Advertisement

राहुल का अब क्या होगा, सांसदी के साथ क्या सियासी करियर भी खत्म? पढ़ें-हर सवाल का जवाब

कांग्रेस नेता राहुल गांधी नई मुश्किल में फंस गए हैं. आम चुनावों से साल भर पहले कांग्रेस के लिए ये स्थिति एक बड़े झटके की तरह है. मोदी सरनेम में मामले में पहले दोषी पाया जाना, फिर सजा मिलना और इसके ठीक अगले दिन सदस्यता का रद्द हो जाना, व्यक्तिगत तौर पर राहुल गांधी के राजनीतिक करियर के लिए कई सवाल खड़े कर रहा है.

राहुल गांधी (फाइल फोटो) राहुल गांधी (फाइल फोटो)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 24 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 11:39 PM IST

कांग्रेस नेता राहुल गांधी इस वक्त राजनीतिक संकट में फंस गए हैं. जिस समय सभी दल धीरे-धीरे 2024 की तैयारी में जुट रहे हैं तो उसी वक्त कांग्रेस और राहुल गांधी को दूसरी ही जद्दोजहद में फंसना पड़ेगा. मोदी सरनेम को लेकर टिप्पणी करना उन पर भारी पड़ा है. इस मामले में गुरुवार को सूरत सेशन कोर्ट ने उन्हें दोषी ठहराया था. राहुल गांधी को सजा हुई, जमानत मिली, लेकिन शुक्रवार को लोकसभा की सदस्यता चला गई. यानी कि वह अब वायनाड के सांसद नहीं रहे हैं.

Advertisement

क्या राहुल गांधी संसद में लौट पाएंगे?

हां.
राहुल गांधी संसद लौट सकते हैं. असल में राहुल गांधी के पास अपनी लोकसभा सदस्यता बचाने का विकल्प है. इसके लिए उन्हें स्पीकर की ओर से की गई कार्रवाई के विरुद्ध कोर्ट जाने का अधिकार है. राहुल इस मामले को हाईकोर्ट में उठा सकते हैं. वह लोकसभा सचिवालय की कार्रवाई पर अगर कोर्ट से राहत पाते हैं तो उनकी सदस्यता बच सकती है और वह संसद में लौट भी सकते हैं. 

क्या राहुल गांधी को अपना आवास खाली करना होगा?

हां.
राहुल गांधी को अपना सरकारी आवास खाली करना पड़ सकता है. अभी राहुल गांधी दिल्ली में लुटियंस जोन के 12 तुगलक रोड पर स्थित सरकारी आवास में रहते हैं. यह आवास उन्हें लोकसभा सदस्यता यानी सांसद होने के नाते ही मिला था. अब उनकी सदस्यता रद्द हो गई है तो उनसे यह घर वापस लिया जा सकता है. 

Advertisement

क्या राहुल गांधी 2024 का लोकसभा चुनाव लड़ पाएंगे?

नहीं.
राहुल गांधी की सदस्यता जन प्रतिनिधि कानून के तहत गई है. इसके मुताबिक, अगर सांसदों/विधायकों को किसी भी मामले में 2 साल से ज्यादा की सजा हुई हो तो ऐसे में उनकी सदस्यता (संसद और विधानसभा से) रद्द हो जाएगी. इसके साथ ही सजा की अवधि पूरी करने के बाद छह वर्ष तक चुनाव लड़ने के लिए भी उन्होंने अयोग्य करार दिया जाता है. इस आधार पर एक बारगी तो यह है कि राहुल गांधी 2024 का चुनाव नहीं लड़ पाएंगे, लेकिन अगर उन्हें हाईकोर्ट-सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलती है तो वह अगले साल चुनाव लड़ सकते हैं. 

क्या राहुल गांधी 2029 का लोकसभा चुनाव लड़ पाएंगे?

दरअसल, राहुल गांधी के लिए सभी रास्ते अभी बंद नहीं हुए हैं. वह सूरत सेशन कोर्ट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दे सकते हैं. अगर हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट राहुल गांधी के दोषी पाए जाने पर रोक लगाता है, तब तो ठीक है, लेकिन अगर इस पर उन्हें राहत नहीं मिलती है तो राहुल गांधी 8 साल तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगे. यहां ये समझना जरूरी है कि राहुल गांधी को सूरत सेशन कोर्ट से मिली सजा पर भी राहत पानी है और स्पीकर की ओऱ से की गई कार्रवाई पर भी. अगर राहुल गांधी की याचिका पर हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट सजा पर रोक भी लगा देते हैं, तब भी उनकी सदस्यता बहाल नहीं होगी. इसके लिए जरूरी है कि राहुल गांधी के दोषी पाए जाने पर भी रोक लगे. 

Advertisement

क्या वायनाड सीट खाली रहेगी या उसपर उपचुनाव होंगे?

हां हो सकते हैं.
किसी संसदीय-विधायकी की सीट पर चुनाव उसके सांसद-विधायक के पद पर रहते निधन हो जाने से होते हैं या फिर अगर विधायक/सांसद की विधायकी/सांसदी चली जाए तो उस सीट पर चुनाव कराना होता है. इसे उपचुनाव कहा जाता है. जनप्रतिनिधित्व कानून 1951. इस कानून के सेक्शन-151 (A) अनुसार, कोई भी सीट (लोकसभा या विधानसभा) खाली होती है को 6 महीने के भीतर उस पर चुनाव कराना जरूरी है. यह तारीख उस दिन से लागू होती है, जिस तिथि से वह सीट खाली हुई है. अब अगर राहुल गांधी को अदालत से राहत नहीं मिलती है तो राहुल गांधी की वायनाड सीट पर फिर से चुनाव कराए जा सकते हैं. वहां छह महीने के भीतर फिर चुनाव होंगे. संविधान के मुताबिक, आम चुनाव होने में अगर 6 महीने से ज्यादा का समय है तो उपचुनाव होना लाजिमी हैं. क्योंकि आम चुनाव 2024 में होंगे, इससे पहले 6 महीने के भीतर केरल की वायनाड सीट पर उप चुनाव होंगे. सूत्रों के मुताबिक निर्वाचन आयोग ने इसपर विचार भी शुरू कर दिया है.

क्या अपनी सदस्यता रद्द करने के फैसले को कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं राहुल?

हां.
राहुल गांधी अपनी सदस्यता के रद्द करने के फैसले के खिलाफ कोर्ट में जा सकते हैं. भारतीय नागरिक होने के नाते उन्हें इसका अधिकार भी है, दूसरा अपनी सदस्यता बचाने और चुनाव लड़ने की योग्यता दोबारा पाने के लिए यही विकल्प भी उनके पास बच रहा है. ऐसे में राहुल गांधी सदस्यता रद्द करने के फैसले को कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं. उन्हें इसके लिए दो मोर्चों पर लड़ाई लड़नी होगी. मानहानि के केस में दोषी करार दिए जाने के खिलाफ और दूसरा, दो साल की सजा के आधार पर सदस्यता रद्द करने के नोटिफिकेशन के खिलाफ. 

Advertisement

क्या राहुल गांधी का सियासी करियर खत्म हो गया है?

यह पूरी तरह राहुल गांधी के ऊपर है. भारत जोड़ो यात्रा के बाद देश में उनके प्रति थोड़ा माहौल बनना शुरू हुआ था, लेकिन अब इस मामले के बाद उनकी साख और गिर सकती है. दूसरा अगर, वह सदस्यता जाने के ही मुद्दे को भुना लें और कोर्ट से दोनों मोर्चों पर राहत पा लेते हैं तो यह उनके लिए एक पॉजिटिव फैक्टर साबित होगा. लेकिन, अगर अंततोगत्वा वह 8 साल के लिए चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हो गए फिर करियर के विषय में कुछ नहीं कहा जा सकता है. राहुल कभी न खत्म होने वाले राजनीतिक वनवास पर जा सकते हैं.

क्या कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव लड़ पाएंगे राहुल गांधी

हां.
लोकसभा की सदस्यता जाने और मोदी सरनेम मामले में दोषी पाए जाने के बाद भी राहुल गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष बन सकते हैं. सोनिया गांधी सदस्यता जाने के बाद भी कांग्रेस की अध्यक्ष रही थीं. कांग्रेस के अध्यक्ष पद का चुनाव CWC द्वारा निर्धारित गाइड लाइन के जरिए होता है.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement