
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि देश की आवाज उठाने के लिए पार्टी प्रतिबद्ध रही है. उन्होंने कांग्रेस के स्थापना दिवस पर सच्चाई और समानता के पार्टी के संकल्प को दोहराया. वहीं पार्टी की स्थापना दिवस के मौके पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी भी दिल्ली स्थित पार्टी कार्यालय पहुंचीं.
राहुल गांधी ने ट्वीट किया, 'देश हित की आवाज उठाने के लिए कांग्रेस शुरू से प्रतिबद्ध रही है. आज कांग्रेस के स्थापना दिवस पर हम सच्चाई और समानता के अपने इस संकल्प को दोहराते हैं. जय हिंद!'
देश की आजादी से 62 साल पहले 1885 में आज ही के दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना की गई थी. स्कॉटलैंड के सेवानिवृत्त अधिकारी एओ ह्यूम ने कांग्रेस की स्थापना की थी. दिलचस्प बात ये है कि कांग्रेस पार्टी की स्थापना एक अंग्रेज अधिकारी ने की थी, मगर पार्टी के अध्यक्ष भारतीय ही रहे. कांग्रेस के पहले अध्यक्ष कलकत्ता हाई कोर्ट के बैरिस्टर व्योमेश चंद्र बनर्जी बने थे.
बताते चलें कि 1905 में बंगाल के बंटवारे के मुद्दे पर मुखर रहने की वजह से कांग्रेस को नई पहचान मिली थी. उस दौरान कांग्रेस ने बंटवारे का पुरजोर विरोध किया थी. इसके बाद 1915 में महात्मा गांधी दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटे. गांधी जी 1919 में असहयोग आंदोलन से राजनीति में आए और उसके बाद उनके नेतृत्व में कांग्रेस ने सविनय अविज्ञा आंदोलन, भारत छोड़ो आंदोलन जैसे कई आंदोलन किए.
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कांग्रेस से गांधी परिवार का रिश्ता
देश के पहले पीएम जवाहर लाल नेहरू के परिवार से कांग्रेस का गहरा रिश्ता है. जवाहर लाल नेहरू 1951 से लेकर 1954 तक कांग्रेस अध्यक्ष रहे. उनके बाद 1959 में इंदिरा गांधी अध्यक्ष बनीं. इंदिरा गांधी 1978 से 1984 तक दोबारा अध्यक्ष रहीं. उनकी मौत के बाद राजीव गांधी 1985-1991 तक कांग्रेस अध्यक्ष रहे. सोनिया गांधी 1998 में कांग्रेस अध्यक्ष बनीं. वह 2017 तक इस पद पर विराजमान रहीं. राहुल गांधी दिसंबर 2017 से अगस्त 2019 तक कांग्रेस अध्यक्ष रहे थे. राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद अगस्त 2019 से सोनिया गांधी अंतरिम अध्यक्ष हैं.