राजस्थान के उदयपुर में कांग्रेस का तीन दिन का चिंतन शिविर आज से शुरू हो रहा है. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के देशभर के 400 बड़े नेता इसमें शामिल हुए हैं. सोनिया गांधी ने चिंतन शिविर के पहले दिन कांग्रेस नेताओं को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा. सोनिया गांधी ने कहा, मौजूदा केंद्र सरकार नफरत फैला कर अल्पसंख्यकों को दबा रही है.
कल सुबह 10 बजे कांग्रेस नेता राहुल गांधी एक अहम बैठक करने वाले हैं. बैठक में CLP के तमाम नेता और सचिव मौजूद रहने वाले हैं.
राजस्थान के उदयपुर में कांग्रेस को फिर से मजबूत करने के लिए सोनिया गांधी ने चिंतन शिविर में एक रोडमैप रखा है. सोनिया ने एक तरफ केंद्र की मोदी सरकार और आरएसएस पर जमकर हमला बोला तो दूसरी तरफ अपनी नाकामयाबियों से बेखबर नहीं होने की बात कह कर एक तरह से संदेश देने की कोशिश की है.
कांग्रेस किस दिशा में जाएगी? चिंतन शिविर में सोनिया गांधी ने रखा रोडमैप
कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने चिंतन शिविर के उद्घाटन सत्र में पार्टी नेताओं को कड़ा संदेश दिया. उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि पार्टी ने नेताओं को बहुत कुछ दिया है. सोनिया ने कहा कि ऐसा समय आया है कि हमें संगठन के हितों के लिए काम करना होगा. सबसे आग्रह है कि खुलकर अपने विचार रखें, लेकिन बाहर एक ही संदेश जाना चाहिए. संगठन की मजबूती, दृढ़ निश्चय और एकता का.
सोनिया गांधी की कांग्रेस नेताओं को नसीहत, अपने विचार रखें, लेकिन बाहर एकता का संदेश जाए
सोनिया गांधी ने कहा, हम विशाल प्रयासों से ही बदलाव ला सकते हैं, हमे निजी अपेक्षा को संगठन की जरूरतों के अधीन रखना होगा. पार्टी ने बहुत दिया है. अब कर्ज उतारने की जरूरत है. एक बार फिर से साहस का परिचय देने की जरूरत है. हर संगठन को जीवित रहने के लिए परिवर्तन लाने की जरूरत होती है. हमें सुधारों की सख्त जरुरत है. ये सबसे बुनयादी मुद्दा है.
सोनिया गांधी ने कहा, अब तक यह पूरी तरह से और दर्दनाक रूप से स्पष्ट हो गया है कि पीएम मोदी और उनके सहयोगियों का वास्तव में उनके नारे 'अधिकतम शासन, न्यूनतम सरकार' से क्या मतलब है? इसका अर्थ है कि देश को ध्रुवीकरण की स्थायी स्थिति में रखना, लोगों को लगातार भय और असुरक्षा की स्थिति में रहने के लिए मजबूर करना, अल्पसंख्यकों को शातिर तरीके से निशाना बनाना और उन पर अत्याचार करना जो हमारे समाज का अभिन्न अंग हैं और हमारे देश के समान नागरिक हैं.
सोनिया गांधी ने चिंतन शिविर को संबोधित करते हुए कहा, भाजपा-RSS की नीतियों की वजह से देश जिन चुनौतियों का सामना कर रहा है, उसपर विचार करने के लिए ये शिविर एक बहुत अच्छा अवसर है. ये देश के मुद्दों पर चिंतन और पार्टी के सामने समस्याओं पर आत्मचिंतन दोनों ही है. सोनिया गांधी ने कहा, कांग्रेस में ढांचागत सुधार की बहुत जरूरत है.
गुजरात कांग्रेस के कद्दावर नेता हार्दिक पटेल कांग्रेस के चिंतन शिविर में नहीं पहुंचे हैं. हालांकि, उन्हें चिंतन शिविर में शामिल होने के लिए न्योता भेजा गया था. लेकिन वे नहीं पहुंचे. पिछले दिनों से हार्दिक पटेल की कांग्रेस से नाराजगी की खबरें लगातार आ रही हैं. इतना ही नहीं कयास लगाए जा रहे हैं कि वे बीजेपी में भी शामिल हो सकते हैं.
कांग्रेस नेता अजय माकन ने बताया कि चिंतन शिविर में एक परिवार एक टिकट पर चर्चा की जा रही है. इस पर सभी एकमत हैं. उन्होंने कहा, अगर परिवार के किसी अन्य सदस्य को टिकट लेना है, तो उसे पार्टी में 5 साल काम करना होगा.
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी उदयपुर पहुंच गई हैं. वे चिंतन शिविर में कांग्रेस नेताओं को संबोधित कर सकती हैं.
कांग्रेस के चिंतन शिविर में तीन दिनों में छह बड़े मुद्दों पर चिंतन मंथन होगा. इन मसलों के जरिए ही कांग्रेस देश में आने वाले दिनों में अपना रोडमैप तैयार करेगी. हालांकि 6 मुद्दे देश की राजनीतिक आर्थिक सामाजिक कृषि और युवाओं से जुड़े हुए मसले हैं जिनपर पार्टी अपना विजन देश के सामने रखेगी. इन्हीं मुद्दों के जरिए आज कांग्रेस देश की सियासत में आने वाले दिनों का रोडमैप तय करेगी. (इनपुट- शरत)
चिंतन शिविर से पहले कांग्रेस ने गुरुवार को कहा कि वह प्रमुख विपक्षी दल है, और उसे अपनी कमियों के बारे में जानकारी है. अपनी विचारधारा और संगठन पर काम पार्टी खुद को बदलने के लिए तैयार है. राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने कहा, कांग्रेस देश की प्रमुख विपक्षी पार्टी है और लोगों को इससे उम्मीदें हैं. ऐसे में यह शिविर देश के लिए है. इसके जरिए पार्टी नया संदेश देगी.
राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी उदयपुर पहुंच गई हैं. वहीं सोनिया गांधी 11 बजे उदयपुर पहुचेंगी. बताया जा रहा है कि वे चिंतन शिविर में नेताओं को संबोधित भी करेंगी.
राहुल गांधी की ट्रेन उदयपुर पहुंच गई है. राहुल के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंचे हैं. यहां सुबह से ही कार्यकर्ताओं का हुजूम लगा है.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी इस चिंतन शिविर में शामिल होने के लिए दिल्ली से उदयपुर ट्रेन से रवाना हुए. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जगह जगह पर राहुल गांधी का स्वागत किया. राहुल गांधी जब ट्रेन से चितौड़गढ़ पहुंचे तो यहां बड़ी संख्या में कार्यकर्ता स्वागत करने के लिए पहुंचे. राहुल गांधी से मुलाकात करने के बाद कार्यकर्ताओं ने उनके समर्थन में जमकर नारेबाजी की. इतना ही नहीं इस दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी को उपहार भी दिए. कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी से कहा, आप एक दिन पीएम बनें, देश की सेवा करें. आप जैसा नेता कोई नहीं है.