
राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान राज्यसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच गर्मागर्म बहस हुई. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के सांसद प्रफुल्ल पटेल आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह पर भड़क गए. उन्होंने कहा- संजय भैया, आप इनको (कांग्रेस को) और हमको बदनाम करके यहां बैठे हो. आसन से सभापति जगदीप धनखड़ ने प्रफुल्ल पटेल को टोका और कहा कि ये सब रिकॉर्ड में नहीं जाएगा. सभापति के टोकने के बाद भी प्रफुल्ल पटेल ने बोलना जारी रखा.
प्रफुल्ल पटेल ने सभापति के टोकने पर कहा कि इन्होंने हमारी पार्टी और हमारी पार्टी के एक नेता का नाम लिया है तो हमें रिस्पॉन्ड करना पड़ेगा. यूपीए सरकार के समय भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 70 हजार करोड़ का सिंचाई घोटाला अगर आपको लगता है तो आप उनके साथ क्यों बैठे हो. उस समय कांग्रेस के मुख्यमंत्री थे. प्रफुल्ल पटेल ने अन्ना हजारे का नाम लिए बिना कहा कि आपने हमारे एक बुड्ढे बाबा को बुलाकर हमारे नेताओं को बदनाम करने का काम किया था. तब हम भी यूपीए सरकार में थे.
इस पर संजय सिंह ने कुछ कहा. प्रफुल्ल पटेल ने सवालिया अंदाज में कहा कि आपने इंडिया अगेंस्ट करप्शन क्यों चालू किया था? आपने क्लीन चिट दे दी न? दरअसल हुआ ये कि संजय सिंह जब बोल रहे थे, उन्होंने भ्रष्टाचार को लेकर एक्शन पर सरकार को घेरते हुए छगन भुजबल का नाम ले लिया. संजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा कि एक भी भ्रष्टाचारी को नहीं छोड़ेंगे, ये मोदी की गारंटी है. जब हम नजर उठाकर देखते हैं तो ऐसा लगता है कि सभी भ्रष्टाचारी बीजेपी के साथ आ जाएंगे, ये प्रधानमंत्री की गारंटी है. 70 हजार करोड़ के सिंचाई घोटाले के आरोपी, छगन भुजबल बीजेपी के साथ आ गए.
संजय सिंह के बयान पर सभापति जगदीप धनखड़ ने आपत्ति जताई और इसे कार्यवाही से हटाने के लिए कहा. सभापति जगदीप धनखड़ ने संजय सिंह से ये कहा भी. संजय सिंह ने कहा कि आपका फैसला स्वीकार है. संजय सिंह के बाद बोलने की बारी प्रफुल्ल पटेल की थी. प्रफुल्ल पटेल ने जब बोलना शुरू किया, सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और संजय सिंह को भी निशाने पर रखा.
संजय सिंह ने उठाया नीट का मुद्दा
संजय सिंह ने राज्यसभा में नीट पेपर लीक का मुद्दा उठाया और कहा कि पिछले सात साल में 70 परीक्षाओं के पर्चे लीक हो गए. संजय सिंह ने राम मंदिर में रामलला के लोकार्पण समारोह का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा- पूछना चाहता हूं कि जब रामलला का मंदिर बना तब मौजूदा राष्ट्रपति वहां क्यों नहीं थीं. अखिलेश यादव जो पांच साल मुख्यमंत्री रहे, आवास खाली किए तब उसे गंगाजल से धोया जाता है. ये रवैया है आपका दलितो-पिछड़ों के प्रति. उन्होंने कहा कि यह देश जैन-सिख-मुस्लिम, सबका है. संजय सिंह ने बीजेपी के नाम को लेकर कहा कि आप इसे भारतीय जनता पार्टी ही रहने दीजिए, भारतीय झगड़ा पार्टी मत बनाइए.
हिंदू विशाल धर्म- संजय सिंह
संजय सिंह ने हिंदू धर्म को विशाल बताते हुए कहा कि इसमें प्राणियों में सद्भावना की बात कही गई है लेकिन आप प्राणियों में बंटवारे की बात करते हैं. संजय सिंह ने एक शेर सुनाया- '...मंदिर-मस्जिद दिखाकर हमारा ध्यान बांटा जा रहा है' और कहा कि 240 सीटें लेकर आप गठबंधन की सरकार चला रहे हैं, आप चलाइए लेकिन हमारा ध्यान मत भटकाइए, मुद्दे पर बात कीजिए. आज महंगाई और बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा है. उन्होंने 'जो राम को लाए हैं...' गाने को लेकर भी बीजेपी को निशाने पर रखा.