
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर (J&K) को राज्य का दर्जा दिलाने के वादे को दोहराते हुए कहा कि वे इसके लिए संसद में लड़ेंगे और सड़कों पर भी उतरेंगे. उन्होंने कहा कि राज्य का दर्जा इसलिए छीना गया क्योंकि भारतीय जनता पार्टी लोगों की समृद्धि को खत्म करने के लिए उपराज्यपाल (एलजी) और बाहरी लोगों के जरिए इस क्षेत्र को चलाना चाहती थी. उन्होंने जम्मू में एक रैली में कहा, 'जब तक उपराज्यपाल यहां हैं, बाहरी लोगों को जम्मू-कश्मीर के लोगों के खर्चों पर लाभ मिलते रहेंगे.'
अगस्त 2019 में संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत क्षेत्र से अर्ध-स्वायत्त दर्जा छीन लिए जाने के बाद जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में बांट दिया गया था. राहुल गांधी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में चुनाव लोगों के अधिकारों के बारे में थे. 'हम राज्य का दर्जा सुनिश्चित करेंगे और फिर सरकार स्थानीय उद्योगों की रक्षा करेगी. बैंकों के दरवाजे आम लोगों के लिए खोले जाएंगे.'
उन्होंने कहा कि 1947 से देश के इतिहास में ऐसे कई उदाहरण हैं, जब केंद्र शासित प्रदेशों को राज्य बनाया गया और राज्यों को दो हिस्सों में विभाजित किया गया, लेकिन कभी भी किसी राज्य को केंद्र शासित प्रदेश में नहीं बदला गया. उन्होंने कहा, 'यह लोगों के साथ घोर अन्याय है.'
कांग्रेस सांसद ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोकतांत्रिक अधिकार छीने गए. उन्होंने कहा, 'हमें लगा कि चुनाव से पहले राज्य का दर्जा बहाल कर दिया जाएगा और यह सही तरीका था, लेकिन उन्होंने पहले चुनाव करा लिए.' उन्होंने वादा किया कि अगर भाजपा राज्य का दर्जा वापस नहीं करती है तो इंडिया गठबंधन इसके लिए अपनी पूरी ताकत लगा देगा.
'सरकार की नीति कौन तय कर रहा है'
राहुल गांधी ने किसानों से जुड़े मुद्दे पर भी बात की. उन्होंने ट्वीट किया, 'सरकार की नीति कौन तय कर रहा है? एक भाजपा सांसद या प्रधानमंत्री मोदी? 700 से ज्यादा किसानों, खास कर हरियाणा और पंजाब के किसानों की शहादत लेकर भी भाजपा वालों का मन नहीं भरा. INDIA गठबंधन हमारे अन्नदाताओं के विरुद्ध भाजपा का कोई भी षडयंत्र कामयाब नहीं होने देगा. अगर किसानों को नुकसान पहुंचाने के लिए कोई भी कदम उठाया जाएगा तो मोदी जी को फिर से माफी मांगनी पड़ेगी.'
विपक्षी नेता ने जम्मू में प्रोफेशनल के साथ बातचीत की और जम्मू-कश्मीर में उनके सामने आने वाली चुनौतियों पर खुलकर चर्चा की.