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'महाराष्ट्र में भी कराएंगे जाति जनगणना', कांग्रेस शासित तेलंगाना में Caste Survey शुरू होने के बाद बोले राहुल

कांग्रेस नेता राहुल गांधी के चुनावी वादे के तहत तेलंगाना सरकार का व्यापक सामाजिक-आर्थिक, रोजगार, राजनीतिक और जाति सर्वेक्षण 6 नवंबर को शुरू हुआ. इसको लेकर अब राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और पीएम मोदी पर निशाना साधा और कहा कि इससे मिलने वाले डेटा का इस्तेमाल वह प्रदेश के हर वर्ग के विकास के लिए नीतियां बनाने में करेंगे. और जल्द ही इसे महाराष्ट्र में भी लागू किया जाएगा.

राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा (Photo: X/@INC) राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा (Photo: X/@INC)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 10 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 7:03 AM IST

तेलंगाना की कांग्रेस सरकार राज्य में अपना बहुप्रतीक्षित जाति-आधारित सर्वेक्षण करा रही है. इसको लेकर अब राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और पीएम मोदी पर निशाना साधा और कहा कि इससे मिलने वाले डेटा का इस्तेमाल वह प्रदेश के हर वर्ग के विकास के लिए नीतियां बनाने में करेंगे. और जल्द ही इसे महाराष्ट्र में भी लागू किया जाएगा.

दरअसल, कांग्रेस नेता राहुल गांधी के चुनावी वादे के तहत तेलंगाना सरकार का व्यापक सामाजिक-आर्थिक, रोजगार, राजनीतिक और जाति सर्वेक्षण 6 नवंबर को शुरू हुआ. इसको लेकर राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सर्वे का एक वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, "मोदी जी, आज से तेलंगाना में जातिगत गिनती शुरू हो गई है. इससे मिलने वाले डेटा का इस्तेमाल हम प्रदेश के हर वर्ग के विकास के लिए नीतियां बनाने में करेंगे. जल्द ही यह महाराष्ट्र में भी होगा."

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कांग्रेस नेता ने आगे लिखा, 'सबको पता है कि भाजपा देश में एक व्यापक जाति जनगणना नहीं करवाना चाहती है. मैं मोदी जी से साफ कहना चाहता हूं- आप देश भर में जातिगत जनगणना को रोक नहीं सकते हैं. हम इसी संसद में जातिगत जनगणना को पास करके दिखाएंगे और आरक्षण पर से 50% की दीवार को तोड़ देंगे."

यह एक ऐतिहासिक, क्रांतिकारी क्षण है: जयराम रमेश

इससे पहले कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा था कि यह राज्य के लिए एक 'ऐतिहासिक और क्रांतिकारी' क्षण होगा. अपने आधिकारिक हैंडल X पर जयराम रमेश ने पोस्ट किया, "तेलंगाना में कांग्रेस सरकार आज अपना जाति-आधारित सर्वेक्षण शुरू करेगी. अगले कुछ हफ़्तों में 80,000 गणनाकर्ता घर-घर जाकर 33 जिलों में 1.17 करोड़ से ज़्यादा घरों को कवर करेंगे. 1931 के बाद से यह पहली बार है जब तेलंगाना में सरकार द्वारा जाति-आधारित सर्वेक्षण किया जा रहा है. यह एक ऐतिहासिक, क्रांतिकारी क्षण है - जो राज्य के लिए तेलंगाना आंदोलन के लक्ष्य की प्राप्ति और डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर के संविधान के प्रमुख आदर्शों में से एक को पूरा करना है."

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यह दिन इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित होगा: CM रेवंत रेड्डी

वहीं राज्य के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी ने शनिवार को कहा कि जाति सर्वेक्षण के लिए गणना की शुरुआत के साथ राज्य ने एक क्रांतिकारी यात्रा शुरू की है. उन्होंने कहा कि यह दिन इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित होगा और सरकार आने वाले दिनों में यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत करेगी कि राज्य सामाजिक न्याय के लिए अगली पीढ़ी की पहल और नीतियों में भारत में शीर्ष पर हो. रेड्डी ने 'एक्स' पर कहा, "हमारे नेता राहुल गांधी का सभी कमजोर वर्गों को सामाजिक न्याय देने का वादा तेलंगाना में एक वास्तविकता बनने जा रहा है."

डिप्टी सीएम ने अधिकारियों को दिए ये निर्देश

बता दें कि पिछले तीन दिनों के दौरान घरों की सूची बनाने के बाद गणना की शुरुआत के मद्देनजर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस करने वाले उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने जिला कलेक्टरों को नियमित आधार पर गणना करने वालों से बात करने का निर्देश दिया ताकि उनकी चिंताओं और शंकाओं का समाधान किया जा सके. उन्होंने कहा कि तेलंगाना सरकार द्वारा किए गए जाति सर्वेक्षण को पूरा देश देखेगा. इस अभ्यास की सफलता सरकारी मशीनरी की प्रतिबद्धता पर निर्भर करती है.

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