं को चलना भी जरूरी है. इसीलिए सांसद भी अपने दायित्वों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. लोकजनशक्ति पार्टी के सांसद प्रिंस राज ने भी संसद में सुरक्षा की दृष्टि से की गई व्यवस्थाओं पर संतोष जताया.