आज संसद के शीतकालीन सत्र का 17वां दिन था. आज लोकसभा में बाल विवाह निषेध (संशोधन) बिल 2021 पेश किया गया. चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, कंपनी सचिव संशोधन बिल 2021 को स्टैंडिंग कमेटी में भेजने की सिफारिश की गई. कानून और न्याय मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में चुनाव कानून (संशोधन) विधेयक, 2021 विचार और पारित करने के लिए पेश किया, जिसे राज्यसभा से मंजूरी मिल गई है. राज्यसभा में विनियोग (संख्यांक 5) विधेयक 2021 पर भी विचार किया गया. चुनाव कानून (संशोधन) विधेयक पर विरोध जताते हुए TMC सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने रूल बुक फेंक दी. उनके इस व्यवहार पर कार्यवाई करते हुए स्पीकर ने उन्हें सस्पेंड कर दिया.
संसद का शीतकालीन सत्र अपने निर्धारित समय से एक दिन पहले बुधवार को संपन्न होने की संभावना है. बताया जा रहा है कि कल संसद के शीतकालीन सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया जाएगा.
राज्यसभा की कार्यवाही खत्म होने के साथ ही सदन में TMC सांसद डेरेक ओ ब्रायन के व्यवहार की आलोचना की गई. साथ ही, संसद की मर्यादा भंग करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई और उन्हें संसद से निलंबित कर दिया गया. इस फैसले पर संसद में वोटिंग भी की गई, जिसके बाद उन्हें निलंबित किया गया.
बता दें कि चुनाव कानून (संशोधन) विधेयक, 2021 पर चर्चा के दौरान, टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने बिल के पास करने के तरीके पर आपत्ति दर्ज करवाई. उन्होंने कहा कि हमें सदन के नियमों का सम्मान करते हैं. लेकिन जिस तरह से किसान बिल पास करवाया गया था, उसी तरीके से यह बिल भी पास करवाया जा रहा है. डेरेक ओ ब्रायन उस वक्त गुस्से में थे और उन्होंने संसद की रूलबुक (जो उस वक्त उनके हाथ में थी) को सेक्रेटरी जनरल स्पीकर की चेयर की तरफ फेंक दिया. इसके बाद वह सदन से वॉकआउट कर गए.
इसके बाद सदन में जोरदार हंगामा हुआ और विपक्ष ने राज्यसभा से वॉकआउट किया. सदन में बिल पास होने के बाद, श्रम और रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव और पियूष गोयल ने उनके व्यवहार की आलोचना की.
विनियोग (संख्यांक 5) विधेयक 2021 पर चर्चा कल भी जारी रहेगी. राज्यसभा की कार्यवाही 22 दिसंबर सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है.
कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने चुनाव कानून (संशोधन) विधेयक, 2021 पर अपने विचार रखते हुए कहा कि इस बिल पर, पक्ष-विपक्ष और संसदीय स्थायी समिति की सिफारिशों को ध्यान में रखते हुए, चुनाव आयोग और कानून मंत्रालय के साथ विस्तार से चर्चा की गई है. हर कोई इसका समर्थन कर रहा है, केवल 1-2 लोग इसे विवादास्पद मुद्दा बनाना चाहते हैं.
चुनाव प्रक्रिया को स्वच्छ रखने के लिए मतदाता सूची का साफ होना जरूरी है. इस कदम से फर्जी वोट नहीं पड़ेंगे. उन्होंने यह भी साफ किया कि आधार कार्ड को मतदाता सूची से जोड़ना अनिवार्य नहीं, बल्कि स्वैच्छिक होगा. यह योग्य आम आदमी के लिए अच्छा बिल है.
लड़कियों की शादी की उम्र 18 से 21 साल करने से जुड़े बिल का विरोध करते हुए, डीएमके सांसद कनिमोझी ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक को छोड़कर, सरकार किसी से भी सलाह लेने में यकीन नहीं रखती. यह बहुत ज़रूरी है कि इस तरह के एक बेहद अहम बिल को स्टैंडिंग कमेटी या सेलेक्ट कमेटी को भेजा जाए, वे इसकी समीक्षा करें और सिविल सोसाइटी से इसपर राय ली जाए, उसके बाद बिल लाया जाए.
लोकसभा में बाल विवाह निषेध (संशोधन) बिल 2021 का विरोध करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि यब बिल रेट्रोग्रेसिव है. यह बिल स्वतंत्रता के अधिकार के खिलाफ है, जो आर्टिकल 19 के तहत आता है. 18 साल का व्यक्ति पीएम चुन सकता है, लिव-इन रिलेशनशिप में रह सकता है, लेकिन शादी नहीं कर सकता. उसे शादी करने का अधिकार नहीं है. आपने 18 साल की उम्र वालों के लिए क्या किया है? उन्होंने यह भी कहा कि भारत में महिला श्रम शक्ति की भागीदारी सोमालिया से भी कम है. 'बटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' का 89 प्रतिशत फंड मोदी की पब्लिसिटी के लिए इस्तेमाल किया जाता है. यह बिल वापस लेना चाहिए.
वहीं, टीएमसी सांसद सौगत राय ने भी कहा कि यह बिल बहुत जल्दी में लाया गया है. स्टेकहोल्डर को इसपर विचार या जाना चाहिए था. अल्पसंख्यक इस बिल के खिलाफ हैं.
राजसभा में विनियोग (संख्यांक 5) विधेयक 2021 पर भी विचार किया जा रहा है.
चुनाव कानून (संशोधन) विधेयक 2021 (The Election Laws Amendment Bill) को राज्यसभा से मंजूरी मिल गई है. कानून और न्याय मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में 'चुनाव कानून (संशोधन) विधेयक, 2021', विचार और पारित करने के लिए पेश किया था. इस बिल में वोटर आईडी से आधार को लिंक करने का प्रावधान है.
राज्यसभा में श्रम और रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव ने सभा में सदस्यों के व्यवहार की आलोचना की. उन्होंने नियम 258 का हवाला देते हुए कहा कि सेक्रेटरी जनरल पर रूल बुक फेंकना अपने आप में आपत्तिजनक अभिव्यक्ति है. सदन के किसी भी सदस्य को खासकर अगर कोई दल का नेता हो तो ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए. वहीं सदन के नेता पियूष गोयल ने भी इस तरह के व्यवहार पर आलोचना की.
बता दें कि चुनाव कानून (संशोधन) विधेयक, 2021 का विरोध करते हुए डेरेक ओ ब्रायन ने गुस्से में आकर, संसद की रूलबुक को सेक्रेटरी जनरल पर फेंक दिया था. इसके बाद वह सदन से वॉकआउट कर गए थे.
लड़कियों की शादी की उम्र 18 से 21 साल करने से जुड़ा बिल लोकसभा में पेश करने पर, एनसीपी सांसद सुप्रिया सुले ने कहा यह लगातार दूसरी या तीसरी बार है, बड़े ही आक्रामक तरीके से बिल लाए जा रहे हैं और विपक्ष से किसी से भी सलाह नहीं ली जाती है. कार्य मंत्रणा समिति (Business Advisory Committee) में जो भी चर्चा होती है, उसे सदन में कभी लागू नहीं किया जाता. सरकार द्वारा लाई जा रही इस नई प्रथा की मैं निंदा करती हूं.
लोकसभा की कार्यवाही 22 दिसंबर सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
बाल विवाह निषेध (संशोधन) बिल 2021 पर लोकसभा में विपक्ष विरोध कर रहा है. विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी ने सरकार को सलाह दी,'हड़बड़ी में बहुत गड़बड़ी होती है. इस बिल पर सरकार ने किसी स्टेक होल्डर से बात नहीं की, न ही स्टेट से बात हुई और अचानक से बिल लाया जा रहा है. मुझे आश्चर्य है कि सरकार अचानक से बिल क्यों लाती है. इससे सरकार ने नापाक इरादे साफ होते हैं. हमारी मांग है कि ये बिल स्टैंडिंग कमेटी को तुरंत रेफर किया जाए.'
स्मृति ईरानी का कहना है कि वह भी सरकार से गुजारिश करना चाहती हैं कि इस बिल को स्टैंगिंड कमेटी के पास विचार के लिए भेजा जाए.
बाल विवाह निषेध (संशोधन) विधेयक 2021 लोकसभा में पेश किया गया. महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने पेश किया बिल. लड़कियों की शादी की उम्र 18 साल से बढ़ाकर 21 साल किया जाएगा. विधेयक को आगे के विचार-विमर्श और जांच के लिए स्थायी समिति के पास भेजा जाएगा.
कानून और न्याय मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में 'चुनाव कानून (संशोधन) विधेयक, 2021', विचार और पारित करने के लिए पेश किया. विधेयक में आधार को मतदाता सूची से जोड़ने की बात की जा रही है. इसपर विपक्ष विरोध कर रहा है.
लड़कियों की शादी की उम्र 18 साल से बढ़ाकर 21 साल करने के लिए, सरकार आज लोकसभा में बाल विवाह निषेध (संशोधन) विधेयक, 2021 पेश किया जाएगा. विधेयक को आगे के विचार-विमर्श और जांच के लिए स्थायी समिति के पास भेजा जाएगा.
लोकसभा में बाल विवाह निषेध (संशोधन) विधेयक, 2021 पेश किया जाएगा. विपक्ष ने एक बार फिर विपक्षी सांसदों के निलंबन का मुद्दा उठाया.
लोकसभा और राज्यसभा में विपक्षी सांसदों ने लखीमपुर खीरी मामले पर, गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी को निलंबित करने की मांग को लेकर संसद में गांधी प्रतिमा से विजय चौक तक मार्च किया.
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा,'विपक्ष एक बार फिर लखीमपुर खीरी की घटना को उठा रहा है. एक मंत्री के बेटे ने किसानों की हत्या की है, रिपोर्ट में इसे साजिश बताया गया है. प्रधानमंत्री इस मामले पर कुछ नहीं करते. वे किसानों से माफी मांगते हैं, लेकिन मंत्री को नहीं हटा रहे हैं. हम उन्हें नहीं बख्शेंगे, आज नहीं तो कल जेल भेजा जाएगा.'
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में विपक्ष के नेताओं के बीच रणनीतिक बैठक हुई. इस बैठक में राज्यसभा सदस्यों के निलंबन को रद्द करने, लखीमपुर खीरी मुद्दे में गृह राज्यमंत्री के इस्तीफे की मांग और शेष सत्र के लिए दोनों सदनों में कामकाज के समग्र संचालन पर आगे की रणनीति पर चर्चा की गई.
टीएमसी सांसद डोला सेन ने प्रधानमंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री हर दिन सदन की गरिमा को कम कर रहे हैं. कृषि कानूनों को निरस्त करने और डीमोनिटाइज़ेशन पर एकतरफा घोषणाएं की गईं. इन मामलों पर सदनों में विचार नहीं किया गया. 10 मिनट में बिल पास हो जाते हैं. जब वे हमें बोलने का मौका नहीं देते, तो हम चिल्लाते हैं, नारे लगाते हैं.
लोकसभा में विपक्षी सांसदों का हंगामा जारी रहा. डीएमके सांसदों ने नीट परीक्षा खत्म करने के मुद्दे पर संसद में हंगामा किया. सभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने जानकारी दी कि सरकार ने एक ऐप लॉन्च किया है जिससे संसद की कार्यवाही का प्रसारण, डिबेट, बुलेटिन, बिलों के बारे में जानकारी आदि एक ही ऐप पर देख सकते हैं.
बीजेपी के राजीव प्रताप रूड़ी ने सरकार से ही सवाल किया कि जब इतनी संख्या में रोजगार दिया जा रहा है तो करोड़ों लोग बिहार से बाहर नौकरी क्यों कर रहे हैं. इसपर ग्रामीण और पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि भारत सरकार जो योजनाएं चला रही है मैं बस वही बता रहा हूं.
ग्रामीण और पंचायती राज मंत्री गिरिराज सिंह ने संसद में जानकारी दी कि डीडीयूडीकेवाय के तहत ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को रोजगार दिया जाता है. पूरे देश में 11,23,783 उम्मीदवारों को प्रशिक्षित किया गया और 7,13,723 लोगों को रोज़गार दिया गया. यह योजना 27 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों में लागू है. यहां 1851 परियोजनाएं चल रही है 2 हजार से ज़्यादा प्रशिक्षण केंद्र हैं. बिहार में 55125 लोगों को प्रशिक्षण दिया गया है और 29114 लोगों को रोज़गार दिया गया है.
फतेहपुर सीकरी से बीजेपी सांसद राजकुमार चाहर के सवाल पर कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के अंतर्गत 1 लाख करोड़ रुपए का प्रावधान दिया गया है, इससे किसानों को डायरेक्ट फायदा होता है.
झालावाड़ से बीजेपी सांसद दुष्यंत सिंह ने के सवाल पर कृषि और किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि भारत सरकार ने डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन शुरू किया है. इसमें किसानों के खातों को डिजिटलाइज़ किया जा रहा है. अब तक 5 करोड़ किसानों का खाता डिजिटलाइज़ हो गया है. दिसंबर तक 8 करोड़ करने का प्रयास है. इसपर अभी पायलट प्रोग्राम चल रहा है, इसके बाद यह पूरे देश में लागू होगा. उन्होंने कहा कि किसानों को डेटा सुरक्षित है.
गंगानगर से बीजेपी सांसद निहाल चंद चौहान के सवाल पर कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा सरकार फसलों के इंश्योरेंस को लेकर बैंकों को निर्देश दिए गए हैं. अगर बैंक गलती करता है तो बैंक पर 12 प्रतिशत की पेनाल्टी लगती है और बैंक को किसानों को क्लेम देना पड़ता है.
राज्यसभा में भी विपक्ष ने हंगामा किया और सभापति वैंकय्या नायडू ने हाउस को ऑर्डर में रखने के लिए कहा. लेकिन विपक्ष के न मानने पर सभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई. विपक्षी दलों ने राज्यसभा की कार्य मंत्रणा समिति की बैठक के बायकॉट का मुद्दा उठाया था. विपक्षी दलों ने बैठक के लिए समय पर सूचित नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए उस दिन बैठक का बहिष्कार किया था.
लोकसभा में, प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष हंगामा कर रहा है. कार्यवाही में व्यवधान डालने की कोशिश की जा रही है.
लोकसभा में प्रश्नकाल शुरू हो गया है, वहीं राज्यसभा में सभा पटल पर पत्र रखे जा रहे हैं.
बीजेपी संसदीय दल की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि बैठक में कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने चुनाव कानून (संशोधन) विधेयक पर प्रेज़ेंटेशन दी कि देश को इस बिल की ज़रूरत क्यों है. उन्होंने बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने हमें संबोधित किया और अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती यानी 25 दिसंबर को सुशासन दिवस के रूप में मनाने को कहा है.
निलंबित सांसदों के मामले पर अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि उन्होंने संसद की गरिमा को कम किया है. उन्हें इसपर पछतावा होना चाहिए. अगर वे माफी मांगते हैं, तो सरकार निलंबन को रद्द करने के बारे में सोचेगी. यह संसदीय परंपरा रही है कि अगर किसी सांसद ने संसद की गरिमा को कम किया, तो उन्होंने माफी मांगी है.
CPI(M) सांसद डॉ वी शिवदासन ने AFSPA को वापस लेने पर चर्चा करने के लिए, राज्यसभा में नियम 267 के तहत निलंबन नोटिस दिया.